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बैकुण्ठपुर : ‘‘रमन के गोठ‘‘ का प्रसारण कोरिया जिले को गौरवान्वित और प्रदेश में विशिष्ट पहचान देने में सफल रहा

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‘‘रमन के गोठ‘‘ सुनने के लिए लोगों में दिखी उत्सुकता


बैकुण्ठपुर 10 जनवरी 2016

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ की पांचवी कड़ी को आज प्रातः 10.45 से 11 बजे के मध्य जिला मुख्यालय स्थित लाईवलीहुड कॉलेज में आम नागरिकों, अधिकारियों-कर्मचारियों और लाईवलीहुड कॉलेज के विद्यार्थियों ने तल्लीनता से सुना। इसके अलावा जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों, नगरीय निकायों और सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भी ‘‘रमन के गोठ‘‘ कार्यक्रम को ध्यान से उत्साहपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ को सुनने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ का प्रसारण आकाषवाणी के सभी केन्द्रो के साथ-साथ, एफएम रेडियों, आईबीसी 24, ई.टी.व्ही सीजी,एमपी, जी.टी.व्ही सीजी,एमपी, स्वराज एक्सप्रेस एवं साधना न्यूज, बंसल न्यूज, इण्डिया न्यूज, सहारा समय सीजी,एमपी सेे एक साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए कोरिया जिले के सतीश उपाध्याय, लाईवनीहुड कॉलेज की छात्रा कुमारी साधना, सोनम, कुमारी सहगुप्ता प्रवीन और मास्टर टेªनर श्री राधेश्याम प्रजापति और श्री अभिनव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ का प्रसारण कोरिया जिले को गौरवान्वित एवं प्रदेश में विशिष्ट पहचान देने में सफल रहा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिस आत्मीय भाव से सरगुजिहा भाषा में संबोधित किया, वह दिल को छुने वाला आम कोरिया वासियों की आवाज लगी। इसके लिए कोरिया जिले के निवासियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ से युवा शक्ति को जो प्रेरणा दी है, उससे उनमें आत्म विश्वास का संचार हुआ, निःसन्देह मुख्यमंत्री की प्रेरणा से युवा शक्ति अपनी क्षमता, काबिलियत पहचान कर प्रदेश के उत्तरोत्तर विकास में सहभागी बनेगी। श्री गजानंद पाण्डेय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जो सराहनीय है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव से राज्य की प्रतिभाएं भी आगे आएंगी और अपने राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगी। इसी तरह श्री सतीश देशलहरा ने मुख्यमंत्री डॉ. सिंह द्वारा ‘‘रमन के गोठ‘‘  में कही गई राज्य के विकास के लिए जितनी जरूरत सड़क, रेलमार्ग, पुल-पुलिया, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल है उतना ही या उससे ज्यादा जरूरत नई पीढ़ी के निर्माण की भी है और नई पीढ़ी का निर्माण शिक्षा और स्वास्थ्य के बल पर होता है। इस बात की श्री सतीश देशलहरा ने मुक्त कंठ से सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने ‘‘रमन के गोठ‘‘ में कहा कि प्रदेश में चार जनवरी से आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल का प्रमुख स्थान है। इस लिए पिछले 10 वर्षाें में आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 21 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी है। इससे लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या भी 10 लाख से बढ़कर 25 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ महाअभियान छेड़ा हैं। उन्होंने कहा कि 2016 के अंत तक कुपोषण को 25 प्रतिशत से नीचे लाने का प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ में कहा कि 26 जनवरी को हम अपने राष्ट्र के गणतंत्र की 66वीं वर्षगांठ मनाएंगे। इस राष्ट्रीय महापर्व के अवसर पर उन्होंने राज्य की समृद्धि, सुशासन और राज्य वासियों की खुशहाली हेतु अपनी प्रतिबद्धता दुहराते हुए इस गौरवशाली दिवस पर राज्य वासियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नया वर्ष नया संकल्प और नई दिशा में अग्रसर होने का अवसर होता है। उन्होंने यह जानकारी देते हुए खुशी व्यक्त की कि हमारे प्रदेश में नव वर्ष की शुरूआत जनवरी माह में दो ऐसे कार्याें से हो रही है जिसका दूरगामी सकारात्मक परिणाम आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा। उन्होंने इस क्रम सबसे पहले उल्लेख किया कि आज से दो दिन बाद भारत मां के महान सपूत एवं पथ प्रदर्शक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 12 जनवरी को होगी। जिसे पूरे देश में युवा दिवस के रूप में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा घोषित 20वां राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन रायपुर में 12 से 16 जनवरी तक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव की मेजबानी करते हुए विशेष गौरव का बोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव का शुभांकन राज्य पशु वन भैंसा को बनाया गया है। जो बस्तर के प्रसिद्ध नृत्य मुद्रा में है।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने रमन के गोठ में कहा कि हमारे प्रदेश के अन्नदाता किसान भाई इस वर्ष सूखे से पीड़ित है। उनकी परेशानी को स्वयं किसान होने के नाते अच्छी तरह से समझता हूं। उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत मंद लोगों को रोजगार उपलब्घ कराने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत् साल में 150 दिन के स्थान पर अतिरिक्ति 50 दिन का रोजगार  देने का निर्णय लिया है। जिससे सूखाग्रस्त क्षेत्रों में 200 दिन का कार्य प्रभावितों को मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की भू-राजस्व तथा सिंचाई उपकर को पूरी तरह माफ कर दिया है। इसी प्रकार आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों  के तहत् 33 प्रतिशत से ज्यादा हानि वाले असिंचित क्षेत्र के किसानों को 6 हजार 8 सौ रूपए प्रति हेक्टेयर और सिंचित क्षेत्र वाले किसानों को 13 हजार 5 सौ रूपए प्रति हेक्टेयर की राहत राशि दी जा रही है। उन्होंने राहत राशि संबंधितों को 31 जनवरी तक बांटने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत् दी जाने वाली राशि जो अबतक 15 हजार रूपए दी जाती थी उसे दुगुना बढ़ाकर 30 हजार रूपए कर दिया गया है। मुख्यंमंत्री ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव, सुख-दुख तो आते ही रहतें है, लेकिन ऐसे क्षणों में हमें हिम्मत से काम लेना होगा। ऐसे दुख और परेशानी के क्षणों में मैं और मेरी पूरी सरकार आपके साथ खड़ी हैं। मेरा अनुरोध है कि आप भी वर्तमान की विपरित परिस्थितियों का हिम्मत से सामना करें। छत्तीसगढ़ महतारी का आर्शीवाद सदैव हम सभी पर बना रहें यही कामना है।


 

समाचार 1678/लहरे
 

Date: 
10 Jan 2016