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नारायणपुर : नारायणपुर जिले में उत्साहपूर्वक सुना गया ‘‘रमन के गोठ कार्यक्रम’’ : मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को पुन्नी-छेरछेरा और मकर संक्रांति की दी बधाई

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कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभायेगा अग्रणी भूमिका-मुख्यमंत्री


नारायणपुर, 08 जनवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह के आज आकाशवाणी से प्रसारित मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम की 17वीं कड़ी को नारायणपुर जिले के नागरिकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सुना। प्रदेश के मुखिया डॉ. रमनसिंह के इस मासिक रेडियो वार्ता को विशेषकर जिले के गा्रमीण ईलाकों के ग्रामीणों ने श्रवण करने उत्सुकता दिखायी। वहीं नगरीय क्षेत्र में भी नागरिकों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान धुर माओवादी प्रभावित धौड़ाई, फरसगांव, खड़कागांव, बेनूर, भाटपाल,, गरांजी, बागडोंगरी, गढ़बेंगाल सहित देवगांव इत्यादि स्थानों में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह के रेडियो वार्ता को तन्मयता के साथ सुना। अपने रेडियो वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने प्रदेश की जनता को नये वर्ष की बधाई दी तथा कामना व्यक्त करते हुए कहा कि यह वर्ष प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और सफलताओं से परिपूर्ण होगी। वहीं उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पर्व पुन्नी-छेरछेरा सहित मकर संक्रांति की बधाई प्रदेशवासियों को दी। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने अपने रेडियो वार्ता में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को कालाधन की बीमारी से मुक्त कराने की पहल को ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल निरूपित करते हुए कहा कि इससे बेईमानों, षडयंत्रकारियों और स्वार्थी तत्वों के हौसले पस्त हुई है। अब ईमानदार और देशभक्त जनता का आत्मविश्वास बढ़ा है, जनता को पूरा विश्वास है कि अब देश में ईमानदारी की कद्र होगी और बेईमानों को घुटने टेकने पड़ेंगे। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक उपायों का लाभ गरीबों, किसानांे, महिलाओं, जरूरतमंदों, आवासहीनों और वरिष्ट नागरिकों को अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आर्थिक उपयों के फलस्वरूप अब जनता को नये आवास ऋण की ब्याज दर में कमी का लाभ मिलेगा होगी। वहीं बैंकों ने पुराने आवास ऋणांे की ब्याज दर भी घटा दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने रबी फसल के लिए 60 दिनों का ब्याज माफ करने, गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रूपये डीबीटी के माध्यम से देने, वरिष्ट नागरिकों को बैंक में स्थायी जमा पर 8 प्रतिशत ब्याज देने सहित लघु उद्योगों को 2 करोड़ रूपये की गारंटी देने की घोषणा भी की है।
    मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने प्रदेश की जनता को रेडियो वार्ता के जरिये संबोधित करते हुए नकदी रहित लेन-देन को बढ़ावा देने के उपायों और विकल्पों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया कि अब यूपीआई, यूएसएसडी, प्रीपेड वॉलेट, पीओएस मशीन, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिये लेन-देन कर सकते हैं। इस दिशा में छत्तीसगढ़ में ‘‘मोर खीसा एप ’’ लॉंच किया गया है, जो एक क्लिक पर सभी विकल्पों को दिखायेगा। इसमें से अपनी पसंद के विकल्प का इस्तेमाल कैशलेस भुगतान के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नकदी रहित लेन-देन के सभी तरीकों का प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है और अभी तक करीब 15 लाख नागरिक तथा एक लाख व्यापारी डिजीटल भुगतान का प्रशिक्षण ले चुक हैं और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। इन प्रशिक्षित लोगों को ही हम डिजीटल आर्मी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए सर्वाधिक लोगों को प्रशिक्षण देने वाला छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है। इस दिशा में जिला प्रशासन तथा सभी