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राज्यपाल श्री बलराम जी दास टंडन के अभिभाषण का मूलपाठ

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छत्तीसगढ़ विधानसभा, रायपुर 27 फरवरी 2017


माननीय सदस्यगण,
        छत्तीसगढ़ राज्य की चौथी विधान सभा का ग्यारहवां सत्र आज शुरू हो रहा है। इस शुभ अवसर पर मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूं। लोकतंत्र का यह पावन आस्था केन्द्र, आप लोगों के संकल्पों, लगन, निष्ठा और परिश्रम के कारण आदर्श परम्पराएं स्थापित करने और व्यापक जनहित में सार्थक निर्णय लेने में सफल हुआ है, जिसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। यह सत्र भी आप सबकी सक्रिय भागीदारी से छत्तीसगढ़ के विकास की नई दिशाएं तय करने का माध्यम बनेगा, इस आशा और विश्वास के साथ मैं शुभकामनाएं प्रदान करता हूं।
02.    मेरी सरकार ने आपके साथ अन्य सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, किसानों-ग्रामीणों, वनवासी भाई-बहनों, ग्रामीण और नगरीय निकायों के रहवासियों, कामगार और कारोबारियों, सभी के सहयोग से नई-नई उपलब्धियां प्राप्त करने का सिलसिला जारी रखा है, जिनका जिक्र राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रहा है।
03.    माननीय राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (डी.एम.एफ.) के बेहतर काम-काज का उल्लेख किया, जिससे राज्य का गौरव बढ़ा है। इसके पूर्व भी अनेक अवसरों पर जनहितकारी योजनाओं के श्रेष्ठ अमल को लेकर विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों, राज्य सरकारों तथा अन्य विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ की सराहना की है।
04.    यह वर्ष देश में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म शताब्दी के रूप में मनाया जा रहा है। मेरी सरकार ने उनके द्वारा प्रतिपादित ‘अन्त्योदय’ को अपना लक्ष्य बनाया है और इसके अनुरूप समाज की अंतिम पंक्ति के, अंतिम व्यक्तियों तक पहुंचने के हर संभव प्रयास किए हैं, जिसका लाभ न सिर्फ आम जनता को मिला, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मिला है।
05.    मेरी सरकार गरीब के सबसे ज्यादा करीब रही है। इस कड़ी में अन्नदाताओं का जीवन संवारने के लिए कृषि लागत में कमी, समर्थन मूल्य पर खरीदी, अनुदान और रियायतों के साथ ही कृषि उत्पाद बढ़ाने और उनके विपणन पर भी समुचित ध्यान दिया गया है।
06.    विगत तेरह वर्षों में प्रदेश के कुल धान उत्पादन में 39 प्रतिशत, गेहूं उत्पादन में 24 प्रतिशत, दलहन तथा तिलहन उत्पादन में 13 प्रतिशत, बीज उत्पादन में 21 गुना तथा बीज वितरण में 11 गुना वृद्धि हुई है। कृषि-सहायक कार्यों का विकास भी प्राथमिकता के साथ किया गया है, जिसके कारण उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल में 293 प्रतिशत तथा उत्पादन में 422 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मछली बीज उत्पादन में 6 गुना तथा मछली उत्पादन में लगभग 4 गुना वृद्धि हुई है। दूध का उत्पादन 58 प्रतिशत तथा अण्डा उत्पादन 92 प्रतिशत बढ़ा है। इन उपलब्धियों से किसानों और ग्रामीणों की समृद्धि का सीधा रिश्ता है।
07.    मेरी सरकार ने इस वर्ष भी आदर्श व पारदर्शी व्यवस्था करते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की, जिससे अब तक की सबसे अधिक संख्या में 13 लाख 27 हजार किसानों को लाभ हुआ, जिनसे लगभग 10 हजार 317 करोड़ रू. का 69 लाख 58 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। मेरी सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को काफी गंभीरता से लिया है और इसके  लिए अनेक प्रयास कर रही है। ब्याज-रहित कृषि ऋण का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है। ऋण वितरण राशि भी पहली बार 3 हजार करोड़ रूपए को पार कर गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। अन्य फसलों के साथ गन्ना किसानों को उपज का सही दाम दिलाने के प्रयास भी हुए हैं, जिसके तहत राज्य का चौथा शक्कर कारखाना पण्डरिया में शुरू कर दिया गया है।
08.    कृषि ऋण प्रदाय में सरलता और सुगमता के लिए 22 लाख 44 हजार किसानों को ‘क्रेडिट कार्ड’ दिए गए हैं, जिनमें से 10 लाख किसानों को इसी वर्ष ‘रूपे के.सी.सी. कार्ड’ दे दिए जाएंगे, जिससे इस कार्ड का उपयोग अन्य बैंकों और अन्य कार्यों में किया जा सकेगा।
09.    जैविक खेती को बढ़ावा, लघु और सीमांत किसानों को उद्वहन सिंचाई हेतु अनुदान, ‘वन ड्रॉप-मोर क्रॉप’, मृदा परीक्षण कार्ड वितरण तथा प्रयोगशालाओं की स्थापना, कृषि सेवा केन्द्रों की स्थापना, कृषि यंत्रों हेतु अनुदान, तिवड़ा की स्थानीय किस्मों के बदले नई किस्मों का विकास, तीन जिलों में ‘प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग उत्पादन यूनिट’ की स्थापना, उद्यानिकी व मसाला फसलों को प्रोत्साहन, नवीन पशु औषधालयों की स्थापना जैसे प्रयासों के दूरगामी परिणाम होंगे।
10.    मुझे खुशी है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ शुरू करके जो क्रान्तिकारी पहल की थी, उसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ में दिया जा रहा है। इस योजना के कारण विगत वर्ष 694 करोड़ रूपए के बीमा दावे का भुगतान किसानों को किया गया है, जो एक कीर्तिमान है। उद्यानिकी फसलों के लिए भी मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है।
