मंत्रिपरिषद के निर्णय - 2020

 

 

मंत्री परिषद की बैठक

रायपुर, 17 दिसम्बर 2020    

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः-


1- राज्य शासन के सभी शासकीय विभागों के द्वारा राज्य के प्रदायकों से ही सामग्री क्रय का निर्णय लिया गया। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2020 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

2-छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

3-गोधन न्याय योजना के तहत उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय दर 8 रूपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 10 रूपए प्रति किलोग्राम करने के निर्णय का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुसमर्थन किया गया।

4- दुर्ग जिला गृह निर्माण समिति राजनांदगांव (मोहन नगर) को आबंटित नजूल भूमि के पट्टा निष्पादन की अनुमति प्रदान की गई।
5-भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

6-छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

7-छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण अधिनियम 2002 एवं छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण नियम, 2002 में संशोधन किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन कर प्रस्तावित संशोधनों में समिति की अनुशंसा प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।

8- नगर पालिक निगमों के स्वामित्व के खाली पड़े भवनों को सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर योजना के लिए उपयोग किए जाने हेतु छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अचल संपत्ति अंतरण नियम 1994 के प्रावधानों में शिथिलीकरण का निर्णय लिया गया।

9- छत्तीसगढ़ राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

10- द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2020-21 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।  

11- राज्य के जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में निर्मित जर्जर भवनों के रिडेव्हलपमेंट करने का निर्णय लिया गया। जिसमें रायपुर के शांति नगर के पुनर्विकास योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई।

12- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल एवं रायपुर विकास प्राधिकरण को आबंटित शासकीय भूमि पर आवासीय एवं आवासीय/व्यवसायिक योजना में शामिल व्यवसायिक संपत्ति को फ्री -होल्ड करने की अनुमति निहित शर्तो पर दी जाए।  
13- छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यो के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के तहत ‘ई‘ श्रेणी के मापदण्ड (i) एवं (iv) में संशोधन का निर्णय लिया गया। जिसके तहत मापदण्ड (i) में अब सामान्य क्षेत्रों में स्नातक बेरोजगार युवाओं का पंजीयन होगा वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं का पंजीयन ई श्रेणी में किया जाएगा जबकि पूर्व में अनुसूचित क्षेत्रों में भी स्नातक उपाधिधारी बेरोजगार युवाओं का ई श्रेणी में पंजीयन किया जा रहा है।
    इसी तरह मापदण्ड (iv) में अब ई श्रेणी पंजीयन एवं प्रतिस्पर्धा ब्लाॅक एवं नगर निगम सीमा तक सीमित रहेगी। पंजीयन ब्लाॅक स्तर पर होगा तथा संबंधित नगर निगम सीमा क्षेत्र को भी पंजीयन के लिए एक इकाई माना जाएगा जबकि पहले प्रावधान था कि स्नातधारी जिस ब्लाॅक के निवासी होंगे, वह उसी ब्लाॅक अंतर्गत के कार्यो के लिए प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे।

14- छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इंफ्रेस्ट्रक्चर डेव्हलमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य शासन से संप्रभु गारंटी प्राप्त कर बैंक/वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने एवं निर्माण कार्य संपादन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया।

15- संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में शेष 69 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की सेवा अवधि में भी वृद्धि/नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। पूर्व में 235 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की संविदा सेवा में वृद्धि की गई है।

क्रमांक-5850 /

मंत्री परिषद की बैठक: सभी प्रस्तावों पर छत्तीसगढ़ी में हुई चर्चा

धान-मक्का खरीदी सहित विभिन्न मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

    रायपुर, 28 नवंबर 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत समस्त प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री सहित मंत्रीपरिषद के सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी में अपनी बात रखी। चर्चा की शुरूआत मुख्यसचिव ने छत्तीसगढ़ी में की। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

1- आई.टी.आई के अंतिम परीक्षा में सम्मिलित होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण पूर्ण कराने हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को खोले जाने का निर्णय लिया गया ताकि आई.टी.आई. के अंतिम वर्ष के प्रशिक्षणार्थी अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा ( एन.सी.व्ही.टी.)  में शामिल हो सकें।

