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राजनांदगांव : रमन के गोठ को सुनकर विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के लोगों में हर्ष

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    राजनांदगांव 13 दिसम्बर 2015

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए नयी योजनाओं की घोषणा से जिले के छुईखदान विकासखंड के बकरकट्टा क्षेत्र में मैकल पहाड़ों के आसपास निवासरत बैगा आदिवासियों में हर्ष व्याप्त है। बैगा आदिवासियों ने आज आकाशवाणी पर प्रसारित रमन के गोठ कार्यक्रम के जरिये मुख्यमंत्री के विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 11 सूत्रीय कार्यक्रम को जाना। आवासहीन बैगा आदिवासी परिवारों को आगामी दो सालोें में आवास, हर बसाहट में पेयजल, बिजली समेत सूचना जागरूकता के लिए हर परिवार को रेडियो एवं दैनिक आवश्यकताओं के लिए छाता तथा कंबल देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री के 11 सूत्र के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति के हर परिवार को राशन कार्ड, प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण, शत-प्रतिशत शिशुओं एवं माताओं को पोषण आहार, परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को कौशल उन्नयन समेत सभी को सामाजिक सुरक्षा, वनाधिकार मान्यता पत्र एवं जाति व निवास प्रमाण पत्र देने की पहल की गई है।
    मुख्यमंत्री के विशेष पिछड़े जनजाति के लिए शुरू की जा रही नयी योजनाओं से जिले के बकरकट्टा क्षेत्र में निवासरत आदिम बैगा जनजातियों में नयी उम्मीदों का संचार हुआ है। छुईखदान विकासखंड के ग्राम बंजारपुर निवासी ईतवारी बैगा का कहना है कि रमन के गोठ को रेडियो के माध्यम से सुना। आदिवासी बैगाओं के लिए नयी योजनाओं के बारे में पता चला। इससे हमारे क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ेगी एवं बैगा आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। बंजारपुर निवासी सोनऊ बैगा का कहना है कि वनांचल में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों की आवश्यकता को देखते हुए रेडियो, कंबल एवं छाता देने की योजना उपयोगी साबित होगी। वहीं बंजारपुर के अलटूराम मरार ने रमन के गोठ कार्यक्रम को खुब सराहा। उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम से मिट्टी परीक्षण, बीजोपचार एवं किसानों के लिए योजनाओं की जानकारी मिली। यह कार्यक्रम सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। वनांचल के लोगों तक शासकीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में रेडियो बहुत उपयोगी माध्यम है। यह कार्यक्रम निरंतर चलते रहना चाहिए। विदित हो कि जिले के छुईखदान विकासखंड के 36 गांवों में 1245 बैगा आदिवासी परिवार निवासरत है। इनकी आबादी 4310 है।

क्रमांक-1909 /   हीरा देवांगन
 

Date: 
13 Dec 2015