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बिलासपुर : चौपाल में ग्रामीणों ने सुनी ’रमन के गोठ’

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 बिलासपुर/11 अक्टूबर 2015

तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम काठाकोनी के चौपाल में ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से रेडियो के माध्यम से ’रमन के गोठ’ को सुनी। ग्रामीणजन रमन की बातों को सुनने के लिए काफी उत्सुक थे। चौपाल में उपस्थित तखतपुर के जनपद अध्यक्ष श्रीमती नूरिता प्रदीप कौशिक ने ’रमन के गोठ’ सुनने के बाद कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आसान तकनीक से जनता के बीच पहुंचे है। रेडियो वर्षों से ग्रामवासी सुनते रहे हैं और हर गांव में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रेडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हैं। ग्रामवासी भी अपनी बात प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहना चाहे तो पत्र के माध्यम से भेज सकते हैं। श्रीमती कौशिक ने चिरायु योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे भावी पीढ़ी स्वस्थ होगा, ग्रामीणजन इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस मौके पर उपस्थित अपर कलेक्टर श्री नीलकण्ठ टेकाम ने बताया कि अब प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को रेडियो के माध्यम से अपने घरों में और जिनके पास रेडियो नहीं है वे ग्राम पंचायत या ग्राम चौपाल में सामुहिक रूप से ’रमन के गोठ’ सुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता को हो और इसका लाभ उन्हें मिलें। श्री टेकाम ने कहा कि यदि किसी को अपनी बात मुख्यमंत्री से कहनी हो तो वे   पत्र के माध्यम से दें सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि बच्चों में पढ़ाई का स्तर सुधारें। इसके लिए केवल स्कूल के गुरूजी के भरोसे न छोड़ें, बल्कि ग्रामवासी भी अपने बच्चों एवं शिक्षकों के साथ बैठकर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चर्चा करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियाद अच्छी होगी, तो उनका भविष्य भी उज्जवल होगा। श्री टेकाम ने गांव की प्रगति और शांति व्यवस्था के लिए सबकों आपसी सामंजस्य के साथ रहने की समझाइश दी। उन्होंने गांव के खेतों को बचाकर अच्छी तरह से खेती-किसानी करने ग्रामीणों को सुझाव दिए। इस मौके पर एसडीएम श्री गुप्ता, सीईओ श्री वर्मा एवं गांव के सरपंच श्री दीपक सिंह भी मौजूद थे।
’रमन के गोठ’ म छत्तीसगढ़ी संस्कृति अउ किसान के हित के बात रहिस-
    काठाकोनी ग्राम के श्री ढेलुराम, पिता पंचमदास ने ’रमन के गोठ’ सुनकर कहा कि मुख्यमंत्री के गोठ बात सुने बर मिलिस, अच्छा लगिस। उन मन हमर पुरखा-पितर के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के विकास होही कहिन। उसी गांव के श्री भागीरथी यादव, पिता चैतुराम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के गोठ ल सुनेन, उमन छत्तीसगढ़ राज के देवी-देवता मन के गोठ बात करत बस्तर दशहरा के इतिहास ल बताइन, अच्छा लगिस। उसी गांव के फिरंता जांगड़े ने कहा कि ’रमन के गोठ’ सुनके अच्छा लगिस। फिर हमर मुख्यमंत्री से निवेदन हे कि उनमन ए साल किसान के बोनस बढ़ा के देहि तौ किरपा होही। उकर बात म छोटे-छोटे काम-धंधा वाला मन के योजना बढ़ाय के बात घलउ करिस।
हमारा मुख्यमंत्री संवेदनशील-
    इसी तरह काठाकोनी गांव की श्रीमती धन कुमारी ने आकाशवाणी से रमन के गोठ सुनकर कहा कि उन्हें सुनकर अच्छा लगा। मुख्यमंत्री की बातों में लोगों की हित की बाते थी। वहीं सुकवरिया बाई पति रामलखन निषाद का कहना था कि गांव में पहले की तरह राशन मिलना चाहिए। गांव में हुए अतिक्रमण को भी हटाना चाहिए। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी। इसी तरह काठाकोनी के तिलक राम, विशाल मरावी, श्रीमती फगुनी बाई और कुमारी बाई सोनवानी ने रेडियो पर मुख्यमंत्री द्वारा लोक संस्कृति, अपने पितरों एवं सूखे से प्रभावित किसानों के लिए राहत देने की बात को सुनकर अच्छा लगा। यह उनके संवेदनशीलता को दर्शाता है।   
शंकर को आज ’रमन के गोठ’ नहीं सुन पाने का अफसोस -
    पान ठेला चलाने वाले शंकर यादव ने आज रेडियो पर ’रमन के गोठ’ को नहीं सुन पाने के लिए अफसोस जताया, जबकि वह प्रतिदिन रेडियो सुनते हैं। उनका उसलापुर मुंगेली रोड में पान की दुकान है। वे अपने दुकान में हमेशा रेडियो सुनते हैं। आज उन्हें दुकान आने में विलंब हुआ। इस कारण से वे नहीं सुन पाये। श्री यादव ने बताया कि वे रेडियो में ’रमन के गोठ’ का विज्ञापन सुनकर इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी थी। उन्होंने बताया कि पिछले माह वे रेडियो पर ’रमन के गोठ’ को सुना था। उन्हें छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार और व्यंजन को मुख्यमंत्री के मुख से सुनकर काफी अच्छा लगा था। जिसकी उन्होंने सराहना की।

 

समाचार क्रमांक/1324/साय  


 

 

Date: 
11 Oct 2015