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सूरजपुर : रमन के गोठ कार्यक्रम का सत्रहवीं कडी को छात्रावास की छात्राओं ने ध्यानपूर्वक श्रवण किया

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सूरजपुर 08 जनवरी 2017

मुख्यमंत्री डा0 रमन सिंह का रमन का गोठ कार्यक्रम की सत्रहवीं कडी आज सूरजपुर के प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास के छात्राओं द्वारा ध्यानपूर्वक सुना गया। वहां उपस्थित छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री डा0 रमन सिंह ने रमन के गोठ के माध्यम से शासन के विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तार पुर्वक सुना और कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारे प्रदेश में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी मिलती है जिसके लिए छात्राओं ने डा0 रमन सिंह का धन्यवाद दिया। इसी क्रम में आज ग्राम सोनवाही में भी रमन के गोठ केा ग्राम सोनवाही के मैदान मे खेल रहे खिलाडियों ने सुना ।
    
       मुख्यमंत्री डा0 रमन सिंह ने समस्त प्रदेशवासियों के लिए नया साल बहुत शुभकामनाएं दी , सुख, समृद्धि और सफलताओं से भरा हो।  उन्होने कहा कि नए साल के पहले महीने में ऐसे अनेक पर्व व त्यौहार हैं, जो जन-जीवन को उत्साह और उमंग से भर देंगे। 5 जनवरी को गुरू गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, पूरी दुनिया में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। कल 7 जनवरी को राजिम भक्तिन माता की जयंती मनाई गई। अब आगे 12 जनवरी को छत्तीसगढ़ का बहुत लोकप्रिय पर्व छेरछेरा है, जो किसान और ग्रामीण जीवन के साथ दान-पुण्य की महिमा का बखान करता है। युवाओं के प्रेरणास्त्रोत और भारतीय संस्कृति के उन्नायक स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस 12 जनवरी को है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति, पोंगल है, इस दिन सूर्य देवता उत्तरायण होते हैं और जो ऋतु बदलने का संकेत भी है। 19 जनवरी को डॉ. सैयदना साहब का जन्म दिवस है। 23 जनवरी को नेता जी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती है। इन सभी अवसरों को हम सब उत्साह के साथ मनाकर अपने जीवन को तरो-ताजा करते हैं और इसका सकारात्मक संदेश ग्रहण करते हैं।
महिला उद्घोषक द्वारा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में भारत की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की आधारशिला रखी गई। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कालाधन, जालीनोट, भ्रष्टाचार और आतंकवाद- नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए आर्थिक उपायों की साहसिक और ऐतिहासिक शुरूआत की। ‘कैशलेस इकॉनॉमी’ को बढ़ावा देने का महाअभियान शुरू किया।
         रमन सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को कालाधन की भयंकर बीमारी से मुक्त कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई ऐतिहासिक, साहसिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल का पहला चरण अभूतपूर्व सफलता के साथ पूरा हुआ है। इससे बेइमानों, षडयंत्रकारियों और स्वार्थी तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं। ईमानदार और देशभक्त जनता का आत्म विश्वास बढ़ा हैै। जनता को विश्वास हुआ है, कि अब इस देश में ईमानदारी की कदर होगी और बेइमानों को घुटने टेकने पड़ेंगे। आर्थिक उपायों का लाभ गरीबों, किसानों, महिलाओं, जरूरतमंदों, आवासहीनों, वरिष्ठ नागरिकों को किस तरह मिलेगा, इसकी लकीर भी प्रधानमंत्री ने खींच दी है। इस महाअभियान के दौरान बैंकों में जमा हुए धन का सदुपयोग किस तरह होगा, इससे संबंधित कुछ घोषणाएं हो चुकी हैं और भी बहुत कुछ होना बाकी है। क्योंकि मोदी जी ने कहा है कि आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।
नोटबंदी का तोहफा जनता को नए आवास ऋण की ब्याज दर में 3 से 4 प्रतिशत तक की कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दर भी घटा दी है। इसके अलावा मोदी ने रबी फसल के लिए 60 दिन का ब्याज माफ करने, गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रूपए डी.बी.टी. के माध्यम से देने, वरिष्ठ नागरिकों को बैंक में स्थाई जमा पर 8 प्रतिशत ब्याज दर देने तथा लघु उद्योगों को 2 करोड़ रूपए की गारंटी देने की घोषणा भी की है।

