Homeमहासमुंद : झालखम्हरिया में लोगों ने सामूहिक रूप से सुना रमन के गोठ

Secondary links

Search

महासमुंद : झालखम्हरिया में लोगों ने सामूहिक रूप से सुना रमन के गोठ

Printer-friendly versionSend to friend

महासमुंद, 11 सितम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की रेडियो वार्ता रमन के गोठ कार्यक्रम की 13 वीं कड़ी का प्रसारण आज यहां रविवार को सवेरे 10.45 बजे से 11.05 बजे तक हुआ। राज्य के आकाशवाणी केन्द्र, सभी एफ.एम. रेडियो चैनल सहित सभी निजी चैनलों में इसका प्रसारण किया गया। रमन के गोठ की 13वीं कड़ी का प्रसारण सुनने लोगांे में उत्साह का वातावरण रहा। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम झालखम्हरिया के ग्रामीणों ने पंचायत भवन में एकत्रित होकर उत्साह के साथ रमन के गोठ को सुना। इस अवसर पर एस.डी.एम. श्री एस.के. तिवारी, ग्रामीणजन सर्वश्री राजेश्वर खरे, राजेन्द्र साहू, हृदयराम साहू, सुदामा निषाद, सुखराज, श्रीमती हीरा ध्रुव, मनटोरा, श्रीमती बुधयारिन ध्रुव, अनुसुईया ध्रुव, गंगा ध्रुव, पानबाई यादव सहित बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी प्रकार जिले के लोक शिक्षा केन्द्र, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन एवं कम्प्यूनिटी भवन में रमन के गोठ कार्यक्रम लोगों ने सुना। मुख्यमंत्री आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में श्रोताओं को सम्बोधित कर रहे थे।   
डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में ग्रामीणों से मानव तस्करों के चंगुल में नहीं आने का भी आव्हान किया। उन्होंने लोगों से गांव में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी। इस समस्या को हल करने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा जनता और प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय की जरूरत पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के मेहनतकश श्रमिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे मानव तस्करों और फर्जी चिटफंड कंपनियों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने कहा-मैंने सभी जिलों में प्रशासन को ये निर्देश दिए हैं कि रोजगार की दृष्टि से अपने परिवार की बेहतर आमदनी के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने वाले छत्तीसगढ़ के लोगों की समुचित जानकारी उनके ग्राम पंचायतों में उपलब्ध होनी चाहिए और समय-समय पर उनकी सुरक्षा की समीक्षा भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के श्रमिकों को मानव तस्करों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली स्थित अपने छत्तीसगढ़ सदन में आवासीय आयुक्त के नियंत्रण में एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और दिल्ली तथा आस-पास के राज्यों के उनके नियोक्ताओं के साथ अच्छे संबंध विकसित करने के लिए भी कदम उठाएगा। इसके अलावा श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण भी प्रकोष्ठ के माध्यम से किया जाएगा। उन्हें बीमारी या अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल मदद भी पहुंचाई जाएगी।
              मुख्यमंत्री ने फर्जी चिटफंड कंपनियों का उल्लेख करते हुए लोगों से आग्रह किया कि वे ज्यादा ब्याज का लालच देने वाली ऐसी कंपनियों के जाल में न फँसें। लोग एक-एक रूपए जोड़कर अपनी पूंजी तैयार करते हैं। इस जमा पूंजी को उन बैंकों में जमा करें, जो कानूनी दृष्टि से सुरक्षित है। बिना जांच-पड़ताल के किसी भी संस्था में पैसा जमा न करें। मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने चिटफंड कंपनियों के गोरख धंधों से जनता को राहत दिलाने के लिए कठोर कानून बनाया है। इस कानून में यह प्रावधान है कि किसी भी संस्था को जनता से पैसा एकत्रित करने के पहले संबंधित जिला कलेक्टर से इसकी अनुमति लेनी होगी। डॉ. रमन सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों से भी यह अपील की है कि वे चिटफंड कम्पनियों के गोरख धंधे से सतर्क रहे और जनता को भी बचाएं। मुख्यमंत्री ने कोटवारों, पटवारियों, नायब तहसीलदारों, पंचायतों, महिला एवं बाल विकास विभाग, बैंक आदि के अधिकारियों और कर्मचारियों, डॉक्टरों तथा शिक्षकों से भी आग्रह किया है कि वे जनता को ऐसी संस्थाओं के खिलाफ जागरूक करें और उसके खून-पसीने की कमाई की सुरक्षा में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने आज के अपने प्रसारण की शुरूआत में गणेश उत्सव सहित हाल ही में मनाए गए तीजा-पोरा जैसे पारम्परिक त्यौहारों का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत में सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरूआत करने के लिए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को याद करते हुए कहा कि तिलक जी ने सन् 1893 में गणेश उत्सव को आजादी की लड़ाई से जोड़कर सार्वजनिक बनाया। उन्होंने शिक्षक दिवस की भी चर्चा की और 13 सितंबर को मनाए जाने वाले ईद-उल-जुहा पर्व के लिए मुस्लिम समाज सहित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आगामी दिनों विश्वकर्मा जयंती, ओणम और अगले माह मनाये जाने वाले शारदीय नवरात्रि के लिए भी जनता को बधाई दी।

   
क्रमांक 54/791/हेमनाथ
      

 

Date: 
11 Sep 2016