2- कृषि विभाग के द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत संचालित राज्य शासन के विभागों के शासकीय संस्थानों ध्गौठानों के द्वारा उत्पादित जैविक खाद का शासन के अन्य विभागों द्वारा सीधे क्रय किया जा सकेगा। जैविक खाद की दर का निर्धारण कृषि विभाग समय-समय पर करेगा। जैविक खाद क्रय हेतु किसी भी विभाग को पृथक से निविदा बुलाया जाना आवश्यक नहीं होगा। उक्त आशय का संशोधन छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम 2020 में करने का अनुमोदन किया गया।

3- छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 में निरस्त भूखंड पुर्नस्थापना एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों में संशोधन का अनुमोदन किया गया।

4- छत्तीसगढ़ राज्य में लघु वनोपजो के प्रसंस्करण हेतु दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में लघुवनोपज की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का अनुमोदन किया गया। राज्य लघुवनोपज द्वारा प्रस्तावित इस केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई में लघुवनोपज के अंतर्गत आयुर्वेदिक दवाएं, जड़ी बूटी, शहद, लाख, चिरौंजी, महुआ, बेल, इमली, बांस इत्यादि का प्रसंस्करण होगा।

5- छत्तीसगढ़ राज्य में लाख पालन को कृषि का दर्जा देने तथा लाख उत्पादन को कृषि फसलों के अनुरूप अल्प कालीन कृषि ऋण एवं ब्याज अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया गया।

6- छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

7-खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। धान की खरीदी नगद एवं लिंकिंग में 01 दिसंबर से 31 जनवरी 2021 तक तथा मक्का की खरीदी 01 दिसंबर से 31 मई 2021 तक की जाएगी।

8- छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के नियम 7 के प्रावधानों के अनुसार वाहनों के निष्प्रयोज्य में रखे जाने के एवज में अग्रिम में देय मासिक कर जमा किए जाने की छूट अवधि को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

9- छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग के अंतर्गत स्थानीय निधि संपरीक्षा के स्थान पर अब राज्य संपरीक्षा किए जाने के सबंध में संशोधन करने की अनुसंशा की गई।

10- नगर पालिका निगम रायपुर को गोल बाजार स्थित पूर्व से पट्टे पर आबंटित भूमि को आबंटित किया जावे। दर का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी।

11- श्रम विभाग द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ राज्य प्रवासी श्रमिक नीति का अनुमोदन किया गया।

12- छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया।

13- नवा रायपुर अटल नगर में रोजगार निवेश, तथा बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु औद्योगिक क्षेत्र के भूखंडों की वर्तमान प्रीमियम दर को 50 प्रतिशत कम किए जाने का निर्णय लिया गया।  

14- कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति में प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भौतिक रूप से शिक्षण प्रारंभ किए जाने के संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी मार्गदर्शिका तथा छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा द्वारा स्नातकोत्तर कक्षाएं 10 दिसंबर तथा स्नातक कक्षाएं 15 दिसंबर 2020 से एवं समस्त कक्षाएं एक जनवरी 2021 से प्रारंभ किए जाने के सुझाव पर चर्चा की गई।

क्रमांक-5398/नसीम/केशरवानी

 

 

 मंत्रि-परिषद के निर्णय

 

