मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2013

मंत्रि -परिषद के निर्णय

दिनांक 22 जनवरी 2013

  • राज्य में महिलाओं और बालिकाओं पर अत्याचार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुष लगाने और इस प्रकार की घटनाओं में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को ज्यादा कड़ी सजा दिलाने के लिए विधानसभा में संषोधन विधेयक लाने का निर्णय।
  • यह विधेयक दण्ड विधि (छत्तीसगढ़ संषोधन) विधेयक-2013 के नाम से होगा। इस विधेयक में भारतीय दण्ड संहिता 1860, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की विभिन्न धाराओं में संषोधन का प्रस्ताव है। संषोधन के जरिए इन मौजूदा धाराओं में न्यूनतम सजा की अलग-अलग अवधि को बढ़ाकर अपराधियों को कड़ी सजा देने की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में इस प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन।
  • प्रदेष के बड़े विकासखण्डों के पुनर्गठन के लिए एकल सदस्यीय आयोग बनाने, मछुआ नीति में संषोधन करने और रायपुर दुग्ध संघ का महासंघ बनाने के प्रस्तावों को भी हरी झण्डी दी गयी।
  • महिलाओं तथा बालिकाओं के लिए संचालित छात्रावासों और आश्रम शालाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा पुख्ता बनाने के लिए भी महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्य योजना का अनुमोदन। इस कार्य योजना में सभी कन्या छात्रावासों और आश्रम शालाओं और महिला गृहों में महिला सुरक्षा कर्मियों (महिला चौकीदारों) को तैनात करने की सहमति दी गयी। प्रथम चरण में एक हजार महिला होम गार्डों की भर्ती का भी सैध्दांतिक निर्णय लिया गया। नये बालिका आश्रम विद्यालय और बालिका छात्रावास अब केवल जिला मुख्यालयों, विकासखण्ड और तहसील मुख्यालयों और बड़े कस्बों में स्वीकृत किए जाएंगे। इनमें से प्रत्येक में कम से कम 50 सीटें होंगी। इन संस्थाओं के लिए शासकीय भवनों का निर्माण आबादी के नजदीक सुरक्षित वातावरण में किया जाएगा।
  • प्रत्येक बालिका आश्रम और छात्रावास के लिए परामर्षदात्री समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें महिलाएं सदस्य होंगी। जिला स्तर पर भी इस प्रकार की एक समिति कलेक्टर अथवा उनके द्वारा नामांकित महिला अधिकारी की अध्यक्षता में होगी। जिला स्तर की समिति में चार अषासकीय महिला सदस्यों का मनोनयन कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किया जाएगा। समिति में एक महिला पुलिस अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। उत्पीड़न की घटनाओं में यह समिति पीड़ित बालिका अथवा महिला से सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी नहीं लेगी बल्कि सम्मानपूर्वक भयमुक्त वातावरण देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। महिला एवं बाल विकास संचालनालय में महिलाओं के लिए सहायता केन्द्र भी बनाया जाएगा।
  • प्रदेष में बड़े विकासखण्डों के पुनर्गठन के लिए एकल सदस्यीय आयोग गठित करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। यह आयोग 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा।
  • राज्य की प्रचलित मछुआ नीति में संषोधन के प्रस्ताव का भी अनुमोदन। इसके अन्तर्गत लीज पर तालाबों के आवंटन में सामान्य क्षेत्रों में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार और मल्लाह जैसे परम्परागत मछुआ समुदायों की पंजीकृत सहकारी समितियों को और अनुसूचित जाति तथा जनजाति बहुल क्षेत्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग कली मछुआ सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी। लीज की अवधि सात वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष की जाएगी और लीज अवधि की समाप्ति हर साल 15 जून मानी जाएगी।
  • रायपुर दुग्ध संघ का महासंघ (फेडरेषन) बनाने के प्रस्ताव का अनुमोदन। 
  • पंचायत संवर्ग के बर्खास्त और निलम्बित षिक्षकों (षिक्षा कर्मियों) की बर्खास्तगी और निलंबन के मामलों के निराकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाने का निर्णय लिया। समिति में प्रदेष सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री डी.एस. मिश्रा तथा स्कूल षिक्षा, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास, सामान्य प्रषासन और विधि विभाग के सचिव शामिल रहेंगे। समिति के द्वारा ऐसे प्रकरणों के कानूनी और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय

दिनांक : 01 फरवरी 2013

  • नया रायपुर स्थित राज्य के प्रथम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप नवीन सुविधाओं के साथ और ज्यादा सुसज्जित करने का निर्णय।

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मंत्रिपरिषद के निर्णय

दिनांक : 14 फरवरी 2013

  • अब संजीवनी कोष योजना में गरीबी रेखा श्रेणी के साथ-साथ उन परिवारों को भी पात्रता के दायरे में लाया जाएगा, जो मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत राशन कार्ड पर मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में 35 किलो अनाज और नि:शुल्क दो किलो नमक प्राप्त कर रहे हैं।
  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा कानून 2012 के लागू होने के बाद अब इन परिवारों की संख्या 34 लाख से बढ़कर 42 लाख हो गई है। अब ऐसे परिवारों के सदस्यों को किडनी प्रत्यारोपण के लिए तीन लाख रूपए और किसी दुर्घटना में दिमाग में चोट लगने पर उसके इलाज के लिए दो लाख रूपए तक सहायता दी जाएगी।
  • संजीवनी कोष योजना में अब तक तेरह गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान था, इसमें सत्रह अतिरिक्त बीमारियों और उनके इलाज की प्रक्रियाओं को शामिल करने का निर्णय। इन्हें मिलाकर अब संजीवनी कोष में तीस बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। केबिनेट द्वारा स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव का विधिवत अनुमोदन।
  • शासकीय सेवाओं में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्रता अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने और विधुरों को भी अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों का लाभ देने का निर्णय। अनुकम्पा नियुक्ति के लिए तृतीय श्रेणी के पदों में दस प्रतिशत का बंधन एक वर्ष के लिए समाप्त करने का निर्णय।
  • नक्सल समस्याग्रस्त जिलों में नक्सल घटनाओं में शहीद होने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के आश्रितों को उनकी पात्रता के अनुसार द्वितीय श्रेणी के रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा सकेगी।

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केबिनेट की बैठक


दिनांक 23 फरवरी 2013

  •     वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट का अनुमोदन

 

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केबिनेट की बैठक

9 मार्च 2013

  • बस्तर और सरगुजा के ऐसे गांव जहां पिछड़ा वर्ग की आबादी 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां राज्य ग्रामीण विकास अभिकरण का दायरा बढ़ाकर कार्य कराए जाएंगे। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति-नर्सिंग सहित अन्य योजनाओं का भी फायदा मिलेगा।
  • जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया सरल की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत इसके लिए ग्राम पंचायतों के रिकार्ड भी मान्य होंगे। ग्राम सभाएं अगर लिखकर देती है तो भी मान्य होगा, यह राजस्व रिकार्ड का विकल्प होगा। नया कानून बन जाने के बाद एक माह के भीतर जाति प्रमाण पत्र बनाकर दिए जाएंगे।
  • कारपोरेट सेक्टर के सामाजिक दायित्वों को लेकर भी कानून बनाने का फैसला।
  • राज्य कर्मचारी बीमा निगम को एक सौ बिस्तरों का अस्पताल बनाने के लिए कोरबा में मुफ्त में जमीन देने का फैसला।

