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बैकुण्ठपुर : युवा रोजगार मांगने वाले नही देने वाले बने: डॉ.रमन सिंह : बच्चों को परीक्षाओं में कम नम्बर पर हताष नही होने की सलाह

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रमन के गोठ सुनने के लिए लोगो में दिखी उत्सुकता
 जिले में रमन के गोठ की छठवी कड़ी का प्रसारण सम्पन्न

बैकुण्ठपुर 14 फरवरी 2016

प्रदेष के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की छठवी कड़ी को आज प्रातः 10.45 से 11 बजे मध्य जिला मुख्यालय स्थित लाईवलीहुड कॉलेज में आम नागरिको, अधिकारियों-कर्मचारियों और लाईवलीहुड कॉलेज के विद्यार्थीयों ने तल्लीनता से सुना। इसके अलावा जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों, नगरीय निकायों और सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीणो एवं छात्रावास और स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी रमन के गोठ कार्यक्रम को ध्यान से उत्साह पूर्वक सुना। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को सुनने के लिए जिला प्रषासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ का प्रसारण आकाषवाणी के सभी केन्द्रो के साथ-साथ, एफएम रेडियो, आईबीसी 24 ई.टी.व्ही सीजी-एमपी, जी.टी.व्ही, स्वराज एक्सप्रेस एवं साधना न्यूज एवं बंसल न्यूज सहारा समय सीजी-एमपी से एक साथ किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ के संबंध मे प्रतिक्रिया देते हुए लाईवलीहुड कॉलेज के विद्यार्थी श्री आषीष कुमार, दीपक कुमार और नीरज कुमार ने कहा कि रमन के गोठ के माध्यम से युवा शक्ति को जो प्रेरणा मिली है वह पं्रषानीय है। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से युवा शक्ति अपनी क्षमता, काबिलियत पहचानकर देष के उत्तरोत्तर विकास में सहभागी बनेगें। लाईवलीहुड कॉलेज के ही छात्र श्री संदीप कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो रमन के गोठ को पहली बार सुन रहे है। जो दिल को छूने वाला है। उन्होनंे कहा कि छत्तीसगढ़ की नागरिको को राजिम कुंभ के लिए पीले चावल के साथ न्यौता देना सराहनीय है। जिले के नागरिक ऐसी न्यौता प्राप्त कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे है। इसी तरह जिले के नागरिक श्री दीपक दास ने  बच्चों को परीक्षा में कम नम्बर पर हताष नही होने की सलाह की मुक्तकंठ से सराहना की।
    मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने आज सबेरे आकाषवाणी से अपने मासिक प्रसारण रमन के गोठ की छठवी कडी में प्रदेष वासियों को बसंत पंचती और माघी पूर्णिमा के अवसर पर 22 फरवरी से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्व राजिम कुंभ तथा वार्शिक परीक्षाओं के लिए प्रदेष के लाखों बच्चों को अपनी शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को जिला कलेक्टर श्री एस प्रकाष, जिले के पुलिस अधीक्षक श्री बी.एस.ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजीव झ्ाा, लाईवलीहुड कॉलेज के प्राचार्य श्री उमेष जायसवाल, नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री एम.एस.
टेकाम, जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.पन्ना ने भी सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को तल्लीनता से श्रवण किया।
    मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने रमन  के गोठ में कहा कि प्रदेष के युवाओं की कौषल उन्नयन और उन्हें रोजगार से जुडने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक कदम उठाये गये है। उन्होनें बताया कि राज्य शासन द्वारा युवाओं के लिए रोजगारमूलक षिक्षा और प्रषिक्षण की व्यवस्था की गई है। युवा कौषल उन्नयन योजनाओं के साथ जुडें और वे रोजगार मांगने वाले के रूप में नही बल्कि रोजगार देने वाले बने। उन्होनंे कहा कि नया रायपुर में ट्रिपल आईटी की स्थापना की जा चुकी है। भिलाई में आई.आई.टी की स्थापना कार्य प्रगति पर है। सभी 27 जिलों में लाईवलीहुड कॉलेज खुले जा चुके है। हर विकासखण्ड में कम से कम एक आईटीआई खोलने का लक्ष्य है। युवाओं को सरकारी नौकरी में चयन का अधिक अवसर देने के लिए 31 दिसम्बर 2016 तक सीधी भर्ती के पदो पर आयु सीमा 35 वर्ष से बढाकर 40 वर्श कर दी गई है। तृतीय श्रेणी के पदो पर अनुकम्पा नियुक्ति के बकाया मामलों में 10 प्रतिषत से अधिक सीमा को एक साल के लिए षिथिल कर दिया गया है और तृतीय श्रेणी (गैरकार्यपालिक) तथा चतुर्थ श्रेणी के पदो के लिए साक्षात्कार के प्रावधान को भी समाप्त कर दिया गया है।
    मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि इस महीने कि 23 फरवरी से बोर्ड परीक्षाओं का मौसम षुरू हो रहा है। उन्होनें प्रदेष के लाखों बच्चों को पूरी मेहनत और लगन  के साथ परीक्षा देने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होनें बच्चों से कहा कि परीक्षा में कम नम्बर मिलने पर हतास होने जरूरत नही है। उन्होनें कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में प्राप्त सफलता बच्चों के सुनहरे भविश्य को तय करती है। उन्होनें परीक्षा के लिए पूरे परिश्रम और मनोयोग से जुड जाने का आग्रह किया। बल्कि जीवन के संघर्श में आगे बढने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने टोहनी प्रताडना, धरेलु हिंसा और यौन अपराधो की वजह से पीडित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्वता को भी दोहराया। उन्होनें कहा कि पीडित महिलाओं को त्वरित न्याय मिले इसके लिए कानून में जितनी सख्ती और कठोर दण्ड का प्रावधान हो सकता था वह किया गया है और उनकी मदद के लिए राजधानी रायपुर में देष के प्रथम सखी-वन स्टाप सेंटर की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री रमन के गोठ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महीने की 21 तारीख को होने वाली छत्तीसगढ यात्रा की खुषखबरी दी और सभी लोगो को राजनांदगांव जिले के ग्राम कुर्रूभाट में प्रधानमंत्री के हाथों ष्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन योजना के शुभारंभ समारोह में शामिल होने आमंत्रण दिया।
    मुख्यमंत्री  डॉ.रमन सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में प्रदेष वासियों को बताया कि राज्य में तेंदूपत्ता सहित, लघुवनोपज सीजन भी शुरू होने जा रहा है। प्रदेष के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगो और आदिवासियों को लघुवनोपजों के कारोबार का लाभ और उन्हें उनकी मेहनत का सही मोल दिलाने तथा बिचौलियों से बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है। तंेदुपत्ता संग्रहण की वर्तमान दर 1200 रूपये प्रतिमानक बोरा को बढाकर 1500 रूपये प्रतिमानक बोरा कर दिया गया है। चालू वर्श 2016 में तंेदूपत्ता संग्राहकों को तंेदूपत्ता संग्रहण कार्य के लिए लगभग 250 करोड रूपये का पारिश्रमिक दिया जायेगा। तंेदूपत्ता के इस कार्य में संलग्न लगभग 10 हजार फड मुषिंयो के पारिश्रमिक में 5 रूपये मानक बोरा की वृद्वि करने के निर्देष दिये गये है। अभ्यारण्यों और रिजर्व टाइगर जैसे संरक्षित क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 25 हजार आदिवासी परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण नही कर पाते है। इस लिए उन्हें प्रति परिवार 2 हजार रूपये का मुआवजा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरणपादुकाएं भी निःषुल्क दी जायेगी। उन्होनंे बताया कि तेंदूपत्ते के साथ-साथ साल बीज, हर्रा, ईमली, लाख, चिरौजी और महुआ टोरा जैसे लघु वनोपजों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए क्रय येाजना में षामिल किया गया है। इसके जरिए वनवासी परिवारों को लगभग 54 करोड रूपये वितरित किये जायेगें। मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने तेंदूपत्ता संग्रहण और लघु वनोपज विक्रय में बिचौलियों से दूर रहकर सरकार की योजनाओं की लाभ उठाने के लिए वनवासी परिवारों से आग्रह किया।


समाचार क्रमांक 270//लहरे/2016
 

Date: 
14 Feb 2016