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राजनांदगांव : ‘रमन के गोठ’ कार्यक्रम में 18वीें बार मुखातिब हुए मुख्यमंत्री : राजनांदगांव के उद्यानिकी महाविद्यालय में तैयार हुई स्ट्राबेरी की नई किस्म का किया उल्लेख

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राजनांदगांव 12 फरवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेश की जनता से वार्तालाप शैली में सीधे संवाद करने के उद्देश्य से आकाशवाणी के माध्यम से माह के दूसरे रविवार को प्रसारित की जाने वाली ‘रमन के गोठ’ कार्यक्रम में प्रदेश की जनता से आज 12 फरवरी 2017 को लगातार 18वीं बार मुखातिब हुए। आज प्रसारित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में किये जा रहे नवाचारों के प्रयोग करने वाले संस्थाओं एवं लोगों का भी उल्लेख किया। इसके अंतर्गत उन्होनें राजनांदगांव के उद्यानिकी महाविद्यालय में कृषि वैज्ञानिकांे द्वारा यूरोपियन स्ट्रोबेरी को छŸाीसगढ क़ी मिट्टी में उपजाने के लिए नई किस्म तैयार किये जाने का भी जिक्र किया। डॉ. सिंह ने कहा कि इस किस्म के एक एकड़ में लगने वाली स्ट्राबेरी से पांच से दस लाभ रूपए तक की आमदानी हो सकती है। उन्होनंे कहा कि सब्जी-भाजी और अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को स्ट्राबेरी की फसल लेने से काफी लाभ होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि भारत में आमतौर पर स्ट्राबेरी की खेती कश्मीर, शिमला और हिमांचल प्रदेश जैसे ठंडे स्थानों में होती है।
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने प्रदेश में किये जा रहे विभिन्न नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि नवाचारों के कारण छŸाीसगढ क़ो पहचान और प्रतिष्ठ मिली है। उन्होनें कहा कि मैने 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जो नई घोषणाएं की है, वे भी नवाचार के माध्यम से अभावों को जल्द से जल्द दूर करने की कोशिश है। मुख्यमंत्री ने गांवों और वनक्षेत्रों में विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए शुरू की जाने वाली मुख्यमंत्री मेडिकल फेलोशिप कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होनें मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में किये गये नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं यादातर समय जनता के बीच रहता हूं, दूर-दराज के गांवों का दौरा करता हूं। उन्होनें कहा कि लोगों के बीच बैठता हूं तो समस्याएं भी पता चलती है और समाधान के तरीके भी निकलते है। उन्होनें कहा कि मुझे लगता है कि नवाचार की सबसे अच्छी एप्रोच यही है कि जो कार्य नहीं हो पा रहा है। वह जल्द से जल्द किसी नये तरीके से हो जाये। उन्होनंे कहा कि उदाहरण के लिए जब हमने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को ठीक करने के लिए कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग किया तो यह भी एक नवाचार था। उन्होनें कहा कि जब 20 हजार करोड रू़पए की लागत से रेल लाईन बिछाने का सवाल आया तो हमने ऐसे तमाम संस्थाए से बात की, जिनको उनसे लाभ मिलता है और वे सहमत हो गये तो यह भी एक नवाचार ही था। जिससे राज्य की यादा पैसा लगे बिना बहुत बड़ा काम हो गया। डॉ. सिंह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) के रास्ते खनिज बाहुल जिलों के विकास के लिए भरपूर राशि की व्यवस्था की और हमने इसमें से दो-ढाई करोड रू़पए रेल्वे लाईन बिछाने के लिए दिए यह भी एक नवाचार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमर छŸाीसगढ़ योजना,सौर सुजला योजना और लाईवलीहुड कालेज जैसे अनेक कार्य नवाचार की देन है।
    मुख्यमंत्री ने आज अपने प्रसारण में छŸाीसगढ़ की प्रयाग कही जाने वाली धार्मिक नगरी राजीम में आयोजित राजिम कुंभ का भी उल्लेख किया। उन्होनें कहा कि राजीम कुंभ का समापन महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर किया जायेगा। उन्होनें महाशिविरात्रि पर्व को छŸाीसगढ़ का सबसे बड़ा त्यौहार बताया। उन्होनें प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। डॉ. सिंह ने आज अपने प्रसारण में छŸाीसगढ़ की तालाबों की विशेषताओं एवं महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होनें कहा कि छŸाीसगढ़ में तालाबों की विशिष्ट संस्कृति है। डॉ. सिंह ने तालाबों को प्रकृति की किडनी बताते हुए जलाशयों की सुरक्षा पर विशेष रूप से बल दिया। इसके लिए उन्होनें ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, सामाजिक संगठनों और सभी नागरिकों से सहयोग का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों का ऐतिहासिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व भी है। जो स्थानीय आबादी के आस्था के साथ-साथ उसकी आजीविका से भी जुड़ता है।