रायपुर, 26 अक्टूबर 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में : -

  •  औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमति दी गई। जिसमें राज्य के वनोपज, हर्बल तथा वन पर आधारित अन्य उत्पादों का प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्माण और मूल्य संवर्धन के कार्य राज्य में ही किए जाने को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज (वनांचल उद्योग पैकेज) का अनुमोदन किया गया।   
  •    जिसके तहत लघु उद्योगों को औद्योगिक नीति 2019-24 के प्रावधान मंे पूर्व से घोषित आर्थिक निवेश प्रोत्साहन के अतिरिक्त स्थायी पूंजी निवेश अनुदान उत्पादन में आने के उपरांत उद्योगों को मान्य स्थायी पूंजी निवेश पर अनुदान के रूप में विशेषकर पिछड़े क्षेत्र विकासखण्डों जिसमें ‘‘स‘‘श्रेणी के विकासखण्डों में कुल निवेश का 40 प्रतिशत 5 वर्षो में अधिकतम 40 लाख रूपए प्रतिवर्ष  तथा ‘‘द‘‘ श्रेणी के विकासखण्डों में कुल निवेश का 50 प्रतिशत 5 वर्षो में अधिकतम 50 लाख रूपए प्रतिवर्ष पात्रतानुसार देय होगा। विशेष पैकेज के लिए लघु उद्योगों के द्वारा प्लांट एवं मशीनरी के अंतर्गत न्यूनतम 50 लाख तथा अधिकतम 5 करोड़ रूपए का निवेश किया जाना आवश्यक होगा।
  •     छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसमें उद्योग विभाग द्वारा संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत उपकेन्द्रों की स्थापना हेतु न्यूनतम आवश्यक भूमि का आबंटन एक रूपए प्रतीकात्मक प्रीमियम राशि (टोकन मनी) पर बिना किसी लीज रेंट, सिक्यूरिटी डिपॉजिट के भूमि का आबंटन किया जाएगा।
  •     छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसमें औद्योगिक भूमि, भवन, शेड, प्रकोष्ठ एवं लैण्ड बैंक से आबंटित भूमि का आबंटन पश्चात नियमन एवं प्रबंधन की कंडिका में संशोधन किया गया।
  •    छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 के अंतर्गत भूमि आबंटन प्राप्त करने वाले उद्योगों को नियमों में संशोधन करते हुए कोविड-19 एवं आर्थिक मंदी को ध्यान में रखते हुए जो प्रस्तावित उद्योग स्थापित नही हो सके हैं, उनके लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
  •   छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  •     राज्य शासन द्वारा वर्ष 2012 में राज्य के ग्रामीण अंचलों के त्वरित एवं सर्वांगींण विकास की पूर्ति के लिए वर्तमान में विकास कार्यो की स्वीकृति के लिए गठित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
  •     छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वर्ष 2013-14 के क्रियान्वयन के संबंध में प्रदेश में नशा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान हेतु छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिंनी योजना) को समाज कल्याण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया।
  •    भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा ‘जल जीवन मिशन‘ के क्रियान्वयन के संबंध में निर्णय लिया गया कि-जल जीवन मिशन के संपूर्ण टेण्डर (ईओआई) को निरस्त करके भारत सरकार के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाए।

क्रमांक 4693/पवन

 मंत्रि-परिषद के निर्णय

रायपुर ,8 अक्टूबर 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
1- छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्त्रोत से औद्योगिक प्रायोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग हेतु 16 जनवरी 2020से प्रचलित जल दरों में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
     जिसके अनुसार भू-जल के औद्योगिक उपयोग हेतु निर्धारित जल दरों में 20 से 33 प्रतिशत तक की कमी किए जाने तथा भू-जल दरों पर प्राप्त जल कर की राशि पृथक से निर्मित किए जाने वाले भू-जल संरक्षण कोष में जमा की जाएगी। इस कोष का उपयोग भू-जल संवर्धन (रिचार्जिंग ) में किया जाएगा।
      स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी जिसे औद्योगिक जल दर निर्धारण संबंधी अधिसूचना में विलोपित कर दिया गया था, को मंत्री परिषद द्वारा पुनःस्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी हेतु प्रचलित दर, जो कि नैसर्गिक स्त्रोत जलदर 5 रूपए प्रति घन मीटर है को कम कर 3.50 रूपए प्रति घन मीटर किया गया।

2- छत्तीसगढ राज्य औषधि पादप बोर्ड को पुर्नभाषित कर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नाम से पुर्नगठित करने का निर्णय लिया गया।

3-छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन (अपील एवं अन्य प्रावधान) प्रस्ताव  का अनुमोदन किया गया। इससे अतिशेष भूखंडों निरस्त भूखंडों एवं बंद पड़ी इकाईयों से भूखंड का आधिपत्य वापस प्राप्त कर नए आवेदकों को आबंटन किया जा सकेगा। अर्थात पट्टे पर आबंटित औद्योगिक भूमि का उपयोग न हो पाने के प्रकरणों में भूमि के हस्तांतरण को आसान किया गया है।

4- औद्योगिक नीति 2019 -24 के तहत  बायोएथनाल हेतु एमओयू हस्ताक्षरित कर 6 माह के अंदर ईकाई के उत्पादन में आने पर विशेष अर्ली बर्ड इंशेटिव देने के प्रावधान किया गया था। मंत्री परिषद ने 6 माह के स्थान पर 18 माह के अंदर इकाई के उत्पादन में आना प्रतिस्थापित किए जाने का निर्णय लिया।  उद्योगों को लीज पर दी गई भूमि में उद्योग लगाने के लिए निर्धारित अवधि में एक वर्ष की वृद्धि की गई ।  

