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महासमुंद : ’रमन के गोठ’ का जगह-जगह श्रवण : महासमुंद जिले में बनेगा सखी सेंटर और लागू होगी डायल-112 योजना

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विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने भी सुना ’’रमन के गोठ ’’

महासमुंद 12 मार्च 2017

मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह का मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की का श्रवण आज जिले के विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह किया गया। महासमुंद शहर के समीप बरोड़ाबाजार ग्राम पंचायत मुख्यालय में क्षेत्रीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने भी स्कूल भवन प्रागंण में ग्रामीणजनों के साथ रमन के गोठ का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री उमेश अग्रवाल के निर्देश पर विभिन्न नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों के अलावा इसके श्रवण की व्यवस्था की गई थी। इसी तरह कलेक्टर श्री उमेश कुमार अग्रवाल ने स्वयं ही नगर पालिका महासमुंद में रमन के गोठ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने यहां नगर पालिका अधिकारी श्री टामसन रात्रे और अधिकारियों कर्मचारियों के साथ इसका श्रवण किया।     
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रदेश के नागरिकों को होली की शुभकामनाएं दी और कहा कि होली का त्यौहार आप सबके जीवन में खुशी के नए रंग बिखेरे। नई परिस्थितियों में लकड़ी और पानी का अपव्यय भी एक कुरीति है। होलिका दहन के लिए पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। बल्कि कंडा कचरा या ऐसी चीजों का दहन करें जो खराब हैं। यह गलत  धारणा है कि होली हुड़दंग का त्यौहार है बल्कि यह तो आत्मीयता का,प्रेम का, मिलन का और हास्य-व्यंग्य की फुहारों में भीगने का त्यौहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका है। धमतरी की हमारी शतायु माता कुंवर बाई इसी परम्परा का प्रमाण है, जिनकी चेतना और त्याग ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रेरित किया और मंच पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने उनका चरण स्पर्श किया था। इसके बाद माता कुंवर बाई स्वच्छता मिशन की मिसाल बन गईं, माता कौशल्या से मिनी माता तक और आज के युग में फूलबासन तीजनबाई शमशाद बेगम से लेकर रेणुका यादव तक हमारी शक्ति और श्रद्धा के प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत आरक्षक स्मिता तांडी को राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के करकमलों से मिला है। दुर्ग जिले की एक ग्राम पंचायत चीचा पाटन की सरपंच उत्तरा ठाकुर को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से स्वच्छ शक्ति पुरस्कार दिया। उत्तरा दिव्यांग होने के बावजूद काफी सक्रिय है और उन्होंने अपनी पंचायत को ओडीएफ बनाने में बड़ा योगदान दिया है। आज स्कूलों में बेटियों की दर्ज संख्या में हमारा छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत 84 प्रतिशत से काफी ऊपर और देश में नवमें स्थान पर हैं। छत्तीसगढ़ की बेटियां स्कूल से लेकर कॉलेज तक निःशुल्क पढ़ाई कर रही हैं और ऐसी व्यवस्था करने वाले हम देश में पहले राज्य हैं। रायपुर में सखी वन स्टाप सेन्टर की स्थापना की गई, जो देश में अव्वल है। महासमुंद सहित अन्य सभी 26 जिलों में भी सखी वन स्टाप सेन्टर की स्थापना की जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 9 लाख महिलाओं को रसोई गैस देकर हमने धंुए और कालिख से आजादी दिलाई जा चुकी है। यह कहानी अब छत्तीसगढ़ के 35 लाख घरों से निकलेगी।

मुख्यमंत्री स्काई-संचार क्रांति योजना के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण अंचलों में मात्र 29 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल है और आज भी प्रदेश का 36 प्रतिशत भू.भाग मोबाइल, इंटरनेट या किसी प्रकार की कनेक्टिविटी से दूर है। बड़े शहरों के सक्षम व्यक्ति अपने स्माट फोन के एप का इस्तेमाल करके अनेक तरह की सहूलियत पाते हैं। हमने यह निर्णय लिया है कि 39 लाख ग्रामीणों, शहरी क्षेत्रों के 3 लाख परिवारों और महाविद्यालय के 3 लाख विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन और सिम दिए जाएंगे।   
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लागू हो रही डायल-112 योजना एक क्रांतिकारी कदम हैं, जो पुलिस व्यवस्था का कायाकल्प कर देगी। इसमें रिस्पांस टाइम के साथ पारदर्शिता, जिम्मेदारी, जवाबदेही, मदद, राहत सब कुछ मिलेगा, जो पुलिसिंग को आधुनिक दिशा देगा। संकट के समय जल्द से जल्द घायल या संकटग्रस्त व्यक्ति तक पहुंचना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस योजना के माध्यम से शहरी इलाकों में 10 मिनट के भीतर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जा सकेगी। इसकेे लिए जीपीएस युक्त 240 वाहनों एवं 50 मोटर साइकिलों का नेटवर्क काम शुरू कर देगा। योजना के प्रथम चरण में 11 जिलों जिसमें महासमुन्द, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, सरगुजा और जगदलपुर शहर को लिया जा रहा है। इससे समस्त आपात सेवाओं पुलिस फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलंेस आदि जैसी तत्काल मदद की जरूरत पड़ने पर आप एक ही नंबर डायल 112 कर प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सुराज अभियान मेरी और हमारी सरकार की पाठशाला है। मैं बजट मंत्रालय में बैठकर नहीं खेत.-खलिहान, पंचायत, चौपाल में बैठकर बनाता हूं। तभी गांव,गली व किसान लोग मेरे बजट के केन्द्र में होते है। इस साल लोक सुराज अभियान तीन चरणों में हो रहा है।इसके तीसरे चरण में 3 अप्रैल से लेकर 20 मई तक पूरा राज्य में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। जहां पहले चरण में लिए गए आवेदनों पर की गई कार्यवाही को बताया जाएगा और नए आवेदन भी शिविर स्थल पर लिए जाएंगे। इस बार लोक सुराज अभियान को समाधान पर्व दिया है, ताकि समाधान की मानसिकता सरकार के हर स्तर पर बने, जनप्रतिनिधि और जनता भी समाधान की प्रक्रिया में शामिल हों और एक सकारात्मक वातावरण बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पहले की तरह किसी भी दिन, किसी भी गांव, किसी भी जिले में अचानक पहुंचुगां और जनता से सीधे भेंट करूंगा। समाधान शिविर में भी जाऊंगा। रात को जिलों की समीक्षा भी करूंगा। प्रेस से भी मिलूंगा। मेरे अलावा सारे मंत्री मुख्य सचिव से लेकर सारे वरिष्ठ अधिकारी, विधायक, सांसद आदि सभी और सभी जनप्रतिनिधि प्रदेश का दौरा करते रहेंगे। मैं चाहता हूं कि नागरिकों का इस अभियान को अपना सहयोग प्रदान करें और समाधान शिविरों में पहुंच कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें। रमन के गोठ को नगर पंचायत कार्यालय पिथौरा के साथ-साथ इसके विभिन्न वार्डो में भी सुना गया।


क्रमांक 63/1512/पंकज

 

 

 

Date: 
12 Mar 2017