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बिलासपुर : प्रयास आवासीय विद्यालय के छात्रों ने सुना ’’रमन के गोठ’’

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बिलासपुर, 11 दिसंबर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के रमन के गोठ कार्यक्रम की 16वीं कड़ी का प्रसारण आज किया गया। प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर के छात्रों ने  उत्साहपूर्वक ’’रमन के गोठ’’ को सुना। विगत् 13वर्षों में प्रदेश के विकास एवं शासन द्वारा चलाये जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी छात्रों को इस गोठ के माध्यम से मिली। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज पर उच्च शिक्षा के लिए ऋण, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना, 108 और 102 एम्बुलेंस, तेन्दुपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना, कौशल उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सुजला योजना, कैशलेस ट्रांजेक्शन, 12वीं तक छात्राआंे को स्कूल और इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्नीक में निःशुल्क शिक्षा देने की योजना के बारे में पहली बार जाना। छात्रों ने कहा कि यह उनके लिए बहुत लाभदायक जानकारी है। 12वीं कक्षा के बायोलॉजी के छात्र निखिल यादव को कैशलेस ट्रांक्जेक्शन, प्लास्टिक मनी, ई-बटुवा के बारे में जानकर बहुत अच्छा लगा कि अब सरकार नगदी रहित लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। भविष्य में इससे देश की अर्थव्यवस्था को बहुत फायदा होगा। 12वीं कक्षा के गणित विषय के छात्र चन्द्र साहू जो गरियाबंद से आकर यहां पढ़ाई कर रहा है। उसे उच्च शिक्षा के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने की योजना की जानकारी मिली। वह भविष्य में आईआईटी करना चाहता है। जिसके लिए इस योजना से वह ऋण ले सकता है। जशपुर निवासी 11वीं के छात्र विवेकानंद सिदार भविष्य में मेडिकल के क्षेत्र में जाना चाहता है। रमन के गोठ सुनकर उसे पता चला कि प्रदेश में अब 10 मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ एम्स मेडिकल कॉलेज खुल गया है। इससे ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को मेडिकल की पढ़ाई का मौका मिलेगा। धमतरी के जिले 11वीं के छात्र मिनेश कुमार कंवर  इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है। प्रदेश में आई.आई.टी. के साथ-साथ ट्रीपल आई.टी., एनआईटी और 49 इंजीनियरिंग कॉलेज में उसे पढ़ने का अवसर मिल सकता है। यह जानकार उसका उत्साह दुगुना हो गया है। गरियाबंद जिले से आकर प्रयास में 11वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्र नेमचंद बघेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में तेन्दुपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित योजनाओं को बहुत लाभदायक बताया। नेमचंद की मां तेन्दुपत्ता संग्रहण व मजदूरी का काम कर परिवार का भरण-पोषण करती है। प्रतिभावान छात्र नेमचंद को 10वीं में 80 प्रतिशत अंक मिले थे। सरकार की योजना के तहत् उसको 15 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। वह भविष्य में वायु सैनिक बनना चाहता है। राजनांदगांव जिले के छुई खदान में रहने वाले शशिकांत सूर्यवंशी 12वीं में पढ़ रहा है। भविष्य में वह डॉक्टर बनकर सभी को रोगमुक्त करना चाहता है। उसकी मां खेतों में मजदूरी करती है। उसे प्रधानमंत्री उज्जवला योजना बहुत फायदेमंद लगी। उसके घर में भी इस योजना के तहत् निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है। अब उसकी मां चूल्हे में खाना नहीं बनाती, बल्कि गैस सिलेण्डर का उपयोग करती है और बार-बार लकड़ी इकट्ठे करने की चिन्ता भी नहीं होती। अपनी मां को परेशानी से मुक्त देखकर उसे भी खुशी होती है। बीजापुर के छात्र राकेश दुर्गम को यह जानकारी खुशी हुई कि   मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत् छत्तीसगढ़ में स्मार्ट कार्ड के माध्यम से कैशलेस ट्रांजेक्शन पहले से हो रहा है। प्लास्टिक मनी को बढ़ावा देने की योजना को बहुत अच्छी योजना बताया। सरगुजा जिले के विकासखण्ड सीतापुर के छोटे से गांव सहनपुर से आकर यहां पढ़ने वाले छात्र हंसकुमार प्रधान के परिवार के पास अंत्योदय योजना का गुलाबी कार्ड है। जिसके द्वारा उन्हें 35 किलो चावल के साथ-साथ पीडीएस के तहत् निःशुल्क अमृत नमक और 5 रूपये किलो में चना प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना की मदद से उनके परिवार का गुजारा चल रहा है। सरकार की इस योजना को उसने गरीबों के लिए एक बड़ा सहारा बताया। उसे प्रयास विद्यालय में निःशुल्क रहने, खाने, कोचिंग की सुविधा मिल रही है। वह भी भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है। उसके लिए वह लगन से पढ़ाई कर रहा है।    

समाचार क्र./3966/अग्रवाल   

 

Date: 
11 Dec 2016