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रायगढ़ : मिड़मिड़ा के ग्रामीण सहित कई जगहों में लोग सुने आज रमन के गोठ

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किसानों के हित के लिए सतत् प्रयासरत छत्तीसगढ़ सरकार
जैविक खेती की ओर अग्रसर कृषक

रायगढ़, 13 दिसम्बर 2015

 पुसौर विकास खण्ड के ग्राम मिड़मिड़ा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आज रमन के गोठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहां उपस्थित बड़ी संख्या में सरपंच, पंच सहित ग्रामीणजनों ने आकाशवाणी के माध्यम से सीधे प्रसारित मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अभिनव कार्यक्रम रमन के गोठ को रेडियो के माध्यम से सुना। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज प्रदेश के जनता के लिए आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम रमन के गोठ की चौथी कड़ी में जहॉ सूखा पीडि़त किसानों की मदद के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता प्रकट की, वहीं उन्होंने नक्सल हिंसा पीडि़त दंतेवाड़ा जिले के 128 गांवों में एक हजार से भी ज्यादा किसानों द्वारा की जा रही जैविक खेती के लिए इन किसानों की विशेष रूप से तारीफ  की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक कुमार अग्रवाल, रायगढ़ एसडीएम श्री प्रकाश कुमार सर्र्वे, जनपद सीईओ श्री नीलाराम पटेल, ग्राम-मिड़मिड़ा के सरपंच-श्रीमती सावित्री गुप्ता, पंच-पूर्णचंद गुप्ता, पटवारी-तरूणा साहू, सचिव-भीमसेन सिदार, प्रेरक-भगवतिया उरांव, कु.कुंतला साव, अजय प्रधान, राधेश्याम किसान, महादेव, ललित गुप्ता, इंद्रलाल सारथी, घनश्याम गुप्ता, कोटवार-संजय चौहान, मनोज उपाध्याय, शिक्षकगण भूपेश पण्डा, अशोक गुप्ता, जीवन पटेल, प्रहलाद पटेल, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन महिला-पुरूष सहित स्कूली बच्चे मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बताया कृषि को टिकाव व अच्छी फसल के लिए 16 प्रमुख तत्वों जैसे कार्बन, हायड्रोजीन आदि के बारे में बताते हुए कहा कि कृषि को इन सभी चीजों की जरूरत होती है तभी जाकर किसानों के फसल में अच्छी पैदावार होती है। इसके लिए उन्होंने किसानों के लिए मिट्टी अच्छी सेहत की जरूरत पर बल दिया और उन्हें यह भी बताया कि मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए राज्य में आठ नई प्रयोग शालाएं खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने प्रदेश की सात विशेष पिछड़ी जनजातियों के लगभग एक लाख 94 हजार सदस्यों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए 11 सूत्रीय समयबद्ध विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की। शहरों से लेकर गांवों तक आज भी जगह-जगह लोगों ने बड़ी दिलचस्पी के साथ सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता को सुनकर अपनी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
ग्राम-मिड़मिड़ा के पदमा, मादरी, वृन्दावती, कोटवार-संजय चौहान, घनश्याम गुप्ता एवं वहां उपस्थित अन्य ग्रामीणों से पूछा गया कि आपको रमन सिंह की कौन से बात अच्छी लगी? उन्होंने बताया कि राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों को आरबीसी की धारा 6.4 के प्रावधानों के तहत किसानों को राहत राशि वितरण की जो घोषणा की है वह हम सब किसानों के लिए अच्छी व राहत भरी खबर है।  
इतवारी, सहोद्रा, सुकेशा, भीमसेन सिदार, भगवतिया ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशन योजना की जानकारी दी, वह हम सबको अच्छी लगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना जो संचालित किए जा रहे है यह योजना हमारे बुढ़ापे के लिए कारगर साबित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपने आज के प्रसारण में विश्व मृदा दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश में मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना लागू की गई हैं। प्रधानमंत्री जी ने स्वस्थ धरा, खेत हरा, का भी नारा दिया है। इसमें दो राय नहीं कि मिट्टी से जितना सीधा संबंध किसानों का होता है, उतना किसी और का नहीं हो सकता। आवास, भोजन, ऊर्जा संरक्षण जैसे तमाम विषय मिट्टी के साथ जुड़े हैं। डॉ रमन सिंह ने कहा कि मिट्टी स्वास्थ्य योजना, के तहत असिंचित क्षेत्रों में  प्रति दस हेक्टेयर पर एक सिंचित भूमि में प्रति हेक्टेयर एक नमूना मिट्टी का लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में राज्य में मिट्टी के आठ लाख 78 हजार नमूने लिये जाएंगे। प्रयोगशालाओं में इन नमूनो का परीक्षण कर किसानों को बताया जाएगा कि उनके खेतो की मिट्टी उर्वरा क्षमता कैसी है, और जमीन को किस तरह की खाद की जरूरत है।
डॉ. सिंह ने प्रदेश की विशेष पिछड़ी सात विशेष पिछड़ी जनजातियों के समयबद्ध 11 सूत्रीय विशेष अभियान शुरू करने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत हमारे राज्य में अभी भी बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबूझमाडिय़ा, पण्डो और भुंजिया ऐसी विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं, जिनकी कुल जनसंख्या राज्य में एक लाख 94 हजार से अधिक है। राज्य सरकार ने इनके विकास के लिए विशेष समयबद्ध अभियान, चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें अन्य लोगों की तरह जीवन की सभी मूलभूत सुविधाएं 03 वर्ष के भीतर उपलब्ध हो सकेगी। इन जनजातियों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 300 नये फुलवारी केंद्रों की स्थापना भी की जाएगी। ये जनजातियां अभी भी अपनी आजीविका के लिए वनोपज संग्रह, पारम्परिक कृषि, कन्दमूल और जड़ी-बूटी जैसे साधनों पर निर्भर हैं।
डॉ. रमन सिंह ने श्रमिक कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना की भी जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, के तहत  छत्तीसगढ़ में पंजीकृत दस लाख निर्माण श्रमिकों को बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इस योजना में 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु समूह के प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को मात्र 330 रुपए वार्षिक प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा मिलेगी। उनकी सामान्य मृत्यु की दशा में दो लाख रूपये उनके आश्रितों का मिलेंगे। इस योजना की आधी प्रीमियम राशि श्रम विभाग द्वारा और शेष 165 रूपये निर्माण श्रमिक द्वारा दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा दिसम्बर का महीना 'सर्व-धर्म समभावÓ की हमारी विरासत को आगे और मजबूत बनाने का अवसर लेकर आता है। छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह जी का शहादत दिवस हमने 10 दिसम्बर को मनाया। डॉ सिंह ने  कहा कि आगामी 18 दिसम्बर को संत गुरू बाबा घासीदास की जयंती और उसी दिन गुरू गोविंद सिंह जी की भी जयंती है। उन्होंने दोनों महान विभूतियों की जयंती पर शुभकामनाएॅ दी। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने आगामी 24 दिसम्बर को मनाये जाने वाले मुस्लिम समाज के ईद-उल-मिलाद के त्यौहार और 25 दिसम्बर को मसीही समाज के त्यौहार क्रिसमस के लिए भी रेडियो वार्ता के माध्यम से लोगो के प्रति अपनी शुभेच्छा प्रकट की।

स.क्र. /87/नूतन 
                            

 

Date: 
13 Dec 2015