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‘रमन के गोठ’ : आकाशवाणी से प्रसारित विशेेष कार्यक्रम (दिनांक 8 मई, 2016, समय प्रातः 10.45 से 11.00 बजे तक)

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पुरूष उद्घोषक की ओर से

श्रोताओं नमस्कार!

आकाशवाणी के महत्वपूर्ण प्रसारण ‘‘रमन के गोठ’’ में आप सभी का हार्दिक स्वागत है, अभिनंदन है।


श्रोताओं! आप लोगों के सहयोग से, आकाशवाणी का यह विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ’ काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसके लिए आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।
 डॉ. रमन सिंह जी ‘‘रमन के गोठ’’ कर नवीं कड़ी में हम आपका हार्दिक स्वागत करते हैं।

 



    डॉ. रमन सिंह

  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, दाई-बहिनी मन ला जय-जोहार। आप मन संग गोठियाय म बने लागथे। आप मन के चिट्ठी मं नवा-नवा सुझाव मिलथे, नवा योजना बनाय के ताकत मिलथे।
  •  आज सबसे पहले मैं उन बच्चों को बधाई देता हूं, जिन्होंने 10वींं और 12वीं की परीक्षा में सफलता पाई है।
  •  मेरिट-लिस्ट में बेटियों ने और सरकारी स्कूलों के बच्चों ने अपना दबदबा बनाकर रखा है। इसे देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। इससे हमारी शालाओं का, पालकों का और हम सबका मान बढ़ा है।
  •  जो बच्चे उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाए, उन्हें बिल्कुल भी निराश नहीं होना चाहिए।
  •  आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे, कि किसी एक परीक्षा में उम्मीद से कम नम्बर पाने वाले बच्चे, दूसरी परीक्षा में शानदार सफलता पाते हैं।  

 

महिला उद्घोषक-

  • श्रोताओं ! कार्यक्रम सुनने के बाद आप लोग बड़ी संख्या में हमें पत्र भेज रहे हैं, जिससे आपकी रूचि और उत्साह का पता चलता है। इस बार से SMS के द्वारा भी श्रोताओं की प्रतिक्रिया लेने की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिए आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG लिखने के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर सेंड कर सकते हैं।
  • आइए, अब ज्यादा इंतजार न कराते हुए, सीधे शुरू करते हैं मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से ‘गोठ-बात’।
  • डॉक्टर साहब, भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए भी आप ‘लोक सुराज अभियान’ पर निकल पड़े हैं। यह समय ही आपने क्यों चुना?

डॉ. रमन सिंह का जवाब

  •  ये बात ले मोला, मोर प्रिय कवि, लक्ष्मण मस्तुरिहा के गाना के दू लाइन सुरता आवथे-

              ‘‘मोर संग चलव जी, मोर संग चलव गा।’’

  •  जब जम्मो मन साथ म चलथें, अउ छत्तीसगढ़ के विकास के कहानी गढ़थें, तभे हमर सुराज अभियान सफल होथे।
  •  ‘ग्राम सुराज अभियान’ की शुरूआत भीषण गर्मी और नवतपे के बीच हुई थी।
  •  जैसे हम दीवाली, ईद, क्रिसमस में घर की सफाई करते हैं, वैसे ही हम शासन-प्रशासन का ‘सफाई अभियान’ ऐसी गर्मी में चलाते हैं।
  •  इस अभियान को गर्मी में चलाने के पीछे का कारण है, कि गर्मियों में किसान हमारे आने वाले फसल की तैयारी करते हैं। किसान खाली रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई के बाद लोग खाली रहते हैं और आने वाले स्कूल की तैयारी में लगे रहते हैं।
  • हमारे अधिकारी कर्मचारीगण भी इस गर्मी में बाहर निकलकर गांव में जाने का न हौसला करते थे और न ही हिम्मत, इसलिए हमने तय किया कि हमारे चीफ सेक्रेटरी से लेकर नीचे के सभी अधिकारी, मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक, सांसद, जिला पंचायत के सभी सदस्य गांव में रहेंगे।
  • जब गर्मी में  हम पेड़ के नीचे बैठते हैं, आम के पेड़ के नीचे, महुआ के पेड़ के नीचे, कुसुम के पेड़ के नीचे और वहां बैठकर गांव वालों के बीच तपती धूप में चौपाल लगाकर बैठते हैं। तो मुझे लगता है, कि बहुत सारी नयी योजनाओं का जन्म उस अवसर पर होता है, और मैंने देखा है, कि हमने जितनी योजनाएं चौपाल में बनायी हैं। वो आज तक की सबसे सफल योजनाओं में एक है। हमने ‘‘मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना’’, चावल उत्सव, चरण पादुका, लघु वनोपज खरीदी जैसी योजनाओं की शुरूआत की है।
  • जब हम योजनाएं मंत्रालय की पांचवी मंजिल में ए.सी. कक्ष में बनाते हैं, तो योजनाएं दिमाग से बनती हैं, और जब हम चौपाल में गांव वालों के बीच योजनाएं बनाते हैं, तो न केवल दिमाग से बल्कि दिल से योजनाएं बनती हैं, इसलिए ऐसी चर्चाएं जो चौपाल में होती है, वो हमारे लिए भविष्य का एजेण्डा बन जाता है और इसका शत् प्रतिशत पालन हम करते हैं।
  •  मुझे लगता है, कि यही विषय है, कि हम ‘‘लोक सुराज अभियान’’ में गांव जाते हैं, ब्लॉक मुख्यालय में जाते हैं, जिले में बैठकर समीक्षा करते हैं, और इससे नई योजनाओं का जन्म भी होता है, और सरकार के लिए लगातार इस 12 साल में अपने आप का, खुद का आकलन करने के लिए भी यह सबसे बड़ा जरिया है, कि हम कहां असफल रहे, किन योजनाओं में हम पीछे हैं, और उन योजनाओं के क्रियान्वयन में निचले स्तर में क्या कमियां है।
  • इन कमियों को दूर करने का इससे बेहतर उपाय और नहीं होगा। इसका उद्देश्य सिर्फ यही है, कि जनता के बीच योजनाओं का शत् -प्रतिशत पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो।