11.    विडंबना है कि इस बार फिर खरीफ फसल 2016 में 6 तहसीलों पर सूखे की छाया पड़ी है। मेरी सरकार ने फसल कटाई प्रयोग के आधार पर बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा तथा मुंगेली जिलों की इन तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 144 के तहत प्रभावित किसानों की राजस्व वसूली स्थगित कर दी है। इसके साथ ही सूखे का सामना करने वाले किसानों को सुविधाएं देने की जो प्रणाली बनाई गई है, उसका पूरा लाभ इन किसानों को देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है।
12.    मेरी सरकार ने किसानों के साथ पूरे प्रदेश की प्रगति में जल संसाधनों के विकास को प्रमुख तत्व माना है। नई रणनीति से सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए शुरू की गई अभिनव योजना ‘अभियान लक्ष्य भागीरथी’ की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हुई है। इस अभियान के तहत लम्बे समय से अपूर्ण 106 पुरानी योजनाओं को युद्ध स्तर पर पूर्ण किया जा रहा है। भू-अर्जन, वनभूमि के प्रकरण सहित अनेक बाधाओं का समाधान किया गया, जिससे पिछले वर्ष 22 हजार हेक्टेयर रकबे की तुलना में इस वर्ष एक लाख हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षमता अर्जित की जाएगी, जिसमें से 9 माह में ही लगभग 60 हजार हेक्टेयर की क्षमता सृजित कर ली गई है। इस नई रणनीति के परिणामस्वरूप पूर्व वर्षों में होने वाली वृद्धि 0.68 प्रतिशत से बढ़कर अब 2 प्रतिशत हो जाएगी।
13.    ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ में ‘फास्ट ट्रेक’ प्रगति के लिए राज्य की 3 सिंचाई परियोजनाओं- खारंग, मनियारी तथा केलो का चयन किया गया है। वर्ष 2019 तक इन योजनाओं से 42 हजार 625 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित होगी।
14.    शुद्ध पेयजल अनेक समस्याओं का हल है। इसलिए मेरी सरकार ने गांवों में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने के लिए नए-नए कदम उठाए हैं, जिसके कारण हैण्डपम्पों की संख्या तेरह वर्षों में लगभग दुगुनी हो गई है। पेयजलयुक्त शालाओं की संख्या 5 गुना बढ़ गई है। ग्रामीण पेयजल प्रदाय योजनाएं लगभग 3 गुनी और ग्रामीण स्थल जल प्रदाय योजनाएं ढाई गुना बढ़ गई हैं। जहां परम्परागत बिजली पहुंचाना मुश्किल होता है, वहां के लिए एक हजार से अधिक सोलर पम्प लगाए गए हैं। शहरी जल प्रदाय योजनाओं में 9 गुना वृद्धि हुई है।
15.    पेयजल की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए 27 जिला स्तरीय प्रयोगशालाएं, 36 उपखण्ड स्तरीय व चलित प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं। आर्सेनिक तथा अन्य अशुद्धियों से प्रभावित अंचलों- चौकी, नवागढ़, बेमेतरा, साजा विकासखण्ड के 270 गांवों में 218 करोड़ रूपए की योजनाएं राहत का माध्यम बनी हैं।
16.    अपने घर का सपना किसी भी व्यक्ति का सबसे बड़ा सपना होता है। ग्रामीण जनता हो या शहरी, हर जगह आवासहीनों को वर्ष 2022 तक अपना घर मुहैया कराने का लक्ष्य भारत सरकार ने दिया है। मुझे खुशी है कि इस दिशा में राज्य सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है, जिसके कारण 5 वर्षों में ग्रामीण अंचलों में 11 लाख तथा शहरी अंचलों में 3 लाख से अधिक आवास बनाकर दिए जाएंगे। इस दिशा में प्रारंभिक प्रगति सराहनीय है।
17.    मेरी सरकार ने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आवासीय समस्या के निराकरण हेतु 146 विकासखण्ड मुख्यालयों में 2 वर्षों में 6 हजार 424 आवास बनाने का निर्णय लिया है।
18.    नया रायपुर में प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजनाओं को समन्वित रूप से लागू करके न्यूनतम संभव दर पर आवास उपलब्ध कराने का एक नया उदाहरण पेश किया गया है, जिससे नया रायपुर की विश्व-स्तरीय अधोसंरचना का लाभ कमजोर तबकों को भी मिले और वे यहां रहकर उन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। नया रायपुर और रायपुर के बीच बी.आर.टी.एस. बस सुविधा शुरू हो गई है। सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर तथा प्रदूषण रहित उद्योगों में निवेशकों की रूचि बढ़ी है। इससे नया रायपुर में बसाहट भी बढ़ने लगी है। नया रायपुर विश्व-स्तरीय अधोसंरचना के साथ विश्व-स्तरीय संस्थाओं और सुविधाओं का नया ठिकाना है।
19.    ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के कारण गांवों में स्वच्छता का आंदोलन छिड़ गया है, जिसके कारण राज्य में स्वच्छता का कव्हरेज, राज्य गठन के समय के 5 प्रतिशत से बढ़कर अब 75 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख 50 हजार से अधिक व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। 6 हजार 75 ग्राम पंचायतें और 10 हजार 720 गांव ‘ओ.डी.एफ.’ हो चुके हैं। ग्रामीण मिशन के अन्तर्गत 4 जिलों के 56 विकासखण्ड ‘ओ.डी.एफ.’ होने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं।
20.    ‘स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय)’ के अन्तर्गत 2 लाख से अधिक निजी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। 5 नगरीय निकायों को ‘ओ.डी.एफ.’ घोषित किया गया है और लक्ष्य है कि समस्त नगरीय निकाय आगामी वित्तीय वर्ष में ‘ओ.डी.एफ.’ हो जाएं। ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ के लिए ‘मिशन क्लीन सिटी योजना’ लागू की गई है, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।