    मुख्यमंत्री ने आज अपने प्रसारण में परीक्षा के मौसम में बच्चों को तनावमुक्त रहने की समझाईश भी दी। उन्होनें परीक्षाओं के मौसम को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त रहने, परीक्षा का तनाव दूर करने के लिए पढ़ाई के बीच के कुछ समय निकालकर योग, अध्याय और हल्का फुल्का व्यायाम करने की समझाईश दी। उन्होनें विद्यार्थियों को किसी भी परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारने की समझाईश दी। उन्होनें बच्चों के माता-पिता, अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में घर के वातावरण को शांत और सहयोगात्मक बनाकर बच्चों के साथ स्नेहपूर्वक व्यवहार करने को कहा। उन्होनें कहा कि इस दौरान ऐसी कोई भी आयोजन नहीं करनी चाहिए, जिसकी वजह से बच्चों को अलग रहना पड़े या उनका ध्यान भटक जाये।
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि हमने इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मासिक मानदेय 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने की घोषणा की है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश में ऐसा दौर आया था जब हमारा लोकतंत्र खतरे में पड़ गया था। लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को जेल में डाल दिये गये थे। जिन्हें ‘मीसाबंदी’ के नाम से जाना जाता है। हमने यह निर्णय लिया है कि ‘मीसाबंदियों’ को लोकतंत्र सेनानी के रूप में जान जाए और उनकी मानदेय राशि भी 50 से 66 प्रतिशत बढ़ा दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदुपŸाा संग्राहकों को तेरह साल पहले सिर्फ 350 रूपए प्रति मानक बोरा परिश्रमिक मिलता था। जिसमें क्रमशः बढ़ाते हुए हमने 1500 रूपए कर दिया और अब यह फैसला किया है कि नये सीजन में उनकी पारिश्रमिक दर 1800 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया जाये। इस प्रकार तेंदुपŸाा संग्राहकों को मिलने वाला पारिश्रमिक पांच गुणा से यादा कर दिया गया है। उन्होनें कहा कि मैं सोचता हूं कि यह हमारे प्रणेता पंडित दिनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानवाद के सिद्धांतों को अमल में लाने और सार्थक बनाने का बहुत अच्छा उदाहरण है। उन्होनंे तेंदुपŸाा ऑनलाईन ई-नीलामी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी नजर में यह भी एक नवाचार है। जो समाज के सबसे पिछड़े तबके की जिंदगी को बदल रहा है।
    मुख्यमंत्री ने आज अपने प्रसारण में राज्य के गरियाबंद जिले के ग्राम रसेला विकासखंड छुरा के महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा सीएफएल बनाने की भी चर्चा की। उन्होनें कहा कि इस कार्य में महिला स्व सहायता समूह से अच्छी आमदानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने आज ‘रमन के गोठ’ में सभी लोगों को नया रायपुर में पहली बार 19 फरवरी को होने वाली 21 किलोमीटर के राज्य स्तरीय हॉफ मैराथन में शामिल होने की आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि यह अवसर अपना जोश एवं अपनी फिटनेश दिखाने तथा अपनी सेहत और अपने विकास के लिए एकजुटता दिखाने का भी है। उन्होनें कहा कि मै चाहता हूं कि इसमें बडी़ संख्या में लोग शामिल हो। यह पहला अवसर इतना अच्छा और इतना सफल हो कि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान बने तथा आगामी वर्षों क आयोजन में बड़े-बड़े लोग इसमें शामिल होने के लिए आएं।
    नगर निगम सभाकक्ष में आज नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, एमआईसी मेम्बर श्री सावन वर्मा, श्री भगवानदास, श्री बलबंत साव, पार्षद मणिभास्कर गुप्ता, श्री शैल यादव, सुनीता साहू, श्री गप्पू सोनकर, श्री शेखर यादव, श्री कुलभूषण पांडे, एल्डरमेन श्री संयज लड्वन, श्री रमेश, श्री तोरण देवांगन, श्री ओम प्रकाश अग्रवाल, पूर्व महापौर श्री अजीत जैन, श्री राजेन्द्र जैन बंटू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिकों ने ‘रमन के गोठ’ कार्यक्रम को सुनकर सराहना की।
क्रमांक 235चंद्रेश ठाकुर




 

Date: 
12 Feb 2017