5- औद्योगिक नीति 2019-24 में सशोधन करने का अनुमोदन किया गया। औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जनजाति/जाति वर्ग तथा स्टार्टअप के लिए स्पेशल पैकेज घोषित किया गया है। उद्योगों को विस्तार /शवलीकरण के लिए अनुदान छूट एवं रियायतों की पत्रता का अनुमोदन किया गया। सूक्ष्म उद्योगों के साथ- साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी स्थाई पूंजी निवेश अनुदान की सुविधा मिलेगी। कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में विद्युत छूट की पात्रता दी गई है।
6- छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत इस्पात (स्पांज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा/अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। मेगा निवेषकों के लिए घोषित किए गए पैकेज में अधितम 500 करोड़ रूपए तक का निवेष प्रोत्साहन (बस्तर संभाग हेतु 1000 करोड़ तक) मान्य होगा। प्रस्तावित इकाईयों के लिए 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ करना जरूरी होगा। 100 करोड़ रूपए का स्थाई पूंजी निवेश मद में निवेश कर व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करने वाली नवीन इकाईयों को आर्थिक निवेश प्रोत्साहन तभी प्राप्त होगा।

7-छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना की सभी चार योजनाएं 31 अक्टूबर 2024 तक लागू करने, राज्य स्तरीय अपीलीय फोरम के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
     कृषि आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रसंस्करण मिशन में वन अधिकार अधिनियम पट्टाधारी एवं सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार प्राप्त ग्रामों को विशेष प्राथमिकता दिए जाने का निर्णय लिया गया।
   स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए विशेष पैकेज घोषित। क्षेत्रवार छूट 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक देय होगी।

8- छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन - वन विभाग का नाम संशोधित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

9- अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि- नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

11- मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण का गठन एवं निधि नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस प्राधिकरण के गठन का उद्देश शिक्षा स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख रखाव एवं उन्नययन संबंधी कार्यो के वित्त पोषण की पूर्ति है। प्रधिकरण संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन को आवश्यक सलाह भी देगा। मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के दो उपाध्यक्ष होंगे जो विधायकगण में से नामांकित होंगे।  राज्य मंत्रीमंडल के समस्त मंत्रीगण, मुख्य सचिव, सचिव वित्त , सामान्य प्रशासन विभाग इसके सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव /सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। राज्य शासन द्वारा इस प्राधिकरण में पांच सदस्य, माननीय विधायक /समाज सेवी व विशेषज्ञ वर्ग से लिए जाएंगे।  

12- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कोरोना संकट काल को देखते हुए वृहद कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा, सिर्फ राज्य अलंकरण समारोह मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयेाजित होगा।

13-यात्री वाहनों के माह सितंबर एवं अक्टूबर 2020 के देय मासिक कर में छूट शर्तों के अधीन दिए जाने का निणर्य लिया गया। अंतर्राज्यीय/ अखिल भारतीय पर्यटक परमिट तथा समस्त मंजिली यात्री वाहनों के सितंबर एवं अक्टूबर के देय मासिक कर में छूट तभी दी जाएगी। जिनके संचालकों द्वारा माह सितंबर के पूर्व अंतिम तीन माह के दौरान अपने प्रत्येक यात्री वाहनों के चालक, परिचालक हेल्पर को निर्धारित वेतन भत्ते का भुगतान किया हो अथवा उक्त भुगतान को माह दिसंबर तक अनिवार्य रूप से किए जाने का शपथ पत्र कराधान अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा।

14- खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से ऋणों पर शासकीय प्रत्याभूमि के पुर्नवैधानिकरण का अनुमोदन किया गया।

15- सभी सामाजों की सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर अधिकतम 5000 वर्ग फुट भूमि के आबंटन  के प्रावधान को संशोधित कर  अब 7500 वर्ग फुट तक कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के स्तर पर ही भूमि आबंटन की कार्रवाई की जाएगी।

16 -छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यों के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के अंतर्गत नवीन ई श्रेणी का समावेश किए जाने का निर्णय लिया गया।

17- राज्य शासन द्वारा स्टील उद्योग को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 में घोषित विशेष राहत पैकेज की वैधता जो 31 मार्च 2020 को समाप्त हो गई है, में वृद्धि एवं उर्जा प्रभार में छूट में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