21.    मेरी सरकार ने ‘ओ.डी.एफ.’ का स्थायित्व बनाए रखने के लिए हर छमाही जिला स्तर पर एक करोड़, विकासखण्ड स्तर पर 50 लाख व ग्राम पंचायत स्तर पर 20 लाख रूपए का पुरस्कार देने की योजना बनाई है, जिससे हर स्तर पर ‘ओ.डी.एफ.’ घोषित इकाइयां  जनजागरण के माध्यम से खुले में शौच नहीं करने की आदत बनाए रखें।
22.    मेरी सरकार पंचायत तथा सहकारिता क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधियों को राज्य के विकास से भावनात्मक रूप से जोड़ने और विभिन्न संस्थाओं का अवलोकन कराने के लिए ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ संचालित कर रही है। सांसद आदर्श ग्राम योजना, विधायक आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना, मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’, रोशनी परियोजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना आदि के माध्यम से ग्रामीण अंचल में अधोसंरचना और रोजगार के अवसरों का सृजन हो रहा है।
23.    जिला और जनपद पंचायतों में संसाधन केन्द्र, अटल समरसता भवन, नवीन पंचायत भवन, मिनी स्टेडियम जैसे निर्माण कार्यों से ग्रामीण अंचलों में संस्थागत संरचनाएं अस्तित्व में आ रही हैं, जिससे ग्रामीण जनमानस का विश्वास बढ़ा है।
24.    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 26 हजार 720 किलोमीटर लम्बाई की 6 हजार 343 सड़कों, 56 वृहद पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है और बारहमासी सड़कों से राज्य की 8 हजार 611 बसाहटें जुड़ चुकी हैं।
25.    मेरी सरकार ने शहरों के सुधार हेतु बड़े कदम उठाए हैं, जिससे शहरों के नियोजित विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा, सार्वजनिक परिवहन तथा जनसुविधाओं के अनेक कार्य किए गए हैं।
26.    ‘सिटी बस परियोजना’ को भारत सरकार द्वारा ‘एक्सीलेंस अवार्ड’ का सम्मान मिलना राज्य के लिए गौरव का विषय है, जिसके अन्तर्गत 325 ए.सी. एवं नॉन-ए.सी. बसों के संचालन से नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता बढ़ी है। शीघ्र ही 53 नए मार्गों पर सिटी बसों का परिचालन प्रारंभ किया जाएगा। 6 नगर निगमों में 72 करोड़ रू. की लागत से 1 लाख 15 हजार से अधिक पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों को एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइट में बदला जा रहा है। ‘रायपुर स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड’ का गठन कर ‘स्मार्ट सिटी परियोजना’ को गति दी गई है।
27.    मेरी सरकार ने ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए गांव-शहर, अमीर-गरीब, निजी-शासकीय जैसे दायरों को समाप्त करते हुए अद्वितीय योजनाओं का सूत्रपात किया है, ताकि ‘सबकी सेहत-सबकी खुशहाली’ का माध्यम बने और इसका लाभ राज्य के विकास के लिए मिले। स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत, राज्य में निवासरत् समस्त परिवारों को बीमा कवच में लाने का लाभ 55 लाख से अधिक परिवारों को मिल चुका है। भारत सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
28.    पहले छत्तीसगढ़ में मात्र 100 सीटों की क्षमता वाला रायपुर स्थित एकमात्र मेडिकल कॉलेज संचालित था, किन्तु वर्तमान में 6 शासकीय कॉलेजों में 650 सीटें तथा 3 निजी कॉलेजों में 450 सीटें अर्थात् कुल 1100 सीटें उपलब्ध हो गई हैं। 4 विषयों में डी.एम. सीटों की स्वीकृति प्रक्रिया में है।
29.    मेरी सरकार की दूरदर्शी सोच के कारण डी.के.एस. पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, रायपुर (सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल) में 20 बिस्तर मॉड्यूलर बर्न यूनिट, मॉड्यूलर 60 बिस्तर डायलिसिस यूनिट, मॉड्यूलर कैजुअल्टी एवं मॉड्यूलर आई.सी.यू., निमोटिक सिस्टम, लेनिन निमोटिक सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट निमोटिक सिस्टम एवं बेलेस्टिक वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान स्थापित किए जाने की प्रक्रिया जारी है।
30.    ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ से मेरी सरकार माता मृत्यु-दर में कमी तथा गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव के लक्ष्य प्राप्त करेगी। शासकीय चिकित्सालयों में 24 घण्टे प्रसूति सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
31.    मेरी सरकार ने प्रदेश में कुपोषण दूर करने के लिए ‘महतारी जतन योजना’ आरंभ की है, जिसमें गर्भवती महिलाओं को घर ले जाने हेतु पौष्टिक आहार के अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रतिदिन ताजा गर्म भोजन प्रदाय किया जा रहा है। इसका लाभ 2 लाख 36 हजार महिलाओं को मिलेगा।
32.    ‘मुख्यमंत्री अमृत योजना’ के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में हर हफ्ते 10 लाख से अधिक बच्चों को 100 मिलीलीटर सुगंधित मीठा दूध देने की व्यवस्था की गई है।