पुरूष उद्घोषक-

  • मुख्यमंत्री जी आपने बेहतर बात कही, योजनाएं दिल से बनती हैं, गांव के चौपाल में बनती हैं, पेड़ों के नीचे बनती हैं।
  •  मुख्यमंत्री जी ‘लोक सुराज अभियान’ के दौरान आपने कई घोषणाएं की, लोकार्पण, शिलान्यास आदि किया है, प्रदेश की जनता के लिए इसका क्या महत्व हो सकता है ?

डॉ. रमन सिंह का जवाब

  •  ‘‘लोक सुराज अभियान’’ में हम न केवल लोगोंसे बातचीत करते हैं, बल्कि गांव की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने का कार्यक्रम भी इसमें बनता है, और यह अवसर रहता है, जब हम योजनाओं को जनता के बीच समर्पित करते हैं, और इस लोकार्पण कार्यक्रम के साथ-साथ हम उन योजनाओं की सफलता की ओर भी जाते हैं, जो स्थानीय स्तर पर वहां के लोगों ने बनाया हैं।
  • मैं दो घटनाएं बताना चाहूंगा, ‘‘लोक सुराज अभियान’’ के दौरान मैं दंतेवाड़ा गया। ‘‘मोचोबाड़ी योजना’’ में किसानों के समूह के साथ मैं कारली गांव गया। वहां जैविक खेती करते हुए किसानों से मिला। जो उत्साह उनके मन मेें है, जैविक खेती का जो काम बड़े पैमाने पर हो रहा है, वह अभूतपूर्व है।
  • उन्होंने जैविक खेती से पैदा किया हुआ चावल मुझे भेंट किया, और मुझे लगा कि ये किसानों की मेहनत और परिश्रम का फल है, और आज उनकी जैविक खेती से उत्पादित होने वाला जो जो चावल है, वह न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि हिन्दुस्तान के अन्य राज्यों में बिक रहा है। मांग इतनी है, कि लोग उत्पादन नहीं कर पा रहे हैैं।
  •  मुझे लगता है, कि हमने गरीबो को चावल देने की जब योजना शुरू की और चावल हम बांटते है, तो लोगांे को पता नहीं कितनी खुशी होती है। मुझे जब कारली ग्राम के लोगों ने जैविक खेती से उत्पादित चावल दिया, तो मैं भावुक हो गया, और मुझे लगा ये छत्तीसगढ़ के किसानों का परिश्रम है, उनकी आत्मीयता है।
  • उस पोटली का दिया हुआ चावल, उनका दिया हुआ कांवर मुझे लगता है, कि यह प्रतीक है उनकी मेहनत का और वे लोग जरूर देश में एक नई पहचान बनाने में सफल होंगे।
  •  मैं बड़ेडोंगर, कोण्डागांव गया, वहां एक महिला 80 साल से अधिक उम्र की शूलमती माता से मेरी मुलाकात हुई, वह हेलीपेड में मुझसे मिलने आई। मैंने कहा कौन सा आवेदन लेकर आयी हो, आपका क्या काम है ?
  •  तो उन्होंने कहा मैं आवेदन लेकर नहीं आई हूं, मैं सिर्फ आपसे मिलने आई हूं, और यह बताने आई हूॅ, कि आपने हम लोगों के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, हमें चावल मिल रहा है, चना मिल रहा है, नमक मिल रहा है। मैं तो आज सिर्फ आपको धन्यवाद और आशीर्वाद देने आई हूं, कि मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से आप सफल हो, और आज सिर्फ मैं 30 किलोमीटर चलकर आपसे मिलने यहां तक आई हूं।
  • ऐसे प्रसंग हम सबको भावुक करते हैं, लगता है, कि लोगों के दिल में कहीं न कहीं सरकार की योजनाओं के प्रति एक सार्थक सकारात्मक सोच है, जो हम लोगों को आगे बढ़ाएगा।
