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महासमुंद : रमन के गोठ कार्यक्रम : आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान में सक्रिय सहयोग का आव्हान

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सूखा प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. सिंह
 

महासमुंद, 10 जनवरी 2016

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज आकाशवाणी प्रसारण के जरिए रमन के गोंठ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों से सुख दुख की चर्चा की। उन्होंने कुपोषित बच्चों और कुपोषित गर्भवती माताओं और बहनों के स्वास्थ्य और प्रदेश के सूखा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क रेल पुल-पुलिया स्कूल कालेज और अस्पताल जैसी अधोसंरचना की जितनी जरूरत है उतनी ही जरूरत नई पीढी के निर्माण का भी है। शिक्षा और स्वास्थ्य ही नई पीढ़ी का आधार होता है, इसके मद्देनजर नए साल में 4 जनवरी से प्रदेश व्यापी आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान 13 जनवरी तक चलेगा। डॉ. सिंह ने इसमें सभी लोगों से सक्रिय सहयोग और भागीदारी के लिए आव्हान किया है।
युवा उत्सव को लेकर युवाओं में है उत्साह
               जिले में रमन के गोठ कार्यक्रम के प्रसारण को आम नागरिकों ने बड़ी दिलचस्पी और उत्साह के साथ सुना गया। नवरतन समिति के सदस्य श्री विश्वनाथ पाणीग्रही ने कहा कि राज्य के मुखिया डॉ. सिंह के द्वारा सूखा प्रभावितत क्षेत्रों के किसानों के हित में उठाए जा रहे कदम से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने सूखे की आपदा के समय किसानों के हितों का पूरा ख्याल रखा है। डॉ. सिंह ने संवेदनशील पहल करते हुए सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 15 हजार की राशि को बढाकर दुगुना कर दिया है। महाविद्यालयीन छात्र सुशांत सिदार और योगेश जगत ने कहा कि राजधानी रायपुर में युवा उत्सव के आयोजन में देश भर से युवाओं आने वाले युवाओं से मिलने और उनके हुनर के साथ ही कला संस्कृति को भी जानने का मौका मिलेगा। एक अन्य महाविद्यालयीन छात्र चंद्रप्रकाश राय ने कहा कि आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान महिलाओं और बच्चों के लिए लाभदायक है, इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुधार के साथ ही शासकीय कार्यक्रमों में सामाजिक सहयोग बढ़ेगा।
राहत राशि का वितरण 31 जनवरी तक
          मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रमन के गोठ की पांचवी कड़ी में कहा कि प्रदेश में 117 तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित किया गया है। सूखा प्रभावित इलाकों में भू-राजस्व और सिंचाई टेक्स पूरी तहत माफ कर दिया गया है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल हानि वाले असिंचित क्षेत्र के किसानों को 6 हजार 800 रूपए और सिंचित क्षेत्र के किसानों को 13 हजार 500 रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जा रही है। यह राशि 31 जनवरी तक बांटी जाएगी। वर्ष 2015 में खेती के लिए जिन किसानों ने ऋण लिया है। अगर वे ऋण राशि का 75 प्रतिशत 15 मार्च 2016 तक जमा कर देते हैं तो शेष 25 प्रतिशत ऋण माफ कर दिया जाएगा। जो किसान यह ऋण नहीं पटा पाए हैं। उनके अल्प अवधि ऋणों को व्याज मुक्त मध्यकालीन ऋणों में परिवर्तित करने की सुविधा भी दी जा रही है।

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में 200 दिन का रोजगार-
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को मनरेगा के तहत 150 दिनों के साथ साथ 50 अतिरिक्त दिनों का रोजगार मुहैया कराने का भी निर्णय लिया गया है। सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ किए गए हैं। डॉ. सिंह ने स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा केन्द्र के सहयोग से 12 जनवरी से 16 जनवरी तक राजधानी रायपुर में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय युवा उत्सव के बारे में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि 37 प्रतिशत आनावारी वाले सूखा प्रभावित गांवों में चालू वर्ष 2015-16 में 30 प्रतिशत अगले वर्ष 2016-17 में 50 प्रतिशत और 2017-18 में 20 प्रतिशत ब्याज मुक्त ऋणों के भुगतान की सुविधा दी जा रहीं है। किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए जिलों में किसान मितान केन्द्र भी प्रारंभ किए है। किसानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने  कहा कि किसानों के साथ पूरी सरकार खड़ी है।
                                   

 

क्रमांक 35/1160/केशरवानी




 

Date: 
10 Jan 2016