 

केबिनेट की बैठक

15 मार्च 2013

  • बैठक में नौ विधेयकों को मंजूरी। जिनमें छत्तीसगढ़ युवा कौशल विकास अधिकार विधेयक 2013, छत्तीसगढ़ दण्ड विधान संहिता संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ मुक्त विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ वेट कर संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्री एवं सदस्य वेतन भत्ता संशोधन विधेयक शामिल है।

 

 

मंत्रिपरिषद की बैठक

09 अप्रैल 2013

  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के कार्यालय में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का एक पद स्वीकृत।
  • आईपीएल क्रिकेट मैच की टिकटों पर मनोरंजन शुल्क से छूट देने का निर्णय।
  • छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 16 एवं धारा 59(क) के प्रावधानों में संशोधन। धारा 16 में मादक द्रव्यों के साधारणत: कब्जे के प्रकरणों में वर्तमान में परिवहन की छूट अनुसूचित क्षेत्र में किसी अनुसूचित जनजाति के सदस्य को नहीं होने के कारण उनके विरूध्द प्रकरण दर्ज जो जाते है, इसलिए अधिनियम की इस धारा में संशोधन कर अधिसूचित क्षेत्रों में धार्मिक एवं सामाजिक उत्सवों के अवसर पर घरेलू उपभोग के लिए आदिवासियों (अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों)को चावल, ज्वार से बने लांदा और महुआ से निर्मित हाथ भट्ठी मदिरा पांच लीटर तक परिवहन संबंधित अनुसूचित क्षेत्र के भीतर करने पर अधिनियम की धारा 16 की उप धारा (ख) के तहत परिवहन के लिए पास की जरूरत नहीं होगी। धारा 59(क) के अधीन वर्तमान में पांच लीटर से अधिक महुआ से बनी हाथ भट्ठी मदिरा पायी जाने पर अपराध गैर जमानती होने का प्रावधान है। इसमें संशोधित कर अधिसूचित क्षेत्र में इसे किसी ऐसे व्यक्ति पर लागू नहीं करने का प्रावधान किया जाएगा, जो किसी अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य हो।
  • छत्तीसगढ़ राज्य की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप) नीति का भी अनुमोदन।
  • किया गया, जो राज्य में अधोसंरचना विकास और सामाजिक क्षेत्र में परियोजनाओं के विस्तार के लिए होगी। इसके अंतर्गत राज्य में प्रारंभिक स्तर पर जिन क्षेत्रों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकेगा, उनमें सड़क, पुल और बायपास रोड, नवीन टाउनशिप तथा आवासीय परियोजनाएं, जल आपूर्ति, उपचार और वितरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज एण्ड ड्रेनेज प्रणाली, शहरी बुनियादी ढांचा, मनोरंजन सुविधा सहित, शहरी परिवहन प्रणाली, बस टर्मिनल निर्माण, पर्यटन और संबंधित बुनियादी सुविधा, रेल गलियारा तथा रेल लाईन, हवाई अड्डा, हवाई पट्टियां और हेलीपेड, शिक्षा और उच्च शिक्षा, औद्योगिक पार्क, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, विशेष आर्थिक क्षेत्र, खेल एवं मनोरंजन से संबंधित अधोसंरचना आदि शामिल हैं। इस नीति पर अमल के लिए व्यापक नियम बनाए गए हैं। पीपीपी प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अपर मुख्य सचिव (वित्त) तथा नगरीय विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, जल संसाधन, लोक निर्माण, उद्योग, विधि, स्वास्थ्य आदि विभागों के प्रमुख सचिवों/सचिवों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

 

मंत्रि-परिषद की बैठक

11 मई 2013

  • आठ वर्ष और अधिक सेवा पूर्ण करने वाले पंचायत संवर्ग के शिक्षकों यानि शिक्षाकर्मियों को शासकीय शिक्षकों के समान वेतनभत्ते स्वीकृत करने का निर्णय। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष में इस निर्णय से 38 हजार 364 शिक्षाकर्मी समान काम-समान वेतन प्राप्त करेंगे। शेष सभी शिक्षाकर्मी दस प्रतिशत अंतरिम राहत भत्ता प्राप्त करेंगे। दूसरे वर्ष में 55 हजार 226 शिक्षाकर्मियों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। इस प्रकार राज्य के लगभग 65 प्रतिशत शिक्षाकर्मियों को केवल दो वर्ष में शासन के इस निर्णय का फायदा मिलेगा। शेष सभी शिक्षाकर्मी समान वेतन प्राप्त होने तक दस प्रतिशत का अंतरिम राहत भत्ता प्राप्त करते रहेंगे। मंत्री-परिषद के इस निर्णय के तहत राज्य सरकार द्वारा केवल प्रथम वर्ष में ही शिक्षाकर्मियों को लगभग 317 करोड़ रूपए की धनराशि का वितरण करने जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में पहले से कार्यरत किसी भी शिक्षक की पदोन्नति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • सभी शिक्षाकर्मियों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा। इसके अंतर्गत उन्हें स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड के आधार पर उन्हें और उनके परिवार को किसी भी सरकारी या मान्यता प्राप्त पंजीकृत अस्पताल में सालाना 30 हजार रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
  • कॉलेजों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क लेपटॉप और टेबलेट वितरण के लिए संचालित छत्तीसगढ़ युवा सूचना क्रान्ति योजना का विस्तार करने का निर्णय। डॉ. रमन सिंह द्वारा एक नवम्बर 2012 को यहां राज्योत्सव के अवसर पर घोषित इस योजना में अब तक केवल इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को नि:शुल्क लेपटॉप और स्नातक तथा स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कम्प्यूटर टेबलेट देने का प्रावधान किया गया था। अब इस योजना के तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों सहित बी.डी.एस., बी.ए.एम.एस., बी.एच.एम.एस., दुग्ध प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग, एम.टेक, एम.ई., पी-एच.डी. (इंजीनियरिंग), एम.सी.ए., बी-आर्क, बी.एस-सी. कृषि/उद्यानिकी, एम.एस-सी. /पी-एच.डी. कृषि, बी-टेक कृषि, एम.टेक कृषि /पी-एच.डी कृषि इंजीनियरिंग, बी.यू.एम.एस., बी.एन.वाय.एस., बी.व्ही.एस-सी. सहित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.टी.) रायपुर तथा गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी लेपटॉप दिए जाएंगे। योजना के तहत पहले केवल कला, वाणिज्य और विज्ञान संकायों के स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कम्प्यूटर टेबलेट देने का प्रावधान किया गया था। अब इन्हें मिलाकर एल.एल.बी. /एल.एल.एम., बी.एस-सी. नर्सिंग, बी.पी.टी., बी.फार्मा, डी. फार्मा, एम. फार्मा, एम.बी.ए., कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय और पॉलीटेक्निक संस्थानों सहित हिदायतुल्ला विधि विश्वविद्यालय से संबंधित एल.एल.बी. / एल.एल.एम. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी टेबलेट दिए जाएंगे।
  • चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ संवर्ग के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन।
  •  रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम - कर्मचारी राज्य बीमा निगम को 100 बिस्तरों के आधुनिक अस्पताल निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि देने का निर्णय। कर्मचारी राज्य बीमा निगम को यह भूमि प्रदेश सरकार के श्रम विभाग के माध्यम से रावांभाठा में आवंटित की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग को नौ एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है।