18- सौर उर्जा नीति 2017-27 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। जिसके अनुसार एक किलोवाट या एक किलोवाट से अधिक क्षमता के रूफटाप सोलर पावर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिीविटी की सुविधा उपलब्घ करायी जाएगी। इसी प्रकार राज्य द्वारा केप्टिव उपयोग अथवा राज्य के भीतर या राज्य के बाहर उपभोक्ताओं/लाइसेंसी को ओपन एक्सेस के तहत बिजली बेचने हेतु एक ही स्थल पर स्थापित होने वाले पाॅवर प्लांट हेतु न्यूनतम क्षमता 500 किलोवाट एवं अधिकतम क्षमता या एमएनआरआई द्वारा राष्ट्रीय सोलर नीति, समय-समय पर संशोधित में उल्लेखित अधिकतम क्षमता के अनुरूप रहेगी।

19-राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते मंत्री परिषद ने यह निर्णय लिया कि स्कूल अभी पूर्ववत बंद रहेंगे।

क्रमांक-4320

ओबीसी और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण के मामले में मान. उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश पर प्रक्रिया निर्धारण के संबंध में केबिनेट में हुआ गहन विचार-विमर्श

राज्य में प्रचलित राशन कार्ड के डाटाबेस को आधार मानकर पटेल कमीशन के मार्गदर्शन में तैयार किया जाएगा नवीन डाटाबेस

राशन कार्ड बनाने से वंचित रह गए सभी वर्ग के परिवारों को मिलेगा मौका

राशन कार्ड बनाने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन लिए जाएंगे आवेदन

नया डेटाबेस पब्लिक डोमन में रहेगा उपलब्ध

राशनकार्ड धारी परिवारों की सूची का होगा सार्वजनिक प्रकाशन

ग्राम सभा एवं नगरीय निकाय के वार्डो में ली जाएगी दावा-आपत्ति

यूनिवर्सल पीडीएस की तैयार नयी सूची का अनुमोदन ग्राम सभा एवं नगरीय वार्डो में होगा

    रायपुर, 20 सितम्बर 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित केबिनेट की बैठक में राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगो को लोक सेवाओं में 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिए जाने के संबंध में माननीय हाईकोर्ट में लंबित मामले के निराकरण के लिए वर्गवार अद्यतन डेटा एकत्र करने के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में वर्तमान में प्रचलित राशनकार्ड के डेटाबेस को आधार मानते हुए पटेल कमीशन के मार्गदर्शन में अद्यतन डेटा तैयार किया जाएगा। इस डेटा का ग्राम सभा एवं नगरीय निकायों के वार्डो सभाओं में अनुमोदन भी कराया जाएगा।  

