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बैकुण्ठपुर : तालाबों की अपनी एक विशेष संस्कृति-डॉ.सिंह : नये सीजन में तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक में होगी वृध्दि : अब 1800 रूपये प्रति मानक बोरा के मान से मिलेगा पारिश्रमिक

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आम नागरिकों के साथ साथ अपर कलेक्टर और कन्या छात्रावासों की छात्राओं ने भी सुना रमन के गोठ
आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 18वीं कड़ी प्रसारित

बैकुण्ठपुर 12 फरवरी 2017

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 18वीं कड़ी को भी विगत 17 कड़ियों की तरह शहरों और गांवों में लोगों ने उत्साह के साथ सुना। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 18वीं कड़ी का प्रसारण आज प्रातः 10.45 बजे से 11.05 बजे तक आकाशवाणी के सभी केन्द्रों के माध्यम से किया गया। जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर स्थित नगर पालिका परिशद के सभाकक्ष में आम नागरिकों, जन प्रतिनिधियों, के साथ साथ अपर कलेक्टर श्री ज्योति प्रकाश कुजूर, नगर पालिका बैकुण्ठपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री रमेश शर्मा, लोक शिक्षा समिति के जिला परियोजना अधिकारी श्री उमेश जायसवाल एवं घडी चौक के समीप स्थित बडी संख्या में प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास बैकुण्ठपुर की छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को तल्लीनता के साथ सुना। कलेक्टर श्री एस प्रकाश के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को सुनने के लिए जिले मे व्यापक व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में कहा कि छत्तीसगढ़ में तालाबों की अपनी एक विशेष संस्कृति है। इसका ऐतिहासिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व भी है जो स्थानीय आबादी की आस्था के साथ-साथ उसकी आजीविका से भी जुड़ता है। तालाबों की वजह से भू-जल स्तर बना रहता है। डॉ. सिंह ने कहा कि तालाबों के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा वेटलैण्ड प्राधिकरण का गठन किया गया है और हम राज्य के वेटलैण्ड नीति बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. मरोठिया द्वारा तालाबों के संरक्षण और वेटलैण्ड के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। डॉ. सिंह ने कहा तेन्दूपत्ता संग्राहकों को तेरह साल पहले सिर्फ 350 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था, जिसे क्रमशः बढ़ाते हुए हमने 1500 रूपए कर दिया और अब यह फैसला किया है कि नये सीजन में उनकी पारिश्रमिक दर 1800 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया जाए। इस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाला पारिश्रमिक पांच गुना से ज्यादा कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में परीक्षाओं के मौसम को ध्यान में रखकर छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त रहने, परीक्षा का तनाव दूर करने के लिए पढ़ाई के बीच कुछ समय मिलने पर योग अभ्यास और हल्का फुल्का व्यायाम करने की समझाइश दी है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिम्मत नही हारने की भी सलाह दी है। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विभिन्न नवाचारों (नये प्रयोगों) का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं ज्यादातर समय जनता के बीच रहता हूं, दूर-दराज के गांवों का दौरा करता हूं। लोगों के बीच बैठता हूं तो समस्याएं भी पता चलती है और समाधान के तरीके भी निकलते हैं। मुझे लगता है कि ‘नवाचार’ की सबसे अच्छी एप्रोच यही है कि जो कार्य नही हो पो रहा है, वह जल्द से जल्द किसी नये तरीके से हो जाए। उन्होंने उदाहरण के लिए कहा जब हमने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) को ठीक करने के लिए कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी (आई.टी.) का उपयोग किया, तो एक नवाचार ही था। जब 20 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेललाईन बिछाने का सवाल आया तो हमनें ऐसी तमाम संस्थाओं से बात की, जिनको उनसे लाभ मिलता है और वे सब सहमत हो गए, तो यह भी एक ‘नवाचार’ है कि राज्य सरकार का ज्यादा पैसा लगे बिना बहुत बड़ा काम हो गया। इसी कड़ी में डॉ. रमन सिंह ने गांवों और वन क्षेत्रों में विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए शुरू की जाने वाली ‘मुख्यमंत्री मेडिकल फेलोशिप’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने गरियाबंद जिले के जंगलों से घिरे ग्राम रसेला (विकासखंड-छुरा) की महिलाओं द्वारा बड़ी-बड़ी कम्पनियों के मुकाबले में बनाए जा रहे सी.एफ.एल. बल्ब का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मासिक मानदेय 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार और ‘मीसाबंदियों’ की मानदेय राशि भी 50 से 66 प्रतिशत तक बढ़ाने घोशणा की। मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में सभी लोगों से नया रायपुर में पहली बार 19 फरवरी को होने वाले 21 किलोमीटर के राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में शामिल होने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि इस हाफ मैराथन के अलावा दस, पांच, तीन, दो और एक किलोमीटर की दौड़ भी आयोजित की जा रही है। हाफ मैराथन दौड़ 13 समूहों में होगी, जिसमें कुल 30 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार तीन लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार दो लाख रूपए, तृतीय पुरस्कार एक लाख रूपए, चौथा पुरस्कार पचास हजार रूपए, पांचवा पुरस्कार पच्चीस हजार रूपए का होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के अलावा इसमें राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी भी शामिल होंगे। बालक-बालिकाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग वर्ग भी बनाए गए हैं। उन्होने कहा कि राज्य स्तरीय हाफ मैराथन पहला अवसर है। इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बने और आगामी वर्षों में बड़े-बड़े लोग इसमें शामिल होने आएं।

रमन के गोठ पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ के संबंध मे प्रतिक्रिया देते हुए श्री सुनील शर्मा ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा सी.एफ.एल. बल्ब का निर्माण किया जा रहा है वो सराहनीय है। उन्होने ऐसा प्रशिक्षण दूरस्थ अंचलों में भी देने की बात कही। इसी क्रम में श्री प्रवेश द्विवेदी ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को नये सीजन में बढाई गई प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक को राज्य सरकार का एक सराहनीय कदम बताया। इसी तरह श्री प्रसांत सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की प्रशंसा की। उन्होने मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह द्वारा तालाबों की संरक्षण और संवर्धन के लिए बनाई गई वेटलेण्ड नीति की सराहना की।
समाचार क्रमांक 154/लहरे

 

Date: 
12 Feb 2017