 

मंत्रिपरिषद की आपात बैठक

दिनांक 25 मई 2013
 

  • बस्तर जिले के दरभा क्षेत्र में 25 मई 2013 को कांग्रेस पार्टी की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए कायराना हमले की कठोर शब्दों में निन्दा प्रस्ताव पारित ।
  •  सभी राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से धैर्य और शांति के साथ एकजुट रहने का आव्हान ।
  •  नक्सल हिंसा की घटना में शहीद सभी लोगों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और सहानुभूति प्रकट की गयी।
  •  सभी शहीदों के प्रति शोक प्रकट करते हुए तीन का राजकीय शोक घोषित।
  •  नक्सल हिंसा को देखते हुए विकास यात्रा अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का निर्णय।

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मंत्रि परिषद की आपात बैठक


दिनांक 26 मई  2013
 

  •  राज्य शासन द्वारा नक्सल हिंसा में दिवंगत होने की स्थिति में शहीदों के परिवारों के लिए अब तक दो-दो लाख रूपए की सहायता का प्रावधान था, जिसे मंत्रि परिषद ने बढ़ाकर पांच-पांच लाख रूपए करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद 25 मई 2013 की घटना में शहीद हुए लोगों के परिवारों को केवल राज्य शासन की ओर से पांच-पांच लाख रूपए की सहायता दी जाएगी। प्रत्येक गंभीर घायल को दो लाख रूपए की सहायता मिलेगी और घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
  •  नक्सल हिंसा में शहीद नागरिकों को श्रद्धांजलि।

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मंत्रि परिषद के फैसले

10 जून 2013

  • छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों को शक्कर की आपूर्ति में पहली प्राथमिकता राज्य के ही तीन सहकारी शक्कर कारखानों को दी जाएगी। कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद जिले में स्थित मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना और सूरजपुर जिले में स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों के हितों को ध्यान में रखकर मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय लिया।
  • केलो सिचाई परियोजना के आंशिक डुबान प्रभावित पांच गांवों के निवासियों के लिए विशेष प्रकरण मानकर आबादी भूमि और मकान आदि परिसम्पत्तियों का भी मुआवजा देने के प्रस्ताव का अनुमोदन । इसके लिए इन ग्रामीणों को पांच करोड़ 86 लाख 88 हजार रूपए की अतिरिक्त राशि मिलेगी। इसे मिलाकर केलो परियोजना क्षेत्र के ग्राम लाखा, दनौट, गेरवानी, उज्जवलपुर और छिंदभौना के ग्रामीणों को कुल 13 करोड़ 67 लाख 75 हजार रूपए का मुआवजा मिलेगा।
  • छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी (संशोधन) अध्यादेश के प्रारूप का अनुमोदन। अध्यादेश लागू होने के बाद सहकारी समितियों के चुनाव कराने का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग को दिया जाएगा।
  • मानसून के दौरान किसानों को खेती के लिए ऋण सुविधा देने के उददेश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) को एक हजार करोड़ रूपए की निःशुल्क बैंक गारंटी देने का निर्णय।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत पर्यवेक्षकों के 380 रिक्त पदों की पूर्ति योग्यता रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में से करने का फैसला।
  • सरकारी कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि पर चालू वित्तीय वर्ष 2013-14 में वार्षिक ब्याज दर भारत सरकार के समान 8.7 प्रतिशत रखने का निर्णय।
  • सड़क निर्माण में लगने वाले बिटुमिन इमल्सन पर वेट की प्रचलित दर को 14 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने के प्रस्ताव का अनुमोदन ।

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केबिनेट के निर्णय

दिनांक 28 जून 2013

  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2012 में संशोधन के लिए विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन। विधानसभा के मानसून सत्र में इसके पारित होने के बाद इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के रूप में लागू किया जाएगा। वर्तमान में लागू छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा कानून 2012 में लगभग 42 लाख गरीब परिवारों को मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो चावल के साथ राशन कार्ड पर पौष्टिकता की दृष्टि से दो किलो निःशुल्क आयोडिन नमक (अमृत नमक), अनुसूचित क्षेत्रों में मात्र पांच रूपए किलो में दो किलो चना और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में मात्र दस रूपए किलो में दो किलो दाल देने का प्रावधान है। इसे ध्यान में रखकर वर्तमान कानून में पोषण सुरक्षा को भी जोड़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद यह कानून छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के रूप में क्रियान्वित होगा।
  •  प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों के युवाओं को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की सौगात देने का निर्णय। इस योजना के तहत स्वरोजगार के लिए उद्योग, सेवा और व्यवसाय स्थापित करने के लिए युवाओं को बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उद्योगों के लिए परियोजना लागत का अधिकतम 25 लाख रूपए, सेवा क्षेत्र के लिए परियोजना लागत का अधिकतम दस लाख रूपए और व्यवसाय के लिए परियोजना लागत का अधिकतम दो लाख रूपए का ऋण उन्हें बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से दिलाया जाएगा। उन्हें मिलने वाले ऋणों पर राज्य सरकार बैंक गारंटी भी देगी। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना राजपत्र में प्रकाशन के बाद पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।
  •  राज्य में पत्रकारिता के क्षेत्र में समर्पित वरिष्ठ पत्रकारों के लिए ‘छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान योजना’ लागू की जाएगी। इसके लिए 1 जुलाई 2013 को आयु 62 वर्ष होना चाहिए। इससे वरिष्ठ पत्रकारों को राज्य की ओर से उनकी पत्रकारिता में सेवा को एक सांकेतिक महत्व प्राप्त हो सकेगा।
  •  जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ एवं भिलाई-दुर्ग नगरनिगम सीमा के आसपास के क्षेत्रों को पार्श्वस्थ क्षेत्र घोषित । इससे सिटी बस संचालन का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। पहले रायपुर, बिलासपुर आदि शहरों के लिए यह प्रक्रिया की जा चुकी है। इससे शहरवासियों को आवागमन में आसानी होगी और यातायात सेवाओं का विस्तार होगा।
  •  छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक 2013 का अनुमोदन। इसके अंतर्गत सोसायटी संबंधी सभी चुनावों को अधिक सुसंगत बनाने हेतु कदम उठाये जा रहे हैं। अब सभी सोसायटी चुनावों के संचालन, निर्देशन, नियंत्रण आदि समस्त बिन्दु राज्य निर्वाचन आयोग के अन्तर्गत आ जायेंगे। इससे सोसायटी के चुनावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और चुनाव सुसंगत होंगे।
  •  मिशन मोड में कुपोषण से लड़ने के लिए प्रदेश के 17 जिलों के अतिरिक्त शेष 10 जिलों के खर्च की पूरी भरपाई छत्तीसगढ़ शासन स्वयं के बजट से कर रही है। भारत सरकार द्वारा इस अभियान में प्रदेश के 17 जिले शामिल किए गए हैं। अब पूरक पोषण आहार में अधिक राशि प्राप्त होगी, जिसमें 6 माह से 6 वर्ष आयु के अधिक बच्चों हेतु पूर्व निर्धारित दर 4 रूपए को बढ़ाकर 6 रूपए प्रति बच्चा प्रतिदिन हो जाएगा। गंभीर कुपोषित बच्चों हेतु पूर्व निर्धारित दर 6 रूपए को बढ़ाकर 9 रूपए तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं हेतु पूर्व निर्धारित दर 5 रूपए को बढ़ाकर 7 रूपए किया गया है। ये बढ़ाई गई दरें प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जा रही है। सुदृ्ढ़ीकरण के प्रयासों के अन्तर्गत मिशन के क्रियान्वयन हेतु माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मिशन संचालन समूह का गठन  किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में ’राज्य समेकित बाल विकास सेवा मिशन’ का गठन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास संचालनालय का भी पुनर्गठन किया जाएगा। इस तरह के संरचनात्मक परिवर्तनों एवं राशि की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करके मिशन मोड में कुपोषण से लड़ा जाएगा और एक सुपोषित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा।
  •  छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1996 में संशोधन करने के लिए विधेयक के प्रारूप को मंजूरी। इससे जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकगी।
  •   राज्य सरकार के सभी विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों, निगमों/मण्डलों, निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी प्रोक्योरमेंट, निर्माण कार्यो की निविदा एवं सरकारी नीलामी/विक्रय संबंधी अनुबंध में सत्यनिष्ठा संधि ;प्दजमहतपजल च्ंबजद्ध की व्यवस्था लागू करने का निर्णण।
     