33.    मेरी सरकार ने महिलाओं को संकट की स्थिति में एक ही स्थान पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए देश का पहला ‘वन स्टॉप सेंटर’ रायपुर में आरंभ किया था। इस वर्ष प्रदेश के सभी शेष 26 जिलांे मंे ऐसे केन्द्र खोल दिए जाएंगे। मुझे खुशी है कि महिला हेल्पलाइन 181 का प्रयोग सफल हुआ है और इससे सैकड़ों बेटियों को राहत मिली है। किशोरी बेटियों की सेहत, स्वच्छता, सुरक्षा के लिए 1900 से अधिक शासकीय शालाओं में सेनेटरी नेपकिन ए.टी.एम. वेंडिंग मशीन शुरू की जा रही है।
34.    मेरी सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण के तहत एक किलोमीटर की दूरी में प्राथमिक विद्यालय व 3 किलोमीटर की दूरी में पूर्व माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध करा दिए हैं। अब हर 5 किलोमीटर में हाईस्कूल तथा 7 किलोमीटर में हायर सेकेण्डरी स्कूल स्थापित करने का लक्ष्य पूरा कर रही है।
35.    शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हर स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। वहीं शिक्षकों को प्रशिक्षित कर अध्यापन की गुणवत्ता सुधारी जा रही है।
36.    गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों की कठिनाई हल करने के लिए प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को इन विषयों के किट दिए जा रहे हैं। कक्षा संकेतक निर्माण, प्रश्न बैंक, क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान, एजुसेट केन्द्र, डिजिटल साक्षरता की जानकारी, निःशुल्क शिक्षण, पुस्तकों और गणवेश का वितरण, मध्यान्ह भोजन, योग शिक्षा, सरस्वती साइकिल प्रदाय आदि योजनाओं से एक ओर जहां बेटियों को बेटों के समान पढ़ाई के अधिकार मिले हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की प्रतिभाएं भी मुखर हो रही हैं। शिक्षा गुणवत्ता अभियान मेरी सरकार की एक अभिनव पहल है, जिसके सतत् संचालन और इसमें सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों व जनता की भागीदारी से शालाओं की तस्वीर बदलने लगी है। राष्ट्रीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इग्नाइट पुरस्कार 2016 में छत्तीसगढ़ के 3 बच्चों का चयन एक सुखद संकेत है।
37.    मेरी सरकार ने आदिवासी अंचलों में तथा नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों के बच्चों का जीवन शिक्षा के प्रकाश से जगमगाने का जो संकल्प लिया है, उसके कारण मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना शुरू की गई और अब इसके अंतर्गत राज्य में 7 ‘प्रयास आवासीय विद्यालय’ संचालित हैं। यह गौरव का विषय है कि इन संस्थाओं के बच्चों ने अपनी प्रतिभा और शासन के प्रयासों की सार्थकता साबित की है और निरन्तर अधिक संख्या में आई.आई.टी., एन.आई.टी., इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा रहे हैं।
38.    कन्या छात्रावास-आश्रमों का सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षा, शौचालय, स्नानागार, अहाता, गार्ड रूम तथा अधीक्षिका आवासगृह का निर्माण, छात्रावासों में रसोई गैस, शिष्यवृत्ति में वृद्धि, बस्तर संभाग के छात्रावास- आश्रमों के विद्यार्थियों का अध्ययन भ्रमण, दो क्रीड़ा परिसरों की स्थापना आदि प्रयासों से आदिवासी अंचलों में शालाओं में सुविधाएं और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है।
39.    मुख्यमंत्री ग्यारह सूत्रीय कार्यक्रम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के समेकित विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, वहीं अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति के सांस्कृतिक विकास हेतु गुरू घासीदास जयंती एवं शहीद वीरनारायण सिंह जयंती आयोजन हेतु योजना प्रारम्भ की गई है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति बहुल जिलों बेमेतरा, बलौदाबाजार, जांजगीर-चाम्पा में 100 ग्रामों का चयन कर लिया गया है तथा 75 अतिरिक्त ग्रामों को सम्मिलित किया जा रहा है।
40.    तेन्दूपत्ता संग्रहण दर को 350 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ाते हुए 15 सौ रूपए प्रति मानक बोरा तक लाया गया और अब वर्ष 2017 संग्रहण सीजन में यह दर बढ़ाकर 18 सौ रूपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। अन्य लघु वनोपजों में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने से वनवासियों को काफी लाभ मिला है। जनश्री बीमा योजना, अटल समूह बीमा योजना के माध्यम से न सिर्फ तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सुरक्षा कवच मिला है, बल्कि उनके बच्चों की भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। वनक्षेत्रों से निकले बच्चे प्रदेश और देश के बड़े-बड़े संस्थानों में पढ़ाई के लिए जा रहे हैं और प्रवेश परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
41.    माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा नया रायपुर में निर्मित जंगल सफारी का लोकार्पण किया गया था, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है और बड़ी संख्या में यहां लोग पहुंच रहे हैं।