    मंत्रिमण्डल की बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के आरक्षण अध्यादेश पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन के निराकरण के संबंध में नवीन प्रक्रिया के माध्यम से वर्गवार अद्यतन डेटा तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह नया डेटा राज्य में प्रचलित राशनकार्ड को आधार मानकर तैयार किया जाएगा, ताकि वर्गवार छूटे हुए लोगो का भी डेटा एकत्र हो सके। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित सभी मंत्रीगणों ने राज्य में प्रचलित राशनकार्ड के आधार पर खाद्य विभाग द्वारा तैयार डेटाबेस को विश्वसनीय बताते हुए इस डाटाबेस में छूटे हुए परिवारों शामिल करने की बात कही। वर्तमान में प्रचलित राशनकार्डो में से 99 प्रतिशत राशनकार्ड संबंधित परिवारों के आधार नम्बर एवं बैंकों खाते से लिंक हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ओबीसी आरक्षण के मामले में माननीय हाईकोर्ट के स्थगन के संबंध में ठोस आधार प्रस्तुत करने हेतु पूरी तरह से पारदर्शी एवं विश्वसनीय डेटा एकत्र करने के संबंध में नयी प्रक्रिया अपनाने जा रही है, जिसके तहत वर्तमान में प्रचलित राशनकार्ड धारी परिवारों की सूची का सार्वजनिक प्रकाशन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के वार्डो में किया जाएगा। इस संबंध में दावा-आपत्ति लेकर उसका निराकरण करने के साथ ही छूटे हुए परिवारों का राशनकार्ड बनाने हेतु नए सिरे से आवेदन भी लिया जाएगा। अपात्र लोगों के नाम भी सूची से विलोपित किए जाएंगे। छूटे हुए परिवारों को राशनकार्ड बनाने के लिए आॅनलाइन/आॅफलाइन आवेदन करने की सुविधा भी सरकार मुहैया कराएगी। इस संबंध में पटेल कमीशन के मार्गदर्शन में नए सिरे से गाईडलाइन भी जारी की जाएगी।
    बैठक में खाद्य विभाग के सचिव ने पाॅवरपाइंट प्रजेटेशन के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग के सन्दर्भ में राशनकार्ड डेटा की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में वर्तमान में 66 लाख 73 हजार 133 राशनकार्ड प्रचलित है, जिनकी कुल सदस्य संख्या 2 करोड़ 47 लाख 70 हजार 566 है। राज्य में वर्तमान समय में 31 लाख 52 हजार 325 राशनकार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों के हैं, जिनकी सदस्य संख्या एक करोड़ 18 लाख 26 हजार 787 है, जो कि लाभान्वित संख्या का 47.75 प्रतिशत है। सामान्य वर्ग के प्रचलित राशनकार्ड की संख्या 5 लाख 89 हजार एवं सदस्य संख्या 20 लाख 25 हजार 42 है, जो राशनकार्ड के माध्यम से राज्य में लाभान्वित सदस्य संख्या का 8.18 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि यह डाटाबेस 2003 से लेकर अब तक शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय-समय पर राशनकार्ड बनाने एवं उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया के तहत एकत्र किए गए है। यह डेटा विश्वसनीय है। इसको आधार मानते हुए यदि छूटे हुए परिवारों का डेटा इसमें शामिल कर लिया जाए, तो राज्य का अद्यतन वर्गवार डेटा तैयार हो जाएगा।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी वर्गो का सही-सही डेटा एकत्र करने के लिए शीघ्र नवीन दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिए जाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में सामान्य वर्ग को जारी राशनकार्ड की सदस्य संख्या राज्य में लाभान्वित लोगो की संख्या का मात्र 8.18 प्रतिशत है। नए सिरे से छूटे हुए परिवारों का आवेदन लेने से इसमें वृद्धि होने की संभावना है। सामान्य वर्ग का प्रतिशत 8.18 से बढ़कर 11-12 प्रतिशत होने की उम्मीद है। इस आधार पर सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिए जाने का आधार मजबूत होगा। बैठक में मंत्री श्री मोहम्मद अकबर एवं मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव सहित अन्य मंत्रीगणों का कहना था कि राज्य में प्रचलित राशनकार्ड का डेटा वर्ष 2003 से अब तक राशनकार्ड बनाने के कायदे-कानून एवं समय-समय पर शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एकत्र किया गया है। यह पूरी तरह विश्वसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के सुझाव के अनुरूप वर्गवार डेटा अपग्रेडेशन की प्रक्रिया पर सहमति जतायी।
    बैठक में आगामी 2 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती कोरोना संक्रमण को देखते हुए संक्षिप्त तरीके से मनाने का निर्णय गया। जयंती कार्यक्रम में फिजिकल डिस्टेसिंग एवं सुरक्षा के उपायों का पालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छता, स्वालंबन, गांव के सेनेटाईजेसन एवं सुराजी ग्राम की अवधारणा पर आधारित कार्यक्रम होंगे एवं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पाती का वाचन होगा।

क्रमांक - 3952/नसीम / केशरवानी

केबिनेट की बैठक

    रायपुर, 20 अगस्त 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में केबिनेट की बैठक आयोजित की गई। 

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय (14.07.2020)

रायपुर, 14 जुलाई 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके राजधानी रायपुर निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए: -

  • गोधन न्याय योजना: राज्य के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम - नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के स्वीकृत गोठानों को रोजगारोन्मुख बनाने हेतु ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ का अनुमोदन किया गया। प्रदेश में हरेली पर्व से इस योजना की शुरूआत होगी। प्रदेश में अब तक 5300 गोठान स्वीकृत किए जा चुकें है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 2408 और शहरी क्षेत्रों में 377 गोठान बन चुकें हैै। जहां से इस योजना की शुरूआत की जाएगी।

    प्रदेश में स्थापित गोठान में गोवंशीय और भैसवंशीय पशुपालक से गोठान समितियों के माध्यम से गोबर क्रय कर उससे वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जाएगा। इससे जैविक खेती को बढ़ावा के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर, गौपालन एवं गौ-सुरक्षा को प्रोत्साहन, खुली चराई पर रोक, द्विफसली क्षेत्र के विस्तार के साथ ही पशुपालको को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
     मंत्रिमण्डलीय समिति द्वारा गोठान ग्राम में पशुपालकों से 1.50 रूपए प्रति किलो की दर से गोवंशी और भैसवंशी मवेशियों के गोबर क्रय की अनुशंसा की गई थी। मंत्रिपरिषद की बैठक में गोबर के क्रय की दर को 2 रूपए प्रति किलो परिवहन व्यय सहित करने का अनुमोदन किया गया।