  •  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (खण्ड पीठ को अपील) संशोधन विधेयक 2013 का अनुमोदन।

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मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय


    रायपुर 09 जुलाई 2013

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने इन फैसलों की जानकारी दी, जो इस प्रकार हैं-
    भू- राजस्व संहिता में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक लाया जाएगा।

  •    इनमें सबसे महत्वपूर्ण संशोधन यह होगा कि अब कोई भूमि स्वामी अपनी खेती के लिए धारित जमीन का अंतरण ऐसे व्यक्तियों को नहीं कर सकेगा, जो वास्तव में किसान नहीं है। अन्य  संशोधन निम्नानुसार हैं:- राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की दृष्टि से यह संशोधन किए गए हैं। अब राजस्व न्यायालयों में केवल चार बार सुनवाई की तिथि बढ़ाई जा सकेगी। इसके बाद संबंधित राजस्व न्यायालय को अपना निर्णय देना होगा। राजस्व प्रकरणों के स्थगन के मामले में भी समय-सीमा निर्धारित की गयी है। अब किसी भी राजस्व न्यायालय में स्थगन देने की समय-सीमा तीन माह से अधिक नहीं होगी। राज्य और किसी व्यक्ति के मध्य अधिकार संबंधी विवाद का निराकरण वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा किया जाता है। अब इसका निराकरण कलेक्टर करेंगे। विकास योजना के अनुसार भू-उपयोग के लिए डायवर्सन की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। अब केवल सक्षम अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी।
  •    राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ एक करोड़ 25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने अपने युवाओं को कौशल विकास का कानूनी अधिकार दिया है। इसके लिए विधानसभा में कौशल का अधिकार ( Right to Skill ) विधेयक पारित कर एक्ट बनाया गया है। अब इसके लिए राज्य सरकार दंतेवाड़ा मॉडल पर प्रत्येक जिले में आजीविका कॉलेज (लाइवलीहुड कॉलेज) खोलने जा रही है। इसके लिए आज केबिनेट में राज्य परियोजना शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। जिला स्तर पर भी इसके लिए जिला परियोजनाओं का गठन किया जाएगा। अब छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी अभिरूचि के अनुरूप अपने कौशल का कर सकेगा और हम एक कौशलयुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।
  •    छत्तीसगढ़ (अधोसरंचना विकास एवं पर्यावरण) उपकर अधिनियम 2005 में  संशोधन के लिए विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पहले कोयले और लौह अयस्क के खनिज पट्टों पर राजस्व लिया जाता था। अब प्रस्तावित विधयेक में कोयले और लौह अयस्क के साथ लाईम स्टोन, बॉक्साईट और डोलोमाईट के खनिज पट्टों पर भी राजस्व लगेगा।
  •     यह अनुभव किया गया है कि कई बार अनेक उच्च शैक्षणिक संस्थान अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करते हैं। ऐसे संस्थानों को असमय बंद करने की स्थिति भी कई बार बनती है। इससे प्रदेश के युवा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में व्यवधान उत्पन्न होता है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश के विद्यार्थियों के व्यापक हित में राज्य सरकार एक कानून बनाने जा रही है। इसके अन्तर्गत ऐसी परिस्थितियों में लोकहित में संबंधित संस्थान को उसकी सम्पूर्ण सम्पत्ति सहित पांच वर्षों के लिए शासनाधीन किया जा सकेगा, ताकि विद्यार्थियों का हित प्रभावित न हो और छत्तीसगढ़ के युवा बिना की बाधा और बिना किसी समस्या के निश्चिंत होकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया।
  •    प्रथम अनुपूरक बजट का भी अनुमोदन किया गया।

क्रमांक-1350/स्वराज्य

 

