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बैकुण्ठपुर : स्काई योजना के तहत बांटे जायेंगे 45 लाख स्मार्ट फोन : लगेंगे 15 सौ नये टावर-डॉ.सिंह

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खेत-खलिहानों, पंचायतों और चौपालों में बैठकर बनता है बजट
आत्मीयता का, प्रेम का और हास्य-व्यंग्य की फुहारों में भीगने का त्यौहार है ‘‘होली‘‘ मुख्यमंत्री ने दी बधाई
आम नागरिकों के साथ साथ अपर कलेक्टर और कन्या छात्रावासों की छात्राओं ने भी सुना रमन के गोठ
आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 19वीं कड़ी प्रसारित

बैकुण्ठपुर 12 मार्च 2017

 प्रदेष के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 19वीं कड़ी को भी विगत 18 कड़ियों की तरह शहरों और गांवों में लोगों ने उत्साह के साथ सुना। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 19वीं कड़ी का प्रसारण आज प्रातः 10.45 बजे से 11.05 बजे तक आकाशवाणी के सभी केन्द्रों के माध्यम से किया गया। जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर स्थित मानस भवन में आम नागरिकों, जन प्रतिनिधियों, के साथ साथ अपर कलेक्टर श्री ज्योति प्रकाष कुजूर, बैकुण्ठपुर अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अमृतलाल ध्रुव, नगर पालिका बैकुण्ठपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री रमेष षर्मा, लोक षिक्षा समिति के जिला परियोजना अधिकारी श्री उमेष जायसवाल के साथ-साथ मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को तल्लीनता के साथ सुना। कलेक्टर श्री एस प्रकाष के निर्देष पर जिला प्रषासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ को सुनने के लिए जिले मे व्यापक व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 19वीं कड़ी में जनता को सम्बोधित करते हुए सभी लोगों को होली की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होने कहा कि होली पर्व प्रकृति के खूबसूरत रंगों का आनंद लेने का त्योैहार है। यह त्यौहार आत्मीयता का, प्रेम का और हास्य-व्यंग्य की फुहारों में भीगने का त्यौहार भी है। उन्होने सभी लोगों से हरियाली तथा प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को बचाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा-होली हमारा बहुत बड़ा त्यौहार है, जो होलिका दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाईयों की जीत का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई परिस्थितियोें में लकड़ी और पानी का अपव्यय भी एक कुरीति है। उन्होंने इसे रोकने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि होलिका दहन के के लिए पेड़ों को नहीं काटना चाहिए और लकड़ी नहीं जलाना चाहिए, बल्कि कंडा और कचरे जैसी चीजों का दहन करना चाहिए। उन्होंने कहा-होली का त्यौहार फागुन की मस्ती में अमीर-गरीब, जाति वर्ग के आदि के बंधन को तोड़कर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलने का है।
डॉ. सिंह ने ’रमन के गोठ ’ में राज्य सरकार के नये बजट में शामिल संचार क्रांति योजना (स्काई) में 45 लाख स्मार्ट फोन बांटने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हमने 39 लाख ग्रामीणों, शहरी क्षेत्रों के तीन लाख परिवारों और कॉलेजों के तीन लाख विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन और सिम देने का निर्णय लिया है। इस योजना की लागत 800 करोड़ रूपए होगी। इसमें से इस बार के बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 29 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन है और आज भी राज्य का 36 प्रतिशत भू-भाग मोबाइल अथवा इंटरनेट या किसी भी प्रकार की कनेक्टिविटी से दूर है। जो अमीरों और गरीबों के बीच की खाई से भी बड़ी गहरी खाई है। इस अंतर को समाप्त करना बहुत बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए उन्होने संचार क्रांति (स्काई) योजना के तहत प्रदेष में 15 सौ नये टावर लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संचार क्रांति योजना(स्काई) के तीन मुख्य काम होंगे- स्मार्ट फोन वितरण, टावरों की स्थापना और मोबाइल फोन के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान और इसका उपयोग। इसके माध्यम से ’ई-सेवाओं’ का विस्तार होगा। स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ेगी। योजना का लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा, जिनके लिए जन-धन खाते, आधार कार्ड और मोबाइल फोन को मिलाकर ’जैम’ बनता है। इसके जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) भी सुनिश्चित हो सकेगा।
 मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि बजट मंत्रालय में बैठकर नहीं, बल्कि खेत-खलिहानों, पंचायतों और चौपालों में जनता के बीच बैठकर बनाता हूं। तभी गांव-गरीब और किसान मेरे बजट के केन्द्र में होते हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि वह अपनी बजट की प्राथमिकताएं लोक सुराज अभियान से तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस बार के लोक सुराज अभियान को ’समाधान पर्व’ बना दिया है, ताकि समाधान की मानसिकता सरकार के हर स्तर पर बनें, जनप्रतिनिधि और जनता भी समाधान की प्रक्रिया में शामिल हों और एक सकारात्मक वातावरण बनें। उन्होने इस महीने मनाए गए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उल्लेेख करते हुए राज्य में महिलाओं की तरक्की और खुशहाली के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी और कहा कि छत्तीसगढ़ में ’नारी-शक्ति ’ अब ’महाशक्ति’ का रूप ले चुकी है। सरस्वती साईकिल योजना, कन्या छात्रावास, पोटाकेबिन, कस्तूरबा विद्यालय, स्कूलों के उन्नयन आदि सुविधाओं के कारण राज्य के स्कूलों में 15 से 17 वर्ष आयु समूह की बेटियों की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में नारी-शक्ति के सम्मानजनक स्थान की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका है। इसलिए छत्तीसगढ़ की हर बेटी के भीतर माता कौशल्या जैसा जश और प्रताप है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां चंद्रहासिनी, मां महामाया और हर स्वरूप में आदिशक्ति देवियों के शक्तिपीठ और आस्था केन्द्रों की वजह से हमारे प्रदेश में नारी को सम्मान देने की अटूट परम्परा है। डॉ. सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य की दो महिलाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। इनमें से पुलिस आरक्षक सुश्री स्मिता तांडी को राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों ’राष्ट्रीय नारी-शक्ति पुरस्कार’ और दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत चीचा (पाटन) की सरपंच सुश्री उत्तरा ठाकुर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों ’स्वच्छ शक्ति पुरस्कार’ मिला है। उत्तरा दिव्यांग होने के बावजूद काफी सक्रिय हैं और उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत को ओडीएफ बनाने में बड़ा योगदान दिया है।
डॉ. रमन सिंह ने श्रोताओं को बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य की नौ लाख महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन देकर हमने उन्हें धुएं और कालिख से आजादी दिला दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के ग्राम केड़िआमा (विकासखण्ड-छुरा) के अपने हाल ही के दौरे की एक रोचक घटना को भी याद किया। उन्होंने बताया कि इस गांव में नंदिनी नामक गृहणी को रसोई गैस कनेक्शन मिला है। उन्होंने मुझे पांच मिनट में चाय बनाकर पिला दी। उनकी चाय पीकर मुझे जो स्वाद और आनंद आया, उसकी तुलना मैं किसी फाईव-स्टार होटल की चाय से भी नहीं कर सकता। इतना ही नहीं बल्कि नंदिनी ने जिस अंदाज में रसोई गैस से चाय बनने की तारीफ की, छत्तीसगढ़ी भाषा में उन्होंने मुझसे कहा कि ’भक्क ले जलथे अउ झट ले बनथे।’ यह उनके लिए खुशी का अवसर था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी, नेटवर्किंग और प्रबंधन का उपयोग करते हुए डायल-112 योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत शहरी इलाकों में दस मिनट के भीतर और ग्रामीण क्षेत्रों में 30मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जा सकेगी। इस नम्बर को डायल करते ही राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में तुरंत एक्शन चालू हो जाएगा। इसके लिए जीपीएस युक्त 240 वाहनों और 50 मोटरसाईकिलों का नेटवर्क होगा। उन्होने कहा कि इस योजना के तहत किसी भी दुर्घटना के समय घायल या संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद के लिए यह सेवा एक क्रांतिकारी कदम है, जो हमारी पुलिस व्यवस्था का काया-कल्प कर देगी। इसमें रिस्पांस-टाईम के साथ पारदर्शिता, जिम्मेदारी, मदद और राहत के प्रावधान पुलिसिंग को आधुनिक दिशा देंगे। पुलिस फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी तत्काल मदद की जरूरत पड़ने पर एक ही नम्बर 112 डायल किया जा सकता है।


समाचार क्रमांक 327/7/लहरे




 

Date: 
12 Mar 2017