      योजना में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर किसानों को 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किए जाने के साथ ही लैम्पस एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) को शामिल करने का अनुमोदन किया गया।
 

  • दो वर्ष एवं उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन एक नवंबर 2020 से स्कूल शिक्षा विभाग में किए जाने का अनुमोदन किया गया। इसका लाभ 16 हजार 278 शिक्षकों को मिलेगा।
  • अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र 14.06.2013 में संशोधन करते हुए निर्णय लिया गया कि - यदि भाई/बहन अवयस्क हो तो, नियोक्ता द्वारा इस संबंध में अविवाहित दिवंगत शासकीय सेवक के माता/पिता से अंतरिम आवेदन पत्र प्राप्त कर अवयस्क सदस्य (भाई/बहन) के वयस्क होने पर उसे उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।
  • छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 21 के तहत यात्री बसों के माह-जून के देय मासिक कर में पूर्णतः छूट प्रदान करने एवं दो माह तक की कालावधि के लिए वाहन अथवा अनुज्ञा पत्र निष्प्रयोग में रखे जाने पर अग्रिम देय मासिक कर जमा करने संबंधी प्रावधान को अस्थाई रूप से शिथिल करने का निर्णय लिया गया।
  • नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन, गैर रियायती एवं रियायती दरों पर आबंटित नजूल पट्टों को भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन विलेखों में देय स्टाम्प शुल्क/पंजीयन शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।

     
    जिसके तहत आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार में हस्तांतरित किए जाने वाले विलेखो पर देय स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत तथा उपकर में छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया।
आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार के पंजीयन विलेखों पर देय पंजीयन  शुल्क 4 प्रतिशत की छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया।
आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन पर देय स्टाम्प शुल्क पर एक प्रतिशत अतिरिक्त (नगरीय निकाय) शुल्क को पूर्णतः माफ किया गया।
ये सभी छूट 31 मार्च 2021 तक प्रभावशील रहेंगी।

  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डों (एपीएल श्रेणी को छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्ड के समान ही 5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण किए जाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में प्रति व्यक्ति/कार्ड, प्रतिमाह कुल खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता CGFS और NFSA के तहत जारी किए गए खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता के बराबर होगी।
  •  छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डो (एपीएल कार्डो का छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डो के समान ही एक किलो चना प्रति कार्ड प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य सरकार प्रत्याभूति नियम-2003 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • राज्य के सीधी भर्ती के समस्त पदों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया।
  • इन्द्रावती नदी घाटी के छत्तीसगढ़ राज्य सीमा अंतर्गत आने वाले भू-भाग के समग्र विकास हेतु ‘‘इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण‘‘ के गठन का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • वन विभाग में निर्माण संबंधित कार्य खुली निविदा द्वारा ठेका पद्धति से कराने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ शासन द्वारा फिल्म ‘छपाक‘ के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया गया।
  • महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के 02 नवीन पद के सृजन का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य विधि आयोग को आगे जारी नही रखने का निर्णय लिया गया। आयोग में वर्तमान में कार्यरत कुल 6 कर्मचारियों को उनके द्वारा धारित पदों पर ही राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय में नियमानुसार संविदा पर ही संलग्न करने का निर्णय लिया गया।  
  • अशासकीय संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के नैमित्तिक एवं आकस्मिक स्थापना के कर्मचारियों के नियमितीकरण की अनुमति प्रदान की गई।
  • छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 1975 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  •  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष के पद पर श्री टामन सिंह सोनवानी की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया।
  •  छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नवीन अग्रताक्रम का निर्धारण का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन करते हुए सामाजिक रूप से बहिष्कृत एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित लोगों के संरक्षण विषय को समाज कल्याण विभाग को आबंटन का अनुमोदन किया गया।
  • लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 को निरसित करने जारी अधिसूचना दिनांक 23 जनवरी 2020 को संशोधन कर जनवरी 2019 से भूतलक्षी प्रभाव से निरसित करने का अनुमोदन किया गया।
  • डाॅ.आलोक शुक्ला (सेवानिवृत्त भा.प्र.से.) को प्रमुख सचिव के रिक्त असंवर्गीय पद पर तीन वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियम, 2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आमंत्रित रूचि की अभिव्यक्ति द्वारा एकीकृत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के समस्त ग्रामों के अंदर पेयजल व्यवस्था से संबंधित सभी कार्यो हेतु दर निर्धारण करने तथा चयनित एजेन्सियों के माध्यम से क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