       डा0 रमन सिंह ने बताया कि कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उपायों और विकल्पों के बारे में मैंने पिछली बार विस्तार से बताया था। यू.पी.आई. एपध्यू.एस.एस.डी.-स्टार 99 हैशध्प्री-पैड वॉलेट या ई-बटुआ पी.ओ.एस. मशीन, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम। ये पांच तरीके हैं, जिससे हम नगद के बिना लेनदेन कर सकते हैं। हमने छत्तीसगढ़ में ‘मोर खीसा एप’ लांच किया है, जो एक क्लिक पर सभी विकल्पों को दिखाएगा, आप इसमें से अपनी पसंद के विकल्प का इस्तेमाल कैशलेस भुगतान के लिए कर सकते हैं। जनता को सभी तरीकों का प्रशिक्षण देने के लिए बहुत बड़ा अभियान राज्य में छेड़ा है। सबसे पहले 9 दिसम्बर को रायपुर में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया, जो ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक, हाट-बाजार से लेकर शहरों के व्यापारियों तक को प्रशिक्षित करने मंे जुट गए है। इस तरह हर नया प्रशिक्षित व्यक्ति मास्टर ट्रेनर बनता गया और 20 दिनों के रिकार्ड समय में 14 लाख नागरिक तथा एक लाख व्यापारी डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
राज्य में कैशलेस लेनदेन के लिए प्रशिक्षित लोगों की संख्या 15 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हर दिन बढ़ रही है। इन प्रशिक्षित लोगों को ही हम ’‘डिजिटल-आर्मी’’ कहते हैं।
आपको यह जानकर खुशी होगी कि सर्वाधिक लोगों को प्रशिक्षण देने वाले हम देश के अव्वल राज्य बन गए हैं। 31 दिसम्बर 2016 तक जितने लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उससे तीन गुना अधिक लोगों को हम प्रशिक्षित कर चुके हैं। हर जिले में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पंचायत तथा विभिन्न विभागों द्वारा पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ यह प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे ’’कैशलेस-ट्रांजेक्शन’’ करने वाले व्यापारियों तथा आम नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
         उन्हाने कहा कि मुझे विश्वास है कि जल्दी ही हम प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को कैशलेस लेनदेन के लिए प्रशिक्षित कर देंगे और प्रदेश का हर नागरिक हमारी ’‘डिजिटल-आर्मी’’ का प्रशिक्षित सैनिक होगा। इससे डिजिटल साक्षरता का भी विस्तार बहुत से तेजी से होगा। हमारी ’‘डिजिटल-आर्मी’’ जन-सशक्तीकरण का माध्यम बनेगी और एक पंथ और कई काज करेगी। ’’कैशलेस-ट्रांजेक्शन’’  के संबंध में डा0 रमन सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि कैशलेस इकॉनॉमी गांव, गरीब, किसान के लिए वरदान है। क्योंकि यह उन्हें अपने मेहनत और हक का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी। बड़े व्यापारी या बड़ी संस्थाएं, बड़े भुगतान करते हैं, उसमें राशि भले अधिक हो लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए मेरी मान्यता है कि बड़े व्यापारियों के लेनदेन में ईमानदारी और पारदर्शिता की दृष्टि से इसका उपयोग है, लेकिन गरीब मध्यम वर्गीय लोगों, छोटे दुकानदार और आम जनता के लिए तो इसमें फायदे ही फायदे हैं। सबसे पहला फायदा तो उनकी राशि की सुरक्षा है।
       जब कोई व्यक्ति शासकीय योजना या अन्य वस्तु या सेवा के बदले में नगद भुगतान प्राप्त करता है, तो सबसे पहली बात तो यही होती है कि उसे पूरी राशि मिले। कहीं किसी तरह की कटौती न हो और न ही कहीं कोई मेहनत की कमाई पर डंडी न मार दे।
नगद पैसा गुमने, चोरी होने, धोखाधड़ी होने आदि की आशंकाओं से भरा होता है। जब आप अपने पास नगद धन नहीं रखंेगे तो इन सब से भी बचेंगे। जब गांव-गांव में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं तो कैशलेस लेनदेन भी सीख सकते हैं, इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूरत नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेनदेन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी ने ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेनदेन के लिए होगा। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी है कि लोग इन तरीकों को बहुत तेजी से न केवल सीख रहे हैं, बल्कि उपयोग में भी ला रहे हैं।
          रमन सिंह ने कैशलेस के बारे में बताया कि गांव-गांव से और छोटे और बड़े शहरों से जो समाचार आ रहे है वह हम सब के लिए बहुत उत्साहजनक है। ऐसी अनेक खबरें मिल रही है कि गांव-गांव में सेलून वाला, सब्जी वाला, अण्डे वाला, चाट-गुपचुप वाला, चाय दुकान, पान दुकान, किराना स्टोर्स, पंचर दुकान से लेकर कृषि उपज मंडी तक कैशलेस लेनदेन हो रहा है। अब तो संदेश नीचे से ऊपर की तरफ जा रहा है। समाज का निचला स्तर जिस तेजी और प्रसन्नता के साथ कैशलेस हुआ है, उसे देखकर बड़े लोग प्रेरणा ले रहे हैं।
       सूरजपुर जिले में राज्यस्तरीय स्काउट एण्ड गाइड जम्बूरी में महिला स्व-सहायता समूहों ने 44 कैशलेस स्टॉल लगाकर नगदी से आजादी का बिगुल फूंक दिया था। इससे आसपास के गांवों में काफी चेतना आई है। जिससे वे भी कैशलेस के बारे में जागरूक हो रहे हैं और इसका लाभ उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत सिलफिली को पहला कैशलेस ग्राम बनाया गया है।
 