42.    मेरी सरकार ने उच्च शिक्षा की रोशनी सुदूर ग्रामीण एवं अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए बस्तर क्षेत्र के जावंगा में एक नए महाविद्यालय की स्थापना की है। विभिन्न प्रयासों से प्रदेश के सकल नामांकन अनुपात में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी हो रही है, जो वर्ष 2000 के 3.5 प्रतिशत से बढ़कर अब लगभग 16 प्रतिशत हो गया है। 14 शासकीय महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा दिया गया है, जिसके फलस्वरूप अब प्रदेश के सभी जिलों में न्यूनतम एक स्नातकोत्तर महाविद्यालय हो गया हैं। विज्ञान विषय में छात्र-छात्राओं की रूचि बढ़ाने एवं भविष्य में विज्ञान शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए इस वर्ष 62 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर विज्ञान एवं अन्य विषयों की पढ़ाई कराने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही उच्च शिक्षा की बढ़ती मांग के परिप्रेक्ष्य में 48 विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में 11 हजार सीटों की वृद्धि की गई है।
43.    ‘सेतु’ (स्टूडेंट इम्पॉवरमेंट थ्रू टेक्नालॉजी यूटीलाइजेशन) कार्यक्रम के तहत लगभग 80 हजार छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन एडमिशन किया गया एवं सूचना तकनीकी से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के मध्य बेहतर संवाद कायम हुआ है। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 21 महिला महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं एवं स्नातक स्तर तक शैक्षणिक शुल्क माफ किया गया है। महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं अधोसंरचनाओं के लिए ‘महाविद्यालयीन पंचमुखी विकास कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है, जिसके बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। संभाग स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले महाविद्यालयों को पुरस्कृत भी किया गया है। 2 विश्वविद्यालयों व आधा दर्जन महाविद्यालयों को ‘नैक’ से ‘ए’ ग्रेड की मान्यता मिलने से हमारे गुणवत्ता वृद्धि अभियान को मान्यता मिली है।
44.    मेरी सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा निर्णायकों को दिए जाने वाले पुरस्कारों की संख्या के साथ नगद राशि में भी वृद्धि की है। दिव्यांगजनों के लिए भी पुरस्कार स्वीकृत किए गए हैं। इस वर्ष लगभग 2 करोड़ रूपए की नगद राशि ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में जमा की गई है। भविष्य में नगद पुरस्कार राशि डी.बी.टी. के माध्यम से ही भुगतान किए जाने की व्यवस्था की जा रही है। खेल प्राधिकरण का गठन, नई खेल नीति का निर्माण, खेल अकादमियों की शुरूआत जैसे अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे राज्य में युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित किया जा सके, साथ ही खेल उनके कैरियर निर्माण का माध्यम बन सकेंे।
45.    वर्ष 2016 में, लगातार दूसरी बार भारत सरकार एवं विश्व बैंक द्वारा कराया गया ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ का सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के लिए खुशी का कारण बना है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद छत्तीसगढ़ देश के अव्वल 4 राज्यों में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। छत्तीसगढ़ ने 10 क्षेत्रों में से 7 क्षेत्रों में शत-प्रतिशत मापदण्डों का परिपालन करते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की है। राज्य में व्यवसाय की सुगमता के लिये निवेशकों को ऑनलाइन कार्यवाही की सुविधा कई क्षेत्रों में उपलब्ध कराई गई है। सीएसआईडीसी का भू-आबंटन तथा इससे संबंधित राशियों जैसे प्रीमियम, लीज़ रेंट, मेंटनेंस आदि की वसूली हेतु ऑनलाइन सुविधा प्रारंभ की गई है। इसके साथ अनेक अनुदान एवं पंजीयन संबंधी प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जा चुकी है।
46.    राज्य में स्टार्ट-अप यूनिट्स को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पैकेज लागू करते हुए, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने की पहल की गई है। केन्द्र से पंजीकृत स्टार्ट-अप को भुगतान किए गए ‘वेट’ की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति एवं किराया अनुदान देने जैसे आकर्षक प्रावधान इसमें शामिल हैं। मेरी सरकार के विशेष प्रयासों से कुरुद, जिला धमतरी में 45 करोड़ रूपए की लागत से ‘फूड पार्क’ की स्थापना की जा रही है जिसमें स्थापित होने वाले उद्योगों में लगभग 500 करोड़ रूपए का निवेश संभावित है। नया रायपुर में 92 करोड़ रूपए की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर है। इसमें लगभग 500 करोड़ रूपए का निवेश संभावित है। राजनांदगांव जिले के ग्राम खैरझीट्टी में 100 करोड़ रूपए की लागत से़ 40 हेक्टेयर भूमि पर ‘प्लास्टिक पार्क’ प्रस्तावित है, जिसमें 300 करोड़ रूपए का निवेश संभावित है।
47.    मेरी सरकार सम्पर्क-सुविधाओं में क्रान्ति लाकर राज्य के हर क्षेत्र को एक-दूसरे से जोड़ना चाहती है, जिससे भावनात्मक और भौतिक सामीप्य का लाभ हर तबके को मिले। सड़क, पुल-पुलियों और विभिन्न भवनों के लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने का अभियान शुरू किया गया है, ताकि इनका लाभ जल्दी जनता को मिल सके। राज्य मद से इस वर्ष 2024 किलोमीटर सड़कों का निर्माण तथा उन्नयन, 34 वृहद पुलों, एक रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण पूरा किया गया है। 179 वृहद पुलों, 8 रेलवे अण्डर तथा ओव्हर ब्रिज का निर्माण प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग की 95 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया है तथा लगभग 12 सौ किलोमीटर सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। नक्सल प्रभावित जिलों में 721 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है तथा 1,061 किलोमीटर सड़कों का कार्य प्रगति पर है। आगामी 3 वर्षों में नक्सल प्रभावित अंचलों में 29 सौ करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
