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महासमुंद : ’रमन के गोठ : लाफिन कला के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना रमन के गोठ : जिले के छात्रावासों एवं आश्रमों में भी उत्साह से सुना

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महासमुंद, 08 जनवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ कार्यक्रम की 17 वीं कड़ी का प्रसारण आज यहां रविवार को सवेरे 10.45 बजे से 11.05 बजे तक प्रसारित हुई। राज्य के आकाशवाणी केन्द्र, सभी एफ.एम. रेडियो चैनल सहित सभी निजी चैनलों में इसका प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपनी मासिक रेडियोवार्ता प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले और कैशलेस अर्थव्यवस्था पर केन्द्रित था। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई स्थानों पर दुकानों, हाट-बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में किए जा रहे कैशलेस लेनदेन की तारिफ की। उन्होंने प्रदेश में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी भूमिका निभाएगा।
इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम लाफिन कला के ग्रामीणों ने मनोरंजन भवन में एकत्रित होकर उत्साह के साथ रमन के गोठ सुना और मुख्यमंत्री की इस अभिनव पहल की काफी सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री सीधे जनता से संवाद कर उनके सुख-दुख को जानने का प्रयास कर रहे है। नगदी सहित कैशलेस को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को सुदृढीकरण की दिशा में काफी प्रयास किया जा  रहा है, जो सराहनीय है। इस अवसर पर सरपंच श्री राधेश्याम साहू, ग्रामीण धनेश साहू, डेरहा निषाद, रामजी साहू, बसंत निषाद, श्रीमती रेवती साहू, श्रीमती सुमित्रता साहू, व्यवसायी कृष्ण कुमार साहू सहित गांव के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी प्रकार महासमुंद के अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा लोगों ने रमन के गोठ सुना और कैशलेस व्यवस्था के बारे में दी गई जानकारी को काफी सराहा। इसी प्रकार जिले के लोक शिक्षा केन्द्र, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन एवं कम्प्यूनिटी भवन में रमन के गोठ कार्यक्रम सुनने की व्यवस्था की गई थी। जिले के सभी शहरों, कस्बों और गांवों में लोगों ने रेडियो पर मुख्यमंत्री की बातों को बड़ी दिलचस्पी से सुना।
    डॉ. सिंह ने ‘रमन के गोठ’ में श्रोताओं को बताया कि कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन देने के लिए छत्तीसगढ़ में अब तक 15 लाख लोग प्रशिक्षित होकर राज्य की डिजिटल आर्मी में शामिल हो चुके हैं। राज्य में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने आम जनता के लिए ‘मोर खीसा’ (मेरी जेब) मोबाईल एप्प शुरू किया गया है। इस मोबाईल एप में एक क्लिक पर नगदी रहित लेन-देन के पांच विकल्पों को देखकर किसी भी विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। राज्य की बारह हजार राशन दुकानों और नौ हजार सामान्य सुविधा केन्द्रों (सीएससी) को जल्द से जल्द कैशलेस करने का लक्ष्य है। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि राज्य में कैशलेस लेन-देन में लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए पिछले महीने चलाए गए विशेष अभियान में बीस दिनों के रिकार्ड समय में 15 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें 14 लाख नागरिक और एक लाख व्यापारी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित लोगों को हम डिजिटल आर्मी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैशलेस लेन-देन में सबसे ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य बन गया है। राज्य के ग्राम पंचायतों से लेकर जिला स्तर तक और हाट-बाजारों से लेकर शहरों के व्यापारियों तक को प्रशिक्षित करने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नोटबंदी का तोहफा जनता को नये आवास ऋणों की ब्याज दर में तीन से चार प्रतिशत तक कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दरें भी घटा दी हैं। डॉ. सिंह ने कहा गांव-गांव में बच्चे , महिलाओं और बुजुर्ग जब मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं, तो कैशलेस लेन-देन भी सीख सकते हैं। इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूर नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेन-देन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेन-देन के लिए होगा। कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानों के लिए वरदान है, क्योंकि यह उन्हें उनकी मेहनत और उनके अधिकार का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी।    

     
क्रमांक 31/1255/हेमनाथ
 

 

Date: 
08 Jan 2017