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बलरामपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दी प्रदेश वासियों को होली पर्व की शुभकामनाएं

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ग्राम चित्तविश्रामपुर के ग्रामवासियों ने सुना रमन के गोठ

बलरामपुर 12 मार्च 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आकाशवाणी केन्द्रों से प्रसारित होने वाली मासिक रेडियोवार्ता रमन के गांेठ के 19 वीं कड़ी को विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम चित्तविश्रामपुर के ग्रामवासी बड़ी संख्या में सुनने उपस्थित हुये। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रमन के गांेठ में प्रदेशवासियों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लकड़ी और पानी का अपव्यय भी एक कुरीति है। होलिका दहन के लिए लकड़ी नहीं जलाना चाहिए बल्कि कंडा और कचरे जैसे चीजों का दहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि होली का यह पर्व सामाजिक समरसता एवं सौहार्द्र का पर्व है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विगत् 8 मार्च को महिला दिवस के संदर्भ में कहा कि छत्तीसगढ़ में स्त्री शक्ति सदैव से पूज्यनीय रही है इसके अलावा इसकी चारों दिशाओं में देवियों के शक्तिपीठ है। अतः शासन की समस्त योजनाओं में महिलाओं की तरक्की एवं खुशहाली के उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। सरस्वती सायकल योजना, कन्या छात्रावास, पोटाकेबिन, कस्तुरबा विद्यालय में 15 से 17 वर्ष की आयु की बेटियो की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई है। बेटियो की दर्ज संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय औसत 84 प्रतिशत से काफी ऊपर है और देश में 9वें स्थान पर है। इसके अलावा उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कुंवर बाई एवं राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित आरक्षक सुश्री स्मिता तांडी तथा दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत चीचा के सरपंच सुश्री उत्तरा ठाकुर का भी उल्लेख करते हुए सराहना किया। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर में सखी वन स्टॉप सेन्टर की स्थापना के साथ राज्य के सभी जिलों में इसकी स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि अब गांवों में विकास की प्राथमिकताएं बदल रही है और मोबाईल फोन तथा टॉवरों की मांग बढ़ी है। राज्य शासन ने नये बजट में शामिल संचार क्रांति योजना में 45 लाख स्मार्ट फोन बांटे जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 39 लाख ग्रामीणों, शहरी क्षेत्रों में 3 लाख परिवारों और कॉलेजों के 3 लाख विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन एवं सिम देने का निर्णय दिया गया है। इसी प्रकार राज्य में शुरु होने वाली डायल ‘‘112‘‘ योजना के विषय में उन्होंने बताया कि किसी भी दुर्घटना के समय घायल या संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद के लिए यह कारगर सिद्ध होगी। इससे त्वरित कार्यवाही से साथ पारदर्शिता, जिम्मेदारी, मदद और राहत के प्रावधान पुलिस व्यवस्था को नई दिशा दिया जायेगा। जरुरत पड़ने पर पुलिस, फायरब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी तत्काल मदद की जरुरत पड़ने पर एक ही नम्बर 112 डॉयल किया जा सकता है। नई प्रोद्योगिकी, नेटवर्किंग के और प्रबंधन के उपयोग से प्रारंभ होने वाली इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में 10 मिनट के अंदर और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर मदद पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के प्रथम चरण में 11 जिले को लिया गया है। इस योजना के तहत जीपीएस युक्त वाहनो और 50 मोटर सायकलो का भी नेटवर्क होगा। उन्होंने कहा कि लोक सुराज अभियान इस बार तीन चरणों में हो रहा है। पहले चरण में 26 से 28 फरवरी तक लोगों से आवेदन लिए गए है, दूसरे चरण में मार्च भर इन आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है तथा तीसरे चरण में 3 अप्रैल से 20 मई तक समाधान शिविर लगाकर लोगों को उनके समस्या के निराकरण की जानकारी दी जायेगी।
ग्राम चित्तविश्रामपुर के सरपंच श्री केश्वर प्रसाद लकड़ा, ग्रामीण श्री देवेन्द्र सिंह, श्री सूरज बड़ाईक, श्री गौतम सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने डॉयल 112 सेवा योजना एवं स्काई संचार क्रान्ति योजना को मुख्यमंत्री की एक बहुत अच्छी योजना बताया।


समाचार क्रमांक 117/2017

Date: 
12 Mar 2017