48.    रेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए लीक से हटकर विशेष रणनीति अपनाई गई और 13 सौ किलोमीटर का नया रेलवे नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें से ज्यादातर क्षेत्र रेलवे सुविधाविहीन अंचलों में हैं। राज्य के वाणिज्यिक, औद्योगिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए विमानन क्षेत्र की आधारभूत संरचना विकास संबंधी योजना बनाई गई है, साथ ही भारत सरकार की नवीन नागरिक उड्डयन नीति में शामिल रीज़नल कनेक्टिविटी योजना को सफल बनाने और इसमें राज्य की भागीदारी जोड़ने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पित है, जिससे राज्य के भीतर विमान सेवा प्रारम्भ कर आम नागरिकों को सस्ती हवाई यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
49.    प्रत्येक जिले में प्रमुख स्थानों पर हेलीपेड का निर्माण किया गया है तथा विमान की फ्यूलिंग की सुविधा विकसित की गई है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में उड़ानें सुगम हुई हैं। स्वामी विवेकानन्द विमानतल रायपुर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित करने हेतु रन-वे विस्तार तथा अन्य मूलभूत संरचना का विकास किया जा रहा है, इसके लिए राज्य शासन द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को माना-रायपुर में 400 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में विकास की गति को तेजी प्रदान करने के लिए जगदलपुर विमानतल को ‘2-सी व्हीएफआर’ श्रेणी में विकसित किया जा रहा है। तेज औद्योगिक विकास के साथ ही रायगढ़ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रायगढ़ के कोंडातराई विमानतल को ‘3-सी व्हीएफआर’ श्रेणी में विकसित करने की योजना है। बिलासपुर (चकरभाठा) में सैन्य संस्थान तथा रक्षा उड़ान बेस की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, इसके साथ ही यहां सिविल एयरपोर्ट का निर्माण किया जाना है।
50.    मेरी सरकार माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ी है और इससे संबंधित गतिविधियों में देश में अव्वल स्थान पर है। राज्य में ऑनलाइन नागरिक सेवाओं के माध्यम से सुशासन को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। ‘चॉइस सेन्टर’ तथा ‘सामान्य सेवा केन्द्र’ जनसुविधाओं के गढ़ बन रहे हैं, जिससे सरकारी दफ्तर पहुंचे बिना भी सरकारी दस्तावेज, प्रमाण-पत्र, अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि आसानी से मिल रहे हैं।
51.    संचार-क्रान्ति के नए दौर में बस्तर संभाग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ’बस्तर-नेट परियोजना’ शुरू की गई है। इस योजना के द्वारा बस्तर संभाग में राज्य सरकार का अपना ‘डिजिटल इन्फॉरमेशन हाइवे’ तैयार होगा। इस योजना के तहत बस्तर संभाग के सुदूर क्षेत्रांे में 65 करोड़ की लागत से 836 किलोमीटर लम्बा ‘ऑप्टिकल फाइबर केबल’ बिछाया जाएगा। इस योजना से बस्तर संभाग में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को कनेक्टिविटी प्राप्त होगी, जिससे मोबाइल टावरों की संख्या में वृद्वि होगी और मोबाइल तथा इंटरनेट सेवा का विस्तार होगा। यह नेटवर्क मोबाइल भुगतान की तकनीक में सहयोग करेगा, जिससे डीबीटी जैसी योजनाओं को बल मिलेगा। योजना से संभाग के दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी और लाइवलीहुड कॉलेज आदि को भी तीव्र गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इस तरह ‘बस्तर नेट’ योजना बस्तर को नए युग में ले जाने का प्रवेश-द्वार बनेगी और इससे सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सम्पर्क आदि क्षेत्रों में बड़ी छलांग लगाना संभव होगा।
52.    मेरी सरकार ने पुलिस को ‘परित्राणाय साधुनाम’ का ध्येय-वाक्य दिया है, जो वेद की वाणी है। इस तरह हमारी पुलिसिंग का ध्येय  भले लोगों की रक्षा और उनको सहयोग करना है। इस दृष्टिकोण से राज्य का पुलिस बल अपराध नियंत्रण और अनुसंधान के अलावा बहुआयामी भूमिका का निर्वाह कर रहा है जो अन्य राज्यों की पुलिसिंग से अलग है। राज्य में थानों की व्यवस्था मजबूत करने के लिए भारत सरकार की सी.सी.टी.एन.एस. योजना के तहत थानों को जोड़ने की योजना प्रगति पर है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार एफ.आई.आर. 24 से 72 घण्टे के बीच पुलिस वेबसाइट पर होस्ट की जा रही है। प्रदेश में साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिस अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। राज्य मंे चार अतिरिक्त भारत रक्षित वाहिनियों का गठन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस तथा केन्द्रीय सशस्त्र बलों द्वारा दी जा रही सुरक्षा एवं सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों मंे सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। नक्सली क्षेत्रों में पुलिस हाऊसिंग बोर्ड द्वारा सृदृढ़ीकृत थानों का निर्माण किया जा रहा है।