केबिनेट के निर्णय

दिनांक 15 जुलाई 2013

  •    युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा भारत दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय। यह नई योजना महान दार्शनिक और युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी के 150वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत 18 वर्ष से 35 वर्ष तक आयु समूह के युवाओं को उनके जीवनकाल में एक बार देश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटन केन्द्रों का निःशुल्क भ्रमण कराया जायेगा। प्रतिवर्ष 20 हजार युवाओं को यात्रा पर ले जाने का लक्ष्य है। योजना का संचालन स्कूल शिक्षा, आदिम जाति एवं अनुसूचित विकास विभाग सहित कुछ अन्य विभागों के सहयोग से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री युवा भारत दर्शन योजना के तहत यात्रा के लिए 10 स्थान समूह चिन्हाकिंत किये गये है जिनमें-(1) इलाहाबाद - सारनाथ - बनारस, (2) ग्वालियर - आगरा - फतेहपुरसीकरी, (3) आगरा - दिल्ली- जयपुर - फतेहपुरसिकरी, (4) दिल्ली - अमृतसर - जलियावालाबाग, (5) मुम्बई - औरंगाबाद - अजंता - एलोरा, (6)चित्तौड़गढ़ - उदयपुर- माउंटआबू, (7) बेंगलोर - मैसूर-श्रीरंगपटनम, (8) त्रिवेन्द्रम-कन्याकुमारी-रामेश्वरम (9) सम्बलपुर- भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी (10) कोलकाता- दार्जीलिंग-गंगटोक शामिल हैं। युवाओं को कन्याकुमारी स्थित स्वामी विवेकानंद स्मारक के दर्शन के लिए भी अवसर मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति होगी। युवाओं का चयन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के वार्डो से किया जायेगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार प्रति हितग्राही 18 हजार रूपये खर्च करेगी। इस प्रकार लगभग 36 करोड़ रूपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है। यात्रा के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री युवा भारत दर्शन कोष बनाकर राशि संधारित की जायेगी। यात्रा के लिए भारतीय रेलवे केटरिंग और टुरिज्म कार्पोरेशन से अनुबंध किया जायेगा। युवाओं के चयन के लिए शैक्षणिक संस्थाओं, खेल संघों, महिला मण्डलांे, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के माध्यम से तथा उनके द्वारा अनुशंसित आवेदन विकासखण्ड स्तर पर प्राप्त कर जिला स्तर पर संकलित किया जायेगा।
  •    छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एसिड की खरीद-बिक्री, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने के लिए कठोर कानून बनाएगी। इसके लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ विनियमन (प्रतिबंध, विक्रय एवं उपयोग) एसिड विधेयक 2013 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक में एसिड, उसके डीलर, वितरक, निर्माता, क्रेता, फुटकर विक्रेता, थोक विक्रेता आदि को परिभाषित किया जाएगा। लायसेंस देने वाले प्राधिकारी घोषित किया जायेगा। एसिड के उपयोग को सीमित करने, निर्माता और डीलर द्वारा लायसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रावधानों के उल्लंघन पर एक वर्ष का कारावास और 25 हजार रूपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा लेकिन अगर एक बार से अधिक सजा हो तो उस स्थिति में दो वर्ष तक कारावास और 50 हजार रूपये का जुर्माना किया जा सकेगा।
  •   राज्य की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी नियोजन अभिकरण (विनियमन) विधेयक 2013 के प्रारूप का अनुमोदन। इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। पारित होने के बाद यह कानून के रूप में लागू होगा। प्रस्तावित विधेयक में इसमें राज्य की महिलाओं को प्रदेश के बाहर घरेलू कार्यो के लिए नौकर अथवा सहायक के रूप में ले जाने वाली निजी प्लेसमेंट एजेंसियों और उनके अभिकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए उनकी कार्य पद्धति को कानून बनाकर विनियमित करने का प्रावधान किया गया है। विधेयक में निजी प्लेसमेंट एजेंसियों, नियंत्रण प्राधिकारियों, अपीलीय प्राधिकारियों, घरेलू नौकरों और सहायकों को परिभाषित किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक में निजी प्लेसमेंट एजेंसियों को लायसेंस लेने की अनिवार्यता भी रखी गयी है। लायसेंस के निलंबन और निरस्तीकरण के भी प्रावधान किए किए गए हैं। प्रायवेट प्लेसमेंट के कार्यो और कर्तव्यों का भी उल्लेख होगा। इन प्रावधानों के उल्लंघन पर सात वर्ष तक कारावास और एक लाख रूपये तक जुर्माने का प्रावधान रहेगा। इन प्लेसमेंट एजेंसियों से एक लाख रूपए की बैंक गारंटी भी ली जाएगी। विधेयक में विहित सभी अपराध संज्ञेय और गैरजमानती होंगे। विधेयक के प्रावधानों को लागू करने के लिए राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी।
  •    रायपुर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा 30 वर्षीय पट्टे पर आबंटित आवासीय भू-खण्डों/भवनों को लीज होल्ड से फ्री-होल्ड करने के लिए अधिनियम बनाया जायेगा।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक

दुर्ग को राजस्व संभाग बनाने और सरकारी कर्मचारियों की
सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन
दुर्ग में 15 सितम्बर से पहले संभागीय आयुक्त कार्यालय खोलने की तैयारी
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के 553 डॉक्टरों की होगी सीधी भर्ती

रायपुर, 20 अगस्त 2013

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य की जनता के व्यापक हित में और प्रदेश के विकास के लिए की गयी प्रमुख घोषणाओं का अनुमोदन किया, जिनमें वर्तमान रायपुर राजस्व संभाग का पुनर्गठन कर दुर्ग को नवीन राजस्व संभाग बनाने, शासकीय कर्मचारियों और निगम मण्डलों तथा पंचायतों और नगरीय निकायों के कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की घोषणा शामिल हैं। बैठक के बाद पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री हेमचंद यादव ने मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी दी।
    उन्होंने बताया कि दुर्ग को नवीन राजस्व संभाग बनाए जाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गयी है। इसके अंतर्गत दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद एवं कवर्धा जिले शामिल किए जाएंगे। इससे प्रशासन को जनता के करीब पहुंचाने में मदद मिलेगी। श्री यादव ने कहा कि इससे जनता को संभाग स्तरीय कार्यालयों के काम के लिए अब रायपुर आना-जाना नहीं पड़ेगा। दुर्ग में 15 सितम्बर से पहले संभागीय आयुक्त का कार्यालय शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है। श्री यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विकासखंडों के साथ-साथ तहसीलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री की 15 अगस्त की घोषणा के अनुरूप आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर शासकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से 62 वर्ष करने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। इस निर्णय का लाभ राज्य शासन के निगम-मण्डलों शासकीय निकायों, पंचायतों तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भी मिलेगा।
    श्री यादव ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सा अधिकारियों के 553 रिक्त पदों तत्काल पूर्ति करने का निर्णय लिया। इसके लिए यह भी तय किया गया कि सीधी भर्ती के इन पदों की भर्ती लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर विभागीय समिति के माध्यम से की जाए। इससे प्रक्रियागत विलम्ब नहीं होगा। इनमें आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के 496, होम्यापैथी चिकित्सा अधिकारियों के 31 और यूनानी चिकित्सा अधिकारियों के 26 पद शामिल हैं।
    श्री हेमचंद यादव ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने आज दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना एवं अल्पकालीन सहकारी साख संरचना के संविलयन की योजना बाबत आज मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया। इसके अन्तर्गत सहकारी भूमि विकास बैंकों का राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) में विलय किया जाएगा। इससे विभिन्न सहकारी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। संविलयन से कुछ बैंकों को होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु राज्य शासन द्वारा 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका लाभ अंततः हमारे किसानों को मिलेगा। श्री यादव ने बताया कि रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कमल विहार की तरह नगर विकास योजाओं जैसे इन्द्रप्रस्थ फेस-2 रायपुरा, विशेषीकृत व्यावसायिक क्षेत्र रायपुरा-1, में स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इससे अनेक हितग्राहियों को लाभ मिलेगा और सुनियोजित नगर विकास को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। श्री यादव ने यह भी बताया कि मंत्रिपरिषद ने 22.10.12 को निर्णय लिया था कि पंजीयन विभाग की पंजीयन प्रक्रिया का कम्प्यूटरीकरण किया जाये। इससे संबंधित कार्यवाही जारी है। अब दूसरे चरण में आज निर्णय लिया गया है कि स्टाम्प के बदले ई-प्रमाण पत्र का उपयोग किया जायेगा। इससे कई लाभ होंगे, जो इस प्रकार है- नकली स्टाम्प के प्रचलन की समस्या समाप्त हो जाएगी। दस्तावेजों का डुप्लीकेशन समाप्त हो जाएगा। पंजीयन में स्टाम्प का कम्प्यूटरीकृत रिकार्ड होगा, इससे विभिन्न रिपोर्ट प्राप्त होगी और इसके द्वारा पंजीयन राजस्व पर सतत निगरानी संभव होगी।उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में माननीय न्यायालयों से वापस लेने हेतु कदम उठाए गये हैं। पहले इसके तहत 31 दिसम्बर 2011 तक के प्रकरणों पर विचार किया गया था अब 31 दिसम्बर 2011 के स्थान पर 31 दिसम्बर 2012 तक के प्रकरणों पर विचार किया जायेगा। आज कैबिनेट के इस फैसले से अनेक लोगों को राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्षा की स्थिति, फसल बोनी एवं फसल की स्थिति पर चर्चा की गई एवं उर्वरकों की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए गए।
 

