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बिलासपुर : ’रमन के गोठ’-महत्वपूर्ण लोगों की जुबानी

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बिलासपुर/11 अक्टूबर 2015

डॉ. सोमनाथ यादव- बिलासा कला मंच के संस्थापक एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. यादव ने रेडियो पर ’रमन के गोठ’ को सुनकर कहा कि मुख्यमंत्री ने कांकेर के एक श्रोता की बातों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक, पुरातात्विक धरोहर की संरक्षण की बात कही है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के विलुप्त हो रहे लोक संगीत, लोकगीत एवं लोक कला के संरक्षण के लिए इससे जुड़े लोगों की समिति बनाकर पहल करने की बात कही।
श्री नंदकिशोर तिवारी-छत्तीसगढ़ के लोक साहित्यकार श्री तिवारी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने मुद्रा योजना के तहत् छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों का सर्वेक्षण कर उनके आर्थिक स्तर को उंचा उठाने के लिए कार्य योजना बनाकर पहल करना चाहिए।
श्री हरीश केडिया-लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री केडिया ने कहा कि कौशल उन्नयन एवं मुद्रा बैंक योजना से लघु उद्यमियों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। उन्होंने इस योजना को लघु व्यवसायियों के लिए उपयोगी बताया। श्री केडिया ने कहा कि नई रेल कारीडोर से छत्तीसगढ़ के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
श्री देवेन्द्र राव सोमावार-अधिवक्ता एवं छ.ग. छत्री आदिवासी समाज के अध्यक्ष श्री सोमावार ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए एवं स्वच्छता अभियान के प्रति लोगांे में जागरूकता की कमी है। इसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए मुद्रा योजना कारगर सिद्ध हो सकेगा।
श्री रूद्र अवस्थी-वरिष्ठ पत्रकार श्री अवस्थी ने ’रमन के गोठ’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। ताकि ग्रामीण मजदूर एवं किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर को सहेजने के लिए आवश्यक पहल करने पर विशेष जोर दिया। श्री अवस्थी ने नई रेलवे कारीडोर के लिए किये जा रहे कार्यों की सराहना की। यह छत्तीसगढ़ के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
श्री प्रहलाद कश्यप-बिल्हा विधायक प्रतिनिधि श्री कश्यप ने ’रमन के गोठ’ सुनने के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अवर्षा की स्थिति में किसानों के लिए किये जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रति क्विंटल धान के बोनस बढ़ाना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने पर्याप्त स्वरोजगार के अवसर सुलभ कराने के लिए भी विशेष जोर दिया।

 

समाचार क्रमांक/1325/साय

 

Date: 
11 Oct 2015