53.    प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ राज्य पुलिस बल तथा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। 1 जनवरी 2016 से 26 जनवरी 2017 तक कुल 223 पुलिस-नक्सली मुठभेड़़ हुई, जिसमें 145 माओवादी मारे गये तथा 323 हथियार व 327 लैण्ड माइंस बरामद किया गया। नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा मंे लाने के लिए सक्रिय नक्सलियों की गिरफ्तारी एवं समर्पण हेतु उनके विरूद्ध घोषित ईनाम की राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। माओवादियों के बेहतर पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुनरीक्षित पुनर्वास नीति जारी की गई है।
54.    वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान शासन द्वारा 4 नवीन पुलिस चौकी खोलने तथा 3 चौकियों के थाने में उन्नयन की स्वीकृति दी गई है साथ ही विभिन्न श्रेणियों के कुल 4 हजार 588 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। पुलिस कर्मियों की बेहतर आवास व्यवस्था के लिए और 10 हजार नवीन आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। आधुनिकीकरण योजना के तहत पुलिस बल को नवीन संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। आपदाओं से निपटने के लिए दक्ष बल बनाने की दिशा में मेरी सरकार ने संचालनालय अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा एस.डी.आर.एफ. का गठन किया है, जिसके लिए भर्ती और प्रशिक्षण की दिशा में कार्य प्रगति पर है।
55.    शासकीय मंदिर, देवस्थान एवं मठ प्रदेश की धरोहर हैं। मंदिर-देवालयों की संपत्तियों की पर्याप्त सुरक्षा की दृष्टि से शासन ने इसकी भूमि से संबंधित जानकारी तहसील स्तर पर संधारित करने के निर्देश दिए हैं। इससे भूमि को अनाधिकृत रूप से बेचने पर रोक लगेगी। इसी प्रकार सार्वजनिक न्यास वाले मंदिरों की भूमि के लिए प्रबंधक के रूप में जिला कलेक्टर को नियुक्त किया गया है। शासकीय मंदिरों में कार्यरत पुजारियों-सेवादारों तथा बस्तर अंचल के मांझी-चालकियों को दिए जा रहे मानदेय में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
56.    ‘एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार’ की अवधारणा के तहत जी.एस.टी. कानून के क्रियान्वयन के लिए नामांकन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में व्यापारियों के लिए 30 वृत्त कार्यालयों तथा 90 अन्य स्थानों पर निःशुल्क हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं, जिसमें व्यापारियों द्वारा नामांकन कराया जा रहा है। राज्य में लगभग 75 प्रतिशत व्यवसायियों का नामांकन हो चुका है। साथ ही जी.एस.टी. की विस्तृत जानकारी व्यापारियों, व्यावसायिक संगठनों को वर्कशॉप एवं सेमीनार के माध्यम से प्रदाय की जा रही है।
57.    मेरी सरकार ने भूमि अभिलेखों के रखरखाव और उसकी नकल उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रदेश की सभी 150 तहसीलों में खसरों, बी-वन तथा नक्शों का कम्प्यूटरीकरण कर लिया गया है। जिसकी नकल सभी तहसीलों से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। भू-अभिलेख विभाग की वेबसाइट से भी  हितग्राही अपनी भूमि का अभिलेख ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सभी तहसीलों में डाटा सेन्टर की स्थापना, तहसीलों की आपस में कनेक्टिविटी, सभी जिलों में आधुनिक रिकॉर्ड-रूम, पंजीयन कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण, राजस्व सर्वेक्षण की व्यवस्था का लाभ व्यापक पैमाने में लोगों को मिलेगा।
58.    मेरी सरकार द्वारा प्रदेश के सम्पूर्ण ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। 19 हजार 567 ग्रामों में से 19 हजार 50 ग्रामों का विद्युतीकरण हो चुका है, शेष 517 ग्रामों में से 104 ग्रामों का विद्युतीकरण पारंपरिक विद्युत तार से तथा अन्य 413 ग्रामों का विद्युतीकरण सौर ऊर्जा से मार्च 2019 तक करने का लक्ष्य है। ऐसे ग्राम एवं मजरा टोले जो वर्तमान में संचालित ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ में नहीं आते, उनको मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना का लाभ मिलेगा।
59.    राज्य में विद्युत पारेषण एवं वितरण प्रणाली की क्षमता को भावी आवश्यकता के अनुरूप विकसित करने के लिए 6 हजार करोड़ रूपए से अधिक के निवेश से 34 अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र, 33/11 केव्ही के 194 उपकेन्द्र तथा बड़ी संख्या में वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इससे प्रदेश के कोने-कोने में गुणवत्ता सहित विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति हो सकेगी और प्रदेश में औद्योगिकीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ‘सौर सुजला योजना’ के माध्यम से 51 हजार सोलर पम्पों की स्थापना की जा रही है, जो बिजली की पहुंच से दूर खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएंगे। वहीं नक्सल प्रभावित 382 असर्वेक्षित गांवों में ‘सोलर होम लाइट’ की व्यवस्था की जा रही है।
60.    मेरी सरकार ने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक दृष्टि से महत्व के स्थानों पर पर्यटन के विकास पर ध्यान दिया है। ‘राम वन-गमन पथ’ के अलावा ट्रायबल थीम, वाटर बेस्ड पर्यटन-परिपथों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