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक
सहकारी समितियों में धान खरीदी 21 अक्टूबर से शुरू होगी
सरगुजा ताप बिजली परियोजना से इफ्को को हटाकर एन.एच.पी.सी. को शामिल किया जाएगा
पिछड़े वर्गो के विद्यार्थियों को मिलेगी जिला स्तर पर छात्रावास सुविधा
सामान्य वर्ग के बी.पी.एल. छात्र-छात्राओं को भी परीक्षा पूर्व कोचिंग
आदि सुविधा देने की सैद्धांतिक सहमति
दुर्ग संभाग के लिए कमिश्नर का पद स्वीकृत

रायपुर 12 सितम्बर 2013

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य नीति के तहत इस वर्ष किसानों से खरीफ मौसम में धान खरीदी का विशेष अभियान 21 अक्टूबर से शुरू करने का निर्णय लिया है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। सरगुजा जिले में प्रस्तावित आठ हजार 520 करोड़ रूपए की लागत वाली ताप विद्युत परियोजना के लिए राज्य शासन द्वारा जून 2005 में किए गए एम.ओ.यू. के आधार पर गठित संयुक्त उपक्रम वाली कम्पनी से इफ्को लिमिटेड को हटाकर भारत सरकार की कम्पनी एन.एच.पी.सी. लिमिटेड को शामिल किया जाएगा। इस परियोजना में इफ्को द्वारा दिलचस्पी नहीं लिए जाने के कारण उसके स्थान पर एन.एच.पी.सी. को शामिल किया जा रहा है।
 इस आशय के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय आज शाम यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। रात लगभग साढ़े नौ बजे तक चली साढ़े तीन घण्टे की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप दुर्ग राजस्व संभाग के लिए कमिश्नर का पद भी बैठक में मंजूर किया गया। उल्लेखनीय है कि डॉ. रमन सिंह कल 13 सितम्बर को दुर्ग में कमिश्नर के लिंक कोर्ट का शुभारंभ करेंगे। राज्य में अन्य पिछड़े वर्गो के विद्यार्थियों के लिए जिला स्तर पर छात्रावास सुविधा सहित बैकलाग पदों में भर्ती और परीक्षा पूर्व कोचिंग की सुविधा देने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। सामान्य वर्ग के अन्तर्गत गरीबी रेखा श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा पूर्व कोचिंग, परीक्षा शुल्क में छूट आदि की सुविधा दिए जाने के प्रस्ताव पर बैठक में सैद्धांतिक सहमति प्रकट की गयी। बस्तर और सरगुजा राजस्व संभागों के जिलों में विज्ञान और गणित जैसे विषयों में शिक्षकों के कमी को देखते हुए निजी एजेंसियों से सम्पर्क कर गुणवत्तापूर्ण अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की गयी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए।
   मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की आज की बैठक में किसानों से धान खरीदी के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गयी। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मानसून की अच्छी बारिश को देखते हुए समितियों में इस बार  75 लाख मीटरिक टन धान की आवक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे ध्यान में रखकर सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष किसानों की मांग पर 23 नये धान उपार्जन केन्द्र खोले जा रहे हैं। इन्हें मिलाकर राज्य में धान उपार्जन केन्द्रों की संख्या 1970 हो जाएगी। किसानों की सुविधा की दृष्टि से धान का पूरा भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा। इसी तरह धान खरीदी के लिए समितियों को दी जाने वाली राशि अब सीधे उनके खाते में डाल दी जाएगी। धान खरीदी के लिए इस वर्ष भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार मोटे अथवा सामान्य धान के लिए किसानों को 1310 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राशि मिलेगी। पिछले साल यह 1250 रूपए प्रति क्विंटल थी। ए-ग्रेड अथवा पतले धान के लिए किसानों को इस बार 1345 रूपए प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा, जो पिछले साल 1280 रूपए था। इसी तरह मक्के की खरीदी के लिए 1310 रूपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हुआ है, पिछले साल 1175 रूपए की दर से मक्के की खरीदी की गयी थी। इस बार सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में दस हजार मीटरिक टन मक्के की आवक होने का अनुमान लगाया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में सरगुजा जिले में सरगुजा ताप बिजली परियोजना की स्थापना के लिए राज्य सरकार, इफ्को और तत्कालीन छत्तीसगढ़ विद्युत मण्डल के बीच विगत जून 2005 में हुए एम.ओ.यू. की समीक्षा की गयी। इसमें बताया गया कि एम.ओ.यू. की शर्तो के अन्तर्गत इफ्को की 74 प्रतिशत और विद्युत मण्डल की 26 प्रतिशत भागीदारी में इफ्को-छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के नाम से संयुक्त उपक्रम कम्पनी (ज्वाइंट वेन्चर कम्पनी) का गठन किया गया था। इस प्रस्तावित परियोजना की कुल क्षमता एक हजार 320 मेगावाट की है। इसके लिए राज्य सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सी.एम.डी.सी.) लिमिटेड को तारा कोल ब्लाक का आवंटन प्राप्त हुआ है। तारा कोल ब्लाक के विकास के लिए सी.एम.डी.सी. लिमिटेड और ज्वाइंट वेन्चर पावर कम्पनी के बीच 51 प्रतिशत और 49 प्रतिशत की भागीदारी में अलग से ज्वाइंट वेन्चर कोल कम्पनी का गठन किया गया है, लेकिन इफ्को द्वारा परियोजना के कार्यो में दिलचस्पी नहीं रखने के कारण मंत्रिपरिषद की आज की बैठक में इफ्को के स्थान पर केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एन.एच.पी.सी. लिमिटेड को इफ्को के स्थान पर शामिल करने का निर्णय लिया गया।
    बैठक में बताया गया कि पावर सेक्टर में छत्तीसगढ़ में भारत सरकार के किसी उपक्रम के साथ ज्वाइंट वेन्चर में स्थापित होने वाली यह पहली ताप बिजली परियोजना होगी। एन.एच.पी.सी. लिमिटेड, पावर कम्पनी और कोल कम्पनी में इफ्को की हिस्सेदारी और इफ्को की समस्त देनदारियों को वहन करेगी। लगभग आठ हजार 520 करोड़ रूपए की लागत वाली प्रस्तावित सरगुजा ताप बिजली परियोजना में एन.एच.पी.सी. द्वारा एक हजार 890 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा और होल्डिंग कम्पनी की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए लगभग 664 करोड़ रूपए का ऋण भी उपलब्ध कराएगी। इस परियोजना में पैदा होने वाली शत-प्रतिशत बिजली राज्य सरकार की विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा खरीदी जाएगी।

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कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 12 सितम्बर 2013

  •     छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं के लिए एक बार के लिए आयु सीमा को बढ़ाकर 40 वर्ष करने का प्रस्ताव को मंजूरी।
  •    नलकूप खनन पर राज्य शासन द्वारा देय 25 हजार रुपए के अनुदान को बढ़ाकर 35 हजार किया गया।
     