  •  इसी प्रकार बीजापुर जिले के तिमेड़ गांव में, जो महाराष्ट्र की सीमा से लगा है। 250 करोड़ रू. की लागत से निर्मित पुल को लेकर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ लोगों में उत्साह है, और 250 करोड़ रूपए का यह पुल छत्तीसगढ़ को न केवल महाराष्ट्र से जोड़ेगा बल्कि आंध्रप्रदेश से भी जोड़ेगा। यह एक अनुभव था, जो ग्रामवासियों के साथ हमने साझा किया।
  •  भेज्जी-इंजरम सड़क पर मैं खुद मोटर सायकल से गया। इस सड़क के पीछे नक्सल हिंसा से जो पीड़ित परिवार है, वापस आकर जो भेज्जी में फिर से बसे हैं, उन 75 परिवारों से मिलकर मुझे लगा कि गांव वापस कैसे बसता है।
  •  गांव में वापस आकर बसने की खुशी क्या होती है, उन्होंने भेज्जी देवी का मंदिर मुझे दिखाया, और मुझे सड़क दिखाते हुए बताया कि इस सड़क को बनाने में हमारे 07 जवान शहीद हुए। 50 से ज्यादा आई.डी. उस सड़क से निकाले गए, तो मुझे लगा कि इस सड़क पर मोटर सायकल से चलकर यह तो अनुभव किया जाये, कि उस शहादत को हम सैल्यूट कैसे कर सकते हैं, कितनी मेहनत इस सड़क को बनाने में की गई है।
  •  यह जीवटता है, हमारे लोगों की, उन गांववासियों की, हमारे पुलिस के जवानों की और भेज्जी-इंजरम सड़क बनाने वाली पूरी टीम की, कि उन्होंने 28 किलोमीटर सड़क बना दी।
  •  मैंने उनसे वादा भी किया है, कि जब यह 28 किलोमीटर सड़क पूरी कांक्रीट से बन जायेगी तब वापस मैं एक बार फिर आऊंगा।
  • मैं अबूझमाड़ गया, अबूझमाड़ के दूरस्थ अंचल में गांव वालों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुन रहा था। मुझे लगा कि इनकी सबसे बड़ी जरूरत बिजली की है। 53 गांवों में बिजली पहुँचाने की जब मैंने घोषणा की तो उनके चेहरे की चमक देखकर मुझे लगा कि अबूझमाड़ इसका इंतजार कर रहा था।
  • हमने ’’लोक सुराज अभियान’’ में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिये जिसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। सबसे पहले ग्रामवासियो की सबसे बड़ी समस्या जो हमने ’’लोक सुराज’’ और ’’ग्राम सुराज’’ में देखी। पटवारी से नक्शा, खसरा और बी-1 की प्रतियां मिलने में उन्हें महीनो चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस बार हमने निर्णय लिया कि, छत्तीसगढ़ के पूरे किसानों और सभी लोगों को आने वाले तीन महीने के अन्दर सभी को खसरा, नक्शा और बी-1 की प्रति पटवारी निःशुल्क उनके गांवों में और पंचायतों में बैठकर देंगे।
  • ग्रामीणों को इससे संतोष होता है, कि पटवारी हमारे गांव में आकर हमें बी-1 नक्शा खसरा की प्रति देगा। दूसरा निर्णय यह है कि हमने एक बड़ी सोच को लेकर एक नई योजना का क्रियान्वयन किया है। गांव में आबादी जमीन का पट्टा लोगों को नहीं मिल पाया है। हमने कहा है, कि हम इस योजना की शुरूआत करते हैं। हम अब ग्रामीणों को उनकी आबादी जमीन का पट्टा भी उन्हें निःशुल्क बनाकर देने वाले हैं।

महिला उद्घोषक-

  • माननीय प्रधानमंत्री जी ने राजनांदगांव प्रवास के समय प्रदेश में जनऔषधि केन्द्र का शुभारम्भ किया था, इसका क्या लाभ है डॉ. साहब ?

