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राजनांदगांव : ‘रमन के गोठ’ कार्यक्रम का एक वर्ष पूर्ण : स्वाधीनता संग्राम सेनानियों को याद कर मुख्यमंत्री ने किया नमन

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राजनांदगांव 14 अगस्त 2016

प्रदेश की जनता से वार्तालाप शैली में सीधे संवाद करने के उद्देश्य से आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित ‘रमन के गोठ’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज प्रदेश की जनता से लगातार 12वीं बार मुखातिब हुए। मुख्यमंत्री ने आज प्रसारित कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने देश की आजादी एवं स्वाधीनता संग्राम में अपनी भागीदारी निभाकर देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले छत्तीसगढ़ राज्य एवं राजनांदगांव जिले के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों एवं वीर शहीद के अवदानों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर स्वाधीनता संग्राम के महान योद्धाओं एवं शहीदों को अपनी श्रद्धांजली अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया।
 इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वाधीनता की पहली लड़ाई 1857 के पूर्व छत्तीसगढ़ ऱाज्य में फिरंगियों के खिलाफ बगावत की कहानी 33 साल पूर्व प्रारंभ हो गई थी। उन्होनें कहा सन 1824 में छत्तीसगढ़ के अबुझमाड़ क्षेत्र के परालकोट के जमीदार स्वर्गीय गैंदसिंह नायक वनवासियों छापामार युद्ध सिखा रहे थे। डॉ. सिंह ने बताया कि अंग्रेजों ने अपने खिलाफ आदिवासियों की बगावत की खबर लगने पर कर्नल एगन्यू के नेतृत्व में परालकोट फौज भेजी। गैंदसिंह के नेतृत्व में वनवासी सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ भीषण लड़ाई लड़ी। इस दौरान अंग्रेजों ने शहीद गैंदसिंह को गिरफ्तार कर 10 जनवरी 1825 को परालकोट महल के सामने उन्हें फांसी दे दी। मुख्य मंत्री डॉ. सिंह ने प्रदेश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सोनाखान के जमीदार शहीद वीरनारायण सिंह के महान बलिदानों एवं संघर्षाे का भी उल्लेख किया। डॉ. सिंह ने सन 1858 में रायपुर स्थित अंग्रेजों की फौजी छावनी के सिपाही ठाकुर हनुमान सिंह के नेतृत्व में हुई सशó बागवत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस क्रांति के नायक बने सत्रह सिपाहियों को अंग्रेजों ने पुलिस लाईन रायपुर में खुलेआम तोप से उड़ा दिया था।
    डॉ. सिंह बस्तर के सन 1876 के मूरिया विद्रोह तथा 1910 के वीर गुण्डाधर के नेतृत्व में बस्तर के भूमकाल विद्रोह पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होनें बिहार से शुरू होकर सरगुजा अंचल में फैलने वाली ताना भगत एवं इसके शहीद हुए सेनानियों का भी स्मरण किया। डॉ. सिंह स्वाधिनता आंदोलन के दौरान सन 1920 एवं सन 1933 में महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को भी याद किया। डॉ. सिंह ने देश आजादी के अमूल्य भागीदारी निभाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य के महापुरूषों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण किया। इस दौरान उन्होनें पंडित सुन्दरलाल शर्मा, माधव सप्रे, महंत लक्ष्मीदास, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, वामनराव लाखे, डॉ. खूबचंद बघेल, इंदरू केवट, डॉ. राधा बाई, मिनीमाता जैसे स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के योगदानों का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया। डॉ. सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले गुमनाम सेनानी जयनारायण पांडे, कुंज बिहारी चौबे, पंडित लखनलाल मिश्र, कन्हैयालाल, पूरन लाल आदि के योगदानों का भी उल्लेख किया। उन्होनें कहा कि इस दौरान वीर सेनानियों के द्वारा आजादी की लडा़ई के साथ-साथ जन कल्याण एवं जन चेतना का कार्य भी किया जाता था। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दौरान राष्ट्रकवि स्वर्गीय माखन लाल चतुर्वेदी द्वारा बिलासपुर केन्द्रीय जेल में अपनी कालजयी कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ की भी रचना की गई। उल्लेखनीय है कि डॉ. सिंह ने आज प्रसारित कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सर्वश्री देवी प्रसाद आर्य, कन्हैया लाल अग्रवाल, दामोदर दास टावरी जो वर्तमान में हमारे बीच है उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें याद किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रमन के गोठ’  कार्यक्रम के प्रसारण का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। इस दौरान उन्होनें श्रोताओं से मिले आर्शीवाद एवं सहयोग का भी जिक्र किया। डॉ. सिंह ने प्रदेश में पिछले एक दशक में उनकी सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होनें राज्य सरकार के द्वारा शिक्षा सुरक्षा एवं समग्र विकास के लिए किये प्रभावी एवं समन्वित प्रयासों का भी जीक्र किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में बस्तरिया बटालियन गठन का निर्णय लिया है।आज नगर निगम राजनांदगांव के सभाकक्ष में महापौर श्री मधुसूदन यादव, नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, एमआईसी मेंबर श्री देवशरण सेन, पारस वर्मा, बलवंत साव, मनोज लोढ़ा, मणी भास्कर गुप्ता, गप्पू सोनकर, करूणा जितेन्द्र ठाकुर, शैल यादव, अनिता सोनवानी, भगवान दास सोनी, बन्टू जैन, बलविन्द्रर भाटिया, टोकेश्वर धु्रव, आभा श्रीवास्तव सहित सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने रमन के गोठ कार्यक्रम को सुनकर सराहना की।


क्रमांक 1197 /चंद्रेश ठाकुर
 

Date: 
14 Aug 2016