मंत्रिपरिषद का निर्णय
सभी निर्माण विभागों के ठेकेदारों के लिए एकीकृत पंजीयन प्रणाली

रायपुर 12 सितम्बर 2013

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में सभी निर्माण विभागों में ठेकेदारों के पंजीयन के लिीए एकीकृत पंजीयन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आज रात यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इस निर्णय के अनुसार अब छत्तीसगढ़ सरकार के लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत और ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग सहित आवास और पर्यावरण विभाग (नया रायपुर विकास प्राधिकरण, गृह निर्माण मण्डल, रायपुर विकास प्राधिकरण) आदि के ठेकेदारों के लिए ई-रजिस्ट्रेशन के रूप में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा, जहां प्रमुख अभियंता के कार्यालय में यह एकीकृत पंजीयन कार्यालय भी होगा। इसमें लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को पंजीकरण प्राधिकारी बनाया जाएगा। अपीलीय प्राधिकारी के रूप में तीन सदस्यीय बोर्ड होगा, जिसमें लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता सहित संबंधित विभाग के संस्था प्रमुख और संचालक वित्त भी शामिल रहेंगे। इसके अन्तर्गत ठेकेदारों की श्रेणीकरण की वर्तमान व्यवस्था में डी श्रेणी से ए-पांच श्रेणी और एस-1 से एस-5 श्रेणी को समाप्त कर चार श्रेणियों में ठेकेदारों का पंजीयन होगा। अ-श्रेणी में असीमित राशि के निर्माण कार्यो के लिए बी-श्रेणी में दस करोड़ रूपए तक निर्माण कार्यो के लिए, सी-श्रेणी में दो करोड़ रूपए तक निर्माण कार्यो के लिए और डी-श्रेणी में एक करोड़ रूपए तक निर्माण कार्यो के लिए ठेकेदारों का पंजीयन होगा।

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मंत्रिपरिषद का निर्णय
छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा कानून को यथावत रखा जाएगा

रायपुर 12 सितम्बर 2013

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा एवं पोषण सुरक्षा कानून 2012 के सभी प्रावधानों को प्रदेशवासियों के हित में यथावत रखते हुए केन्द्र के खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के तहत राज्यों को प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सौंपे गए विभिन्न दायित्वों का पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित केबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा एवं पोषण सुरक्षा कानून के अन्तर्गत की जाने वाली कार्रवाईयों के लिए आवश्यक होने पर कार्यकारी निर्देश जारी करने हेतु खाद्य विभाग के संचालक को अधिकृत किया जाए।
  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कानून 2012 में राज्य सरकार ने प्रदेश के लगभग 42 लाख गरीब परिवारों को राशन कार्ड पर मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो चावल, दो किलो निःशुल्क नमक, आदिवासी क्षेत्रों में पांच रूपए किलो में दो किलो चना और गैर आदिवासी क्षेत्रों में मात्र दस रूपए किलो में दो किलो दाल देने का प्रावधान किया है। यह देश का पहला खाद्य सुरक्षा कानून है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार तो विगत लगभग साढ़े चार वर्षो से राज्य के गरीबों के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना चला रही है और इसके अन्तर्गत हम गरीबों को केवल एक रूपए और दो रूपए किलो में प्रति परिवार 35 किलो चावल तथा दो किलो निःशुल्क नमक भी दे रहे हैं।
  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने खाद्य सुरक्षा कानून में गरीबों को पोषण सुरक्षा देने के लिए किफायती चना और किफायती दाल की भी व्यवस्था की है। केन्द्र के अध्यादेश की तुलना में राज्य सरकार ने अपने कानून में छत्तीसगढ़ के गरीबों को अधिक मात्रा में राशन देने की व्यवस्था की है। केन्द्र सरकार ने पांच जुलाई 2013 को जारी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के अन्तर्गत सभी राज्यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कुछ विशेष दायित्व सौंपे हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार अपने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कानून के सभी प्रावधानों को प्रदेशवासियों के हित में यथावत रखते हुए केन्द्र के अध्यादेश के अन्तर्गत सौंपे जा रहे दायित्वों को भी पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय अध्यादेश में अनाज की व्यवस्था करने के साथ-साथ यह भी कहा गया है कि केन्द्र चाहे तो अनाज के बदले सीधे नगदी हस्तांतरण (कैश ट्रांसफर) भी राशन कार्ड धारक के खाते में कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगदी हस्तांतरण का प्रावधान छत्तीसगढ़ के लिए व्यावहारिक नहीं होगा। छत्तीसगढ़ प्रारंभ से ही इसके पक्ष में नहीं है।
  मंत्रिपरिषद की बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार के अध्यादेश में प्रत्येक राज्य में खाद्य सुरक्षा आयोग गठित करने का प्रावधान है। इस पर विचार करने के बाद बैठक में तय किया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग को खाद्य आयोग का दायित्व सौंपा जाए। इसके अलावा प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा से संबंधित जिला शिकायत निवारण अधिकारी नामांकित करने के प्रावधान पर विचार करने के बाद राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को पदेन जिला शिकायत निवारण अधिकारी बनाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया।

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केबिनेट के निर्णय

सिकल सेल संस्थान की स्थापना होगी : सिकल सेल पीड़ितों के लिए संस्थान खोलेगा 100 बिस्तरों का अस्पताल

शिक्षा आयोग के गठन का प्रस्ताव भी अनुमोदित

बिजली के करेंट से मौत पर मृतक के आश्रित को मिलेगा

दो लाख का मुआवजा

छोटे उद्योगों को विद्युत शुल्क में राहत

इस्पात, फेरोएलॉयज उद्योग, राइस मिल, दाल मिल,

 पोल्ट्री फार्म को आदि पर अब केवल छह प्रतिशत विद्युत शुल्क

रायपुर 24 सितम्बर 2013

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। छत्तीसगढ़ में सिकल सेल एनीमिया की चुनौती को देखते हुए इस बीमारी के मरीजों की सहायता और बीमारी से संबंधित अनुसंधान कार्यो के लिए स्व-शासी सिकल सेल संस्थान शुरू करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