विभागों द्वारा पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिससे कैशलेस ट्रांजेक्शन करने वाले व्यापारियों और नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमें पूरा विश्वास है कि बहुत जल्दी ही हम प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को कैशलेस लेन-देन के लिए प्रशिक्षित कर देंगे और राज्य का हर नागरिक हमारी डिजीटल आर्मी का प्रशिक्षित सदस्य होगा। इससे डिजीटल साक्षरता का भी विस्तार बहुत तेजी से होगा। यह डिजीटल आर्मी जनसशक्तीकरण का माध्यम बनेगी और एक पंथ-कई काज की प्रासंगिकता को चरितार्थ करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नकदी रहित अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानांे के लिए वरदान है क्योंकि यह उनके मेहनत और अधिकार का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी। बड़े व्यापारी या बड़े प्रतिष्ठान बड़े भुगतान करते है, उसमें राशि भले बड़ी हो लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या कम होती है इसलिए मेरा मानना है कि बड़े व्यापारियों के लेनदेन में ईमानदारी और पारदर्शिता की दृष्टि से इसका उपयोग है। लेकिन गरीबों, मध्यमवर्गीय लोगों, छोटे दुकानदारों और आम जनता के लिए तो इसमें फायदे ही फायदें हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में बच्चे, महिलायें और बुजुर्ग जब मोबाईल फोन चलाना सीख लेते हैं, तो कैशलेस लेन-देन भी सीख सकते  हैं, इसके लिए बहुत पढ़े-लिखे होने की जरूरत नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से लेन-देन किया जा सकता है, आपका अंगूठा ही बैंक बन जायेगा। देश के प्रधानमंत्री ने इसके लिए ‘‘भीम एप ’’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेन-देन के लिए होगा। मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में प्रधानमंत्री द्वारा देश को कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए शुरू  की गयी पुरस्कार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अब हर जिले में ‘‘डिजी धन मेला’’ लगाया जायेगा, इसकी शुरूआत रायपुर जिले से हो चुकी है। इस मेले में एक महीने में डिजीटल लेन-देन करने वाले लोगों के नाम लाटरी निकाल कर नकद पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया की प्रदेश में 11 लाख किसानों को ‘‘रूपे कार्ड’’ वितरित किया जा रहा है, जिससे किसानों को कैशलेस बनाने में मदद मिलेगी। राज्य में करीब 9 हजार सामान्य सेवा केन्द्र और 12 हजार राशन दुकानों को अतिशीघ्र कैशलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षण और सुविधाआंे पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है और नकदी रहित लेन-देन के प्रति प्रशिक्षित लोगों की लगातार बढ़ोत्तरी के फलस्वरूप हमें विश्वास है कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभायेगा। जिले के नारायणपुर ब्लाक अंतर्गत फरसगांव, बागडोंगरी, भाटपाल सहित गढ़बेंगाल में रमन के गोठ कार्यक्रम श्रवण करने वाले श्रोताओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को प्रेरणास्पद बताया। इस मौके पर लाईवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षणार्थी हितेन्द्र कुमार, ललित सलाम, गंगाधर पात्र, हरिश कुमार, भुनेश्वरी दुग्गा, तोकेश्वरी नायक, विमला कश्यप, खेमेश्वरी राणा आदि युवाओं ने कैशलेस ट्रांजेक्शन के तरीकों को अपनाकर प्रधानमंत्री के द्वारा शुरू की गयी आर्थिक क्रांति को मुकाम तक पहुंचाने के लिए सहभागिता निभाने का संकल्प व्यक्त किया। वहीं आदर्श बुनियादी बालक आवासीय विद्यालय गरांजी के 12वीं कक्षा में अध्ययनरत् प्रहलाद, श्रवण कुमार, रोशन कुमार, जागेश्वर, रामकुमार, खेमेश्वर आदि छात्राओं ने नकदी रहित लेन-देन की जानकारी को उपयोगी और सार्थक निरूपित किया। वहीं लोक शिक्षा केन्द्र भाटपाल तथा लोक शिक्षा केन्द्र बागडोंगरी में रमन के गोठ कार्यक्रम श्रवण करने वाले प्रेरक नारायण बघेल और जोहरूराम ने कहा कि नकदी रहित लेन-देन के वैकल्पिक तरीकों के बारे में मिली जानकारी से लोग इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।


  क्रमांक 31/कमल
          
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Date: 
08 Jan 2017