 

डॉ. रमन सिंह का जवाब

  • जी हां! पूरे प्रदेश में लगभग हर ब्लॉक मुख्यालय में हमने 108 जनऔषधि केन्द्र शुरू कर दिये हैं। ‘‘जन औषधि केन्द्र’’ मेें यहां ब्राण्डेड दवाओं से चौथाई दाम पर 400 प्रकार की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हैं। इतने बड़े पैमाने पर जनऔषधि केन्द्र खोलने वाला छत्तीसगढ़ संभवतः देश का एकमात्र राज्य है।
  •  इन जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता वही है, जो किसी मंहगी ब्राण्डेड दवा की होती है। अतः मैं जनता से अपील करूंगा कि ‘‘जनऔषधि केन्द्र’’ के बारे में आपस में चर्चा करें। जिसे दवा खरीदने की जरूरत हो या जिसके घर में कोई बीमार हो, उसे इस केन्द्र के बारे में बताएं और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि इस केन्द्र में मिलने वाली जेनेरिक दवाएं न केवल सस्ती हैं बल्कि गुणवत्ता में भी अच्छी हैं। इससे आपका पैसा बचेगा, जिसका उपयोग अन्य कार्यों में कर सकते हैं।
  •  मैं डॉक्टरों से भी अपील करता हूं कि अधिक से अधिक जेनेरिक दवाएं लिखें, जिससे गरीबों का पैसा बचे और वे स्वस्थ भी रहें।

पुरूष उद्घोषक-

  • डॉ. रमन सिंह जी कल बहुत बड़ा त्यौहार ‘अक्षय तृतीया’ है,  जिसे छत्तीसगढ़ में ‘अक्ती’ कहते हैं। इस अवसर पर आप श्रोताओं से क्या कहना चाहेंगे ?

डॉ. रमन सिंह का जवाब

  •  अक्ती हमर छत्तीसगढ़ बर सबले बड़े तिहार हे। जेन अक्ती के दिन बिना मुहुर्त देखे, बिना पूछे हर परकार के सुभ काम हमर छत्तीसगढ़ मं करथन।
  •  ए ह अइसे दिन हावयं कि मुहुर्त अऊ तिथि देखे के जरूरत नई पड़े। अक्ति के अवसर पर में ह समस्त छत्तीसगढ़वासी मन ला बधाई देवत हववं।
  • एक बात के चिन्ता हमन ला करना चाही कि, अक्ति के दिन देखथन कि बहुत बड़ संख्या में बाल विवाह भी हो जाथे। आप मन से निवेदन हे, कि बाल विवाह के प्रथा ला छत्तीसगढ़ में पूर्ण समाप्त करे के अभियान आप सब चलाये हववं तो आप सब के सहयोग से और जरूरत पड़े तो प्रशासन के मदद से ये प्रकार के इंतजाम करे गे हे कि छत्तीसगढ़ मं ए दिन मं एको बाल विवाह न हो, ताकि एक आदर्श राज्य छत्तीसगढ़ ह बन सके।
  • 21 मई को इस माह बुद्ध पूर्णिमा भी है। इस अवसर पर मैं गौतम बुद्ध को सादर नमन करता हूं और आप सबसे कहना चाहता हूँ  कि गौतम बुद्ध ने दया, करूणा और मानवता का जो मार्ग दिखाया था, उस पर चलकर हम अपना जीवन सार्थक बनाएं।हमारे लिए गौरव का विषय है कि महाप्रभु वल्लभाचार्य का जन्मस्थल हमारे प्रदेश के चम्पारण्य में है। इस माह उनकी जयंती के अवसर पर मैं उनका पावन स्मरण करता हूं। सेन महाराज, भगवान परशुराम, शंकराचार्य की जयंती के अवसर पर इन्हें नमन करता हूं तथा आप सबकी खुशहाली और प्रदेश के विकास के लिए आशीर्वाद मांगता हूं।
  • अगले प्रसारण में आप लोगों के साथ कुछ नए विषयों पर चर्चा करूंगा। तब-तक के लिए जय जोहार, जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।

महिला उद्घोषक-


श्रोताओं, अब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी से हमारी अगली मुलाकात होगी... 12 जून को।
आप काफी रूचि लेकर यह कार्यक्रम सुनते हैं। इसके माध्यम से बहुत सी रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां आपको मिलती हैं, जिसे लेकर एक रोचक शुरुआत हम आज से करने जा रहे हैं, जिसमें आपको एक सवाल का जवाब देना है।
सवाल है-
    ॰ जनऔषधि केन्द्र से कौन सी दवा मिलेगी?
        A.जेनेरिक      B.ब्रांडेड

अपना जवाब देने के लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में QA  लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें।
 

Date: 
08 May 2016