संस्थान का कार्यालय राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू ऐलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के बायो-केमेस्ट्री विभाग में होगा। संस्थान के सुचारू संचालन के लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में समिति का भी गठन किया जाएगा। इसमें राज्य शासन के अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अथवा सचिव और स्वास्थ्य विभाग के सचिव सहित शासन की ओर से आठ स्थायी पदेन सदस्य होंगे। शासन द्वारा सिकल सेल के क्षेत्र में काम करने वाले तीन प्रतिष्ठित नागरिकों और दो जनप्रतिनिधियों का मनोनयन दो वर्ष के लिए किया जाएगा। संस्थान की ओर से एक सौ बिस्तरों के अस्पताल भी खोला जाएगा, जिसमें गहन रोग उपचार कक्ष, शल्य क्रिया कक्ष सहित सभी जरूरी सुविधाएं होंगी। संस्थान का संचालन राज्य शासन के वित्तीय सहयोग से किया जाएगा। इसके संचालन के लिए आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन ऑफ सोसायटी के गठन का भी अनुमोदन किया गया। संस्थान द्वारा सिकल सेल एनीमिया से पीड़ितों को परामर्श सेवाएं भी दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य विधानसभा मंे वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट भाषण में प्रदेश में सिकल सेल संस्थान के गठन की घोषणा की थी। संस्थान के लिए बजट प्रावधान भी किया जा चुका है। इस संस्थान में चिकित्सकों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मंत्रिपरिषद की बैठक में आज संस्थान के लिए सोसायटी गठन आदि की विस्तृत कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप शिक्षा आयोग के गठन का प्रस्ताव का भी अनुमोदन कर दिया। शिक्षा आयोग द्वारा प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से संबंधित स्कूलों के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों और उनकी सेवा शर्तो से संबंधित विषयों पर समय-समय पर विचार कर राज्य शासन को सुझाव दिए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोग के अध्यक्ष पद पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ व्याख्याता श्री चन्द्रभूषण शर्मा और सदस्य पद पर सेवानिवृत्त उप संचालक शिक्षा श्री आर.सी. पाण्डव की नियुक्ति का आदेश 20 सितम्बर को जारी किया जा चुका है, जिसका आज मंत्रिपरिषद की बैठक में कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद ने वर्तमान में गठित दो सदस्यीय शिक्षा आयोग में एक और सदस्य नियुक्त करने का भी निर्णय लिया।

ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद मंत्रिपरिषद ने राज्य में बिजली के करन्ट से होने वाली दुर्घटनाओं में मृतकों के आश्रितों को दिए जाने वाले 50 हजार के मुआवजे के प्रावधान को बढ़ाकर दो लाख रूपए करने का भी निर्णय लिया। यह मुआवजा ऊर्जा विभाग की ओर से दिया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने इस प्रकार की विद्युत दुर्घटनाओं में मवेशियों की मौत पर मुआवजे के लिए विद्युत कम्पनियों की ओर से मवेशी मालिकों को मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया। यह मुआवजे की राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र में अधिसूचित राशि से चार गुना राशि के बराबर होगी। इससे मवेशियों की मौत पर मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता आएगी। ऊर्जा विभाग के ही एक अन्य प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद मंत्रिपरिषद ने राज्य की इस्पात इकाईयों, फैरोएलॉयज, राइस मिल, दाल मिल, पोल्ट्री फार्म और कृषि से संबंधित उद्योगों पर जुलाई 2013 से लागू 20 प्रतिशत के विद्युत शुल्क को वर्तमान राष्ट्र व्यापी आर्थिक मंदी को ध्यान में रखते हुए घटाकर छह प्रतिशत करने का निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि इन उद्योगों पर जुलाई 2013 में प्रचलित आठ प्रतिशत विद्युत शुल्क को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया था, लेकिन आर्थिक मंदी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इन उद्योगों को राहत देने के लिए विद्युत शुल्क में संशोधन कर उसे छह प्रतिशत करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आर्थिक मंदी के बावजूद राज्य में उद्योगों को चालू रखने में मदद मिलेगी और इन औद्योगिक इकाईयों में बेरोजगारी की समस्या भी काफी कम हो जाएगी।

क्रमांक-2522/स्वराज्य

केबिनेट के निर्णय

दिनांक 24 सितम्बर 2013

  • फर्जी तरीके से जमीन खरीद कर धोखाधड़ी करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्ती बरतने का निर्णय। ऐसे कॉलोनाइजरों की कॉलोनी को शासनाधीन करने का निर्णय। सरकार प्रभावित लोगों  को उस कॉलोनी में बची शेष जमीन उपलब्ध कराएगी। जरुरी होने पर संबंधित कॉलोनाइजर की निजी संपत्ति भी अधिगृहित कर ली जाएगी। प्रभावितों को इस नयी जमीन की रजिस्ट्री पर कोई स्टाम्प शुल्क और डायवर्सन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

 


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट की पहली बैठक
चुनाव घोषणा पत्र के फैसलों का अनुसमर्थन
अटल बीमा योजना 25 दिसम्बर से शुरू होगी
गरीब परिवारों को नये साल से एक रूपए किलो अनाज
प्रदेश के 47 हजार से अधिक स्कूलों में मध्यान्ह भोजन
योजना की कमान महिला समूहों को

 

रायपुर, 18 दिसम्बर 2013

विधानसभा के तीसरे आम चुनाव में पूर्ण बहुमत और ऐतिहासिक जनादेश के साथ विजयी होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां उनके नवगठित केबिनेट की पहली बैठक आयोजित की गयी। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को विभागों का वितरण किया। उन्होंने सभी नये मंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र 2013 में शामिल घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री द्वारा शपथ ग्रहण के बाद जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, उनका अनुसमर्थन आज केबिनेट की आज की पहली बैठक में किया गया। इनमें लगभग 48 लाख नीले राशन कार्ड धारक गरीब परिवारों को जनवरी 2014 से दो रूपए प्रतिकिलो स्थान पर एक रूपए प्रतिकिलो की दर से हर महीने 35 किलो अनाज (चावल/गेहूं) वितरण, वनग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया का अनुमोदन, प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी महिला स्व-सहायता समूहों को जनवरी 2014 से स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन की पूरी जिम्मेदारी सौपे जाने का निर्णय भी शामिल है।
    प्रदेश के 47 हजार 879 प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में इस योजना का दायित्व महिला समूहों को दिया जाएगा। केबिनेट में आज की बैठक में निर्वाचन घोषणा पत्र 2013 के अनुरूप महिला स्व-सहायता समूहों को राज्य के 50 हजार 311 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट) वितरण की जिम्मेदारी सौपने का निर्णय भी घोषणा पत्र के अनुरूप लिया गया है, जिसका अनुसमर्थन आज की बैठक में किया गया। मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को प्रदेश के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में बच्चों के गणवेश तैयार करने और वितरित करने की जिम्मेदारी देने का भी ऐलान किया है, जिसका अनुसमर्थन आज केबिनेट में किया गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन पर 25 दिसम्बर 2013 से राज्य के लाखों खेतिहर मजदूरों के लिए अटल खेतिहर मजदूर बीमा योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसका भी अनुसमर्थन आज की बैठक में किया गया।
    प्रदेश में ढाई एकड़ अथवा उससे कम कृषि योग्य भूमि धारण करने वाले ग्रामीण खेतिहर मजदूरों को इस योजना का लाभ मिलेगा। दुर्घटना मृत्यु पर उनके आश्रित परिवार को 75 हजार रूपए, सामान्य अथवा प्राकृतिक मृत्यु पर 30 हजार रूपए, दुर्घटना से स्थायी रूप से अपंग होने पर 75 हजार रूर्पए आैर एक आंख अथवा एक हाथ या एक पैर टूट जाने की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता मिलेगी। इस योजना में बी.पी.एल. श्रेणी अथवा उसके आस-पास के खेतिहर मजदूर जिनकी आयु 18 वर्ष से 59 वर्ष है, इस योजना से लाभान्वित होंगे। योजना का संचालन राज्य शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से किया जाएगा। इसी तरह निर्वाचन घोषणा पत्र के अनुरूप आज केबिनेट की बैठक में अराष्ट्रीयकृत लघुवनोपज-इमली, चिरौजी, महुआ-बीज, लाख और कोसा-ककून की सरकारी खरीदी के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया गया।

क्रमांक-3027/स्वराज्य