61.    प्रदेश में सड़क परिवहन की सुविधाएं तथा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समस्त परिवहन कार्यालयों को ऑनलाइन किया गया है। ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंस्पेक्शन एण्ड सर्टिफिकेशन सेन्टर, इंटीग्रेटेड बार्डर चेकपोस्ट, सेन्सर आधारित कम्प्यूटराइज्ड ड्रायविंग ट्रेक की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के 25 जिलों में परिवहन कार्यालय संचालित हो रहे हैं, शेष 2 जिलों बीजापुर और सुकमा में भी शीघ्र ही परिवहन कार्यालय प्रारम्भ किए जाएंगे।
62.    श्रम सुधार और श्रमिक कल्याण की दिशा में मेरी सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। श्रम अधिनियमों के तहत समस्त लाइसेंसिंग तथा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। छोटी गैर खतरनाक औद्योगिक स्थापनाओं को निरीक्षण से मुक्त किया गया है। स्व-प्रमाणीकरण योजना के अन्तर्गत विभिन्न औद्योगिक स्थापनाओं को निरीक्षण से छूट दी गई है। असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करने के मामले में छत्तीसगढ़ एक आदर्श राज्य बना है। वहीं कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं फिलहाल 10 जिलों में संचालित हैं, जिसे शेष 17 जिलों में भी लागू करने की योजना है। कोरबा, भिलाई, रायपुर तथा रायगढ़ में अन्तःरोगी अस्पताल खोलने के लिए जमीन का चिन्हांकन, आवंटन किया गया है।
63.    मेरी सरकार ने लाइवलीहुड कॉलेजों की स्थापना और कौशल उन्नयन विकास योजनाओं के संचालन में भी बहुत ध्यान दिया है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है।
64.    मेरी सरकार ने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ को माताओं-बहनों की आंखों को धुएं की त्रासदी से मुक्त करने का माध्यम बना दिया है। 35 लाख हितग्राहियों को मात्र 200 रूपए की रजिस्ट्रेशन राशि पर नए गैस कनेक्शन के साथ दो बर्नर वाला गैस चूल्हा, पहला भरा सिलेण्डर देने का संकल्प लेने वाला देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है। मुझे खुशी है कि अल्प-समय में ही 8 लाख से अधिक रसोई घरों को धुंआमुक्त कर दिया गया है।
65.    मेरी सरकार ने गौण खनिज से प्राप्त राजस्व, ग्रामीण तथा नगरीय निकायों को वितरित करने की प्रणाली अपनाई है, जिससे विगत वर्ष 194 करोड़ रूपए की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय विकास हेतु उपलब्ध कराई गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डी.एम.एफ.) में प्राप्त राशि के सदुपयोग के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसके तहत विभिन्न जिलों में 24 सौ करोड़ रूपए की कार्ययोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसी प्रकार राज्य खनिज विकास निधि का लाभ परिवहन सुविधाओं के विकास में मिलेगा। रेल कॉरिडोर विकास परियोजनाओं सहित स्थानीय महत्व के अनेक कार्यों में इस राशि का उपयोग किया जाएगा।
66.    मेरी सरकार ने दिव्यांगजनों को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित करने हेतु 3 नई योजनाएं शुरू की हैं। राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में राज्यांश की राशि 50 रूपए से बढ़ाकर 200 रूपए कर दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण प्रदान करने जैसे अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे समाज में वे गरिमा के साथ रह सकें।
67.    माननीय प्रधानमंत्री जी के आव्हान पर कैशलेस इकॉनामी को बढ़ावा देने के लिए मेरी सरकार द्वारा वृहद जागरूकता अभियान चलाया गया है, जिसमें 16 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। पी.ओ.एस. मशीनों से ‘वेट’ समाप्त किया गया, जिससे लगभग 12 हजार नई मशीनें स्थापित की गई हैं। जन-धन योजना के माध्यम से एक लाख 19 हजार नए बैंक खाते खोले गए। जन-धन खातों में आधार सीडिंग का काम किया जा रहा है, ताकि इनका उपयोग कैशलेस लेन-देन में किया जा सके। पी.डी.एस., धान खरीदी, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अनेक योजनाओं में ऑनलाइन भुगतान से कैशलेस व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
68.    छत्तीसगढ़ अपनी विरासतों, विविध लोक-संस्कृतियों, समरसता और शांतिप्रिय वातावरण के संरक्षण के साथ विकास की नई दिशाओं में तेजी से अग्रसर हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमिता, सुधार और प्रशासनिक नवाचार ने राज्य और इसके निवासियों को एक नई पहचान दी है। लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान और संविधान-सम्मत आचरण राज्य की विशेषता है। यही शक्ति देश को विभिन्न चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाती है और यही शक्ति राज्य के वन अंचल बस्तर के एक हिस्से में सिमटे नक्सलवादियों का हौसला कमजोर करने में भी मदद कर रही है। राष्ट्रभक्त, प्रदेशवासियों की तपस्या और सुरक्षा बलों के जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति पर प्रदेश निरन्तर आगे बढ़े और इसमें आप सबकी भागीदारी हो, इसके लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
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Date: 
27 Feb 2017