Homeनारायणपुर : जिले के लोगों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सुना : मुख्यमंत्री ने देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को किया रेखांकित

Secondary links

Search

नारायणपुर : जिले के लोगों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सुना : मुख्यमंत्री ने देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को किया रेखांकित

Printer-friendly versionSend to friend

नारायणपुर, 14 अगस्त 2016

मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह के आज आकाशवाणी से प्रसारित मासिक रेडियोवार्ता रमन के गोठ कार्यक्रम की 12वीं कड़ी को नारायणपुर जिले के नागरिकों और ग्रामीणांे ने उत्सापूर्वक सुना। प्रदेष के मुखिया डॉ रमनसिंह के इस रेडियोवार्ता को विषेष रूप से जिले के ग्रामीण ईलाकों के ग्रामीणों ने सुनने के लिए उत्सुकता दिखायी। वहीं नगरीय क्षेत्र में भी नागरिकों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने अपने मासिक रेडियोवार्ता रमन के गोठ कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए देश के आजादी में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायणसिंह, वीर गुण्डाधुर, पंडित रविशंकर शुक्ल, पंडित सुंदरलाल शर्मा, डॉ.खूबचंद बघेल, माधवराव सप्रे, पंडित वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, इंदरू केंवट आदि स्वतंत्रता सेनानियों के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महानायकों ने छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता का अलख जगाया। आजादी के इस आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता बापूजी छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का उत्साहवर्धन करने दो बार छत्तीसगढ़ आये। कंडेल सत्याग्रह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह जैसे आंदोलन आजादी के लिए छत्तीसगढ़ में हुए। इन सभी आंदोलनों में हमारे पूर्वजों ने बढ-़चढ़ कर हिस्सा लिया। रमन के गोठ के द्वारा मुख्यमंत्री ने हमारे वीर पुरखों ं के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया और इन स्वतंत्रता सेनानियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। अपने मासिक रेडियावार्ता में प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने कहा कि रमन के गोठ कार्यक्रम के प्रसारण का एक साल पूरा हो गया है। इस एक वर्ष में श्रोताओं का बहुत ज्यादा सहयोग और सुझाव मिला है। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश के आदिवासी बहुल अंचलों में विकास को एक नई दिशा मिली है। राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ समग्र विकास के लिए प्रभावी और समन्वित प्रयास किया है। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने कहा कि सरगुजा ईलाके को वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्ति मिल गयी है और बस्तर में भी अब हमें निर्णायक सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल में बस्तरिया बटालियन के गठन का निर्णय लिया है। मैं इसे अंचल के शौर्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से भी जोड़कर देखता हूं। इस बस्तर बटालियन के जरिये बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को भर्ती का मौका मिलेगा और बस्तर के नौजवान अपने पारंपरिक शौर्य का इतिहास दोहरायेंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी रेडियोवार्ता रमन के गोठ में श्रोताओं से प्राप्त पत्रों और सुझावों के लिए सभी का आभार प्रकट किया। इस दौरान नारायणपुर जिले के अंदरूनी गांवों फरसगांव, धौड़ाई, देवगांव, बिंजली इत्यादि स्थानों में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह के मासिक रेडियोवार्ता को तन्मयता के साथ सुना। वहीं जिला पंचायत के सभाकक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान देवगांव पोटा केबिन में अपने बच्चों से मिलने आये अबूझमाड़ ईलाके के मुरीबाई और कोला ने रमन के गोठ कार्यक्रम को सुनकर कहा कि प्रदेश के मुखिया ने हम सब को आजादी पर्व की बधाई देते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए हमें अभिप्रेरित किया है। वहीं स्कूली बच्चों भुनेश्वर, मन्नू, सुखदेव, नरेन्द्र गोटा, अनिल उसेण्डी, आशीष यादव आदि ने मुख्यमंत्री की बातों को सुनकर कहा कि प्रदेश के मुखिया ने आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन कर उनके योगदान के बारे में हमें महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

Date: 
14 Aug 2016