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बिलासपुर : श्रमिकों ने सुना रमन का गोठ : कौशल उन्नयन से सुधरेगा श्रमिकों का जीवन स्तर

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बिलासपुर, 10 जुलाई 2016

रमन के गोठ के 11वीं कड़ी का प्रसारण आज बिलासपुर के श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कौशल उन्नयन योजना के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताई। जिससे श्रमिकों को कौशल विकास के द्वारा अपना जीवन स्तर सुधारने के लिए प्रेरणा मिली।
कलेक्टर के निर्देश पर रमन के गोठ का प्रसारण सुनने के लिए श्रम विभाग द्वारा श्रमिक भवन में विशेष व्यवस्था की गई थी। नगर निगम के एल्डरमेन श्री महेश चन्द्रिकापुरे, सहायक श्रमायुक्त श्रीमती अनिता गुप्ता, श्रम विभाग के कर्मचारी, श्रमिक मित्र और रोजी, मजदूरी करने वाले श्रमिक बड़ी संख्या में प्रसारण सुनने के लिए उपस्थित थे। रमन के गोठ सुनने के पश्चात् श्री चन्द्रिकापुरे ने कहा कि उन्होंने पहली बार यह प्रसारण सुना जिसे सुनकर वे अत्यंत प्रभावित हुए है। पिछली कड़ियों का प्रसारण वे नहीं सुन पाये थे। जिसका उन्हें बहुत मलाल हो रहा है। आगे से हर माह के दूसरे रविवार को वे अवश्य ही यह गोठ सुनेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगांे से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने घरों-मोहल्ले में यह प्रसारण जरूर सुने। मुख्यमंत्री ने खेती किसानी, किसानों का बीमा, ऋण के बारे में जो बताया है वह बहुत लाभदायी है। बहकावे में आकर किसी व्यक्ति के पास अपनी मेहनत की कमाई जमा नहीं करना चाहिए। श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार ने बहुत सी योजनाएं बनाई है। इसका फायदा लेने के लिए श्रमिकों सबसे पहले अपना पंजीयन करवाना चाहिए। श्रीमती अनिता गुप्ता ने कहा कि सरकार जनता के जो भी योजनाएं बनाते हैं उसका झलक रमन के गोठ में दिखाई देता है। हर वर्ग के लोगों के लिए यह प्रसारण लाभदायक है।  
        रमन का गोठ सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए श्रमिक मित्र और मुंशी का काम करने वाले छोटेलाल गौतम ने कहा कि कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के बारे में जानकर वे बहुत प्रभावित हुए हैं। कम पढ़े-लिखे लोगों को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिससे हमें भी गरीबी से उपर उठने का मौका मिलेगा। रोजी-मजदूरी करने वाले प्रेम प्रसाद कल्याणी ने कहा कि कौशल विकास के लिए कानून बनाकर सरकार ने हम श्रमिकों के लिए एक रास्ता खोल दिया है। श्रम मित्र आशा प्रधान और किरण पाटले को शिक्षा के बारे में कही गई बातें प्रेरणादायी लगी। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार जो प्रयास कर रही है। उसके द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। वे दोनों स्वयं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई है। काम के अभाव में पलायन करने वाले मजदूर महिलाओं को श्रम विभाग की योजना के तहत् सिलाई का प्रशिक्षण देकर इनसे गणवेश सिलाई का काम करवा रही है। जिससे इन महिलाओं के साथ लगभग 300 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। रेजा का काम करने वाली सुनिता और राखी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिना पूछे किसी भी कंपनी के पास पैसा जमा नहीं करने के लिए हमें सावधान किया। जिसके लिए हम उनके बहुत आभारी हैं। 

 
समाचार क्रमांक/ 2953/अग्रवाल
 


 

Date: 
10 Jul 2016