         डा0 रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना शुरू की गई है, जिसके तहत क्रमशः अलग-अलग जिलों में ’’डिजि धन मेला’’ लगेगा। रायपुर में शुरूआत हो गई है। इस मेले में एक माह में डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले लोगों के नाम लॉटरी निकाल कर नगद पुरस्कार दिया जाता है। इसके साथ ही साथ बैंक, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा शासन के विभिन्न विभागों द्वारा प्रशिक्षण का आयोजन भी किया जाता है। राज्य में 11 लाख किसानों को ’’रूपे कार्ड’’ बांटे जा रहे हैं, जो किसानों को कैशलेस बनाने में मदद करेंगे। हम जिस स्तर पर प्रशिक्षण और सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं, उसके चलते मुझे विश्वास है, कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू की गई आर्थिक क्रांति को अपने मुकाम पर पहुंचाने के लिए प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिलना सुखद अनुभव है।

प्रतिक्रिया
  प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास में अध्ययनरत् छात्रा कु0 पिंकी सिंह जो भैयाथान कि निवासी है उसने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी का जो फैसला लिया गया आज उसके दो महीने हो गये हैं नोटबंदी के इस फैसले ने कालाधन पर रोक लगा दिया है और मुख्यमंत्री ने जो कैशलेस के जो नियम निकाले हैं इससे हमारी अर्थव्यवस्था पर सुधार आयेगा। और भ्रष्टाचार ,नक्सलवाद में कमी आयेगी और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।


समाचार क्रमांक/1043/2017

 

Date: 
08 Jan 2017