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बलरामपुर : लोगों ने सुनी ’’रमन के गोठ’’ छठवीं कड़ी : मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए दी शुभकामानाएं

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बलरामपुर 14 फरवरी 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज प्रातः 10.45 से 11.00 बजे तक आकाशवाणी कार्यक्रम ’रमन के गोठ’ की छठवी कड़ी में राज्य की जनता से अपने विचारों को व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सर्वप्रथम प्रदेश की जनता को बसंत पंचमी की बधाई दी एवं 22 फरवरी से शुरू हो रही राजिम कुम्भ मेला का नेवता सभी प्रदेश वासियों को प्रदेश की सस्कृति एवं परम्परा के अनुरूप ’’पिवंरा चांऊर’’ के साथ दिया तथा प्रदेश में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा में सम्मलित होने वाले छात्र-छात्राओं को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की विद्यार्थी के साथ उनका पुरा परिवार इस परीक्षा के समय जुड़ा है। इस लिए वे अपने व अपने परिवार के लिए अच्छी मेहनत कर सफलता हासिल करें। यदि किसी को कम अंक प्राप्त होता है तो इससे हतास होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया की अगर किसी को असफलता मिलती है तो दुगनें प्रयास के साथ जुट जाना होगा। उन्होंने कहा की बोर्ड परीक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारी की गई है, और ध्यान रखा गया है कि विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र जाने के लिए अधिक दुरी तय करना न पडे़। उन्होंने बताया की 1986 परीक्षा केन्द्र स्थापित किये गये है और इन परीक्षाओं में 8 लाख विद्यार्थी शामिल होगें।
उन्होंने इस कड़ी में बताया की महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए सखी-वन स्टॉप सेंटर की स्थापना रायपुर में की गई है। जिसमें पीड़िता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की सुविधाएं चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, परामर्श उपलब्ध करने के साथ ही 5 दिन तक ठहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने प्रसारण को सुनने वालो के साथ ही एनजीओ, महिला संगठन, जनप्रतिनिधी, सरपंच, एवं मीडिया से आग्रह किया है की वे सखी-वन स्टॉप सेंन्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार करें जिससे महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री अपने गोंठ में बताया कि अब तेन्दुपत्ता संग्रहण दर 1200 रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़ कर 1500 रूपये प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। जिससे 15 लाख तेन्दुपत्ता संग्रहक परिवारों को लाभ मिलेगा तथा 2016 में तेन्दुपत्ता संग्रहको को 250 करोड़ राशि वितरीत की जाएगी। तेन्दुपत्ता कार्य में लगे 10 हजार फड़ मुशियों के पारिश्रमिक में 5 रूपये प्रति मानक बोरा वृद्धि की गई है, जिससे उन्हें 25 रूपये प्रति मानक बोरा कमीशन मिलेगा। साथ ही संरक्षित अभ्यारण क्षेत्रो में रहने वाले 25 हजार आदिवासी परिवारों को जो तेन्दुपत्ता संग्रहण नहीं कर पाते उन्हें 2 हजार की राशि प्रति परिवार मुआवजा दी जाएगी एवं 12 लाख 50 हजार तेन्दुपत्ता संग्रहकों को चरण पादुका वितरीत की जाएगी।
 उन्होंने बताया की शिक्षा गुणवत्ता के सथा रोजगारपरकता पर हम जोर दे रहे है। नया रायपुर में ट्रीपल आई.टी. एवं भिलाई में आई.आई.टी. की स्थापना का कार्य प्रगति पर हैं, एवं साथ ही सभी जिलों में लाइवीहुड कॉलेजों की स्थापना की जा चुकी है। प्रदेश की सभी विकासखण्डों में आई.टी.आई. खोलने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकारी नौकरी में चयन का अधिकार उपलब्ध कराने के लिए 31 दिसम्बर 2016 तक सीधी भर्ती के पदो पर आयु सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति हेतु साक्षत्कार समाप्त कर दिया गया है। साथ ही अनुकम्पा नियुक्ति पर अधिकतम सीमा को 10 प्रतिशत् शिथिल कर दिया गया है। ग्राम दर्रीडीह के ग्रामीणों ने रमन की गोंठ को सुना एवं कार्यक्रम की सराहना की।

समाचार क्रमांक 77/2016
 

Date: 
14 Feb 2016