जिसके तहत राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को भाड़ा नियंत्रण अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा।

  • 75 लाख रूपए बाजार मूल्य तक के आवासीय मकानों तथा फ्लैट्स के विक्रय पर वर्तमान में लागू पंजीयन शुल्क (संपत्ति के गाइडलाइन मूल्य का 4 प्रतिशत) में 2 प्रतिशत की छूट 31 मार्च 2021 तक दिए जाने हेतु जारी अधिसूचना का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सहकारी शक्कर कारखानों को हुई क्षति राशि 32.88 करोड़ राज्य शासन द्वारा प्रदाय कर सहकारी शक्कर कारखानों पर बकाया ऋण के विरूद्ध जमा कर समायोजन करने का निर्णय लिया गया।  
  • संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित सभी इकाइयों को एकरूप करने ‘‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद‘‘ के गठन का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री इस परिषद के अध्यक्ष और संस्कृति मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा राज्य के साहित्य और कला जगत से संबंधित व्यक्ति, छत्तीसगढ़ विधानसभा के निर्वाचित सदस्य, भारतीय संसद में छत्तीसगढ़ से निर्वाचित सदस्य, अशासकीय सदस्यों (प्रभागों के निदेशक और अध्यक्ष) का मनोनयन शासन द्वारा किया जाएगा।

  • राज्य की औद्योगिक निधि 2019-24 में राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में स्थापना को विशेष प्रोत्साहन पैकेज में अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमि. (सीएसआईडीसी) द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु आपसी सहमति से निजी भूमि क्रय की नीति का अनुमोदन किया गया।

क्रमांक-2540

 मंत्रिपरिषद के निर्णय (13.05.2020)

           मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार निर्णय लिए गए:-

  • राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया। इस योजना का शुभारंभ आगामी 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि से किया जाएगा। खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का एवं गन्ना (रबी) फसल हेतु 10 हजार प्रति एकड़ की दर से डीबीटी के माध्यम से किसानों को आदान सहायता अनुदान की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

     खरीफ 2020 से आगामी वर्षो हेतु धान, मक्का, गन्ना, दलहन-तिलहन फसल के पंजीकृत /अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को कृषि आदान सहायता अनुदान दिया जाएगा।

    अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया था एवं इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता है तो उस स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता अनुदान देने का निर्णय लिया गया।

  • उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उत्कृष्ट शालाएं सभी जिला मुख्यालय, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र में न्यूनतम एक-एक होगी। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी।
  • विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
  • औद्योगिक नीति 2019-24 में  Bespoke Policy के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की स्थापना हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य के लिए पिछड़ा वर्ग की समेकित सूची अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया।
  • खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के निराकरण के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्डो पर चना/चना दाल वितरण का अनुमोदन किया गया।
  • राज्य में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के उपायों के तहत चने का उपार्जन तत्काल किए जाने की आवश्यकता को देखते हुए माह अप्रैल से जून 2020 तक आवश्यक चने का उपार्जन नाफेड द्वारा प्रस्तावित दरों पर किए जाने का अनुमोदन किया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को एक माह से अधिक का खाद्यान्न वितरण एक साथ करने का अनुमोदन किया गया।
  • खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान उठाव हेतु लोडिंग एवं अनलोडिंग दर पृथक से स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया।
  • कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छ.ग. राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप यात्री वाहनों, माल वाहनों, स्कूल व सिटी बसों एवं प्राईवेट सेवायान बसों के देय मासिक/त्रैमासिक कर में आंशिक छूट के साथ जमा करने की छूट अवधि को 30 जून तक बढ़ाने और बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ करने का निर्णय लिया गया।
  • नजूल के स्थायी पट्टों की भूमि को फ्री-होल्ड किए जाने का शर्तो सहित अनुमोदन किया गया।
  • बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के सर्वेक्षण इन्वेस्टिगेशन और डी.पी.आर. तैयार करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए देशी और विदेशी मदिरा के विक्रय पर ‘विशेष कोरोना शुल्क‘ अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत देशी मदिरा पर 10 रूपए प्रति बोतल तथा समस्त प्रकार की विदेशी मदिरा (स्प्रिट/माल्ट) के फुटकर विक्रय दर की 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित किया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास दिलवाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आज मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाने का निर्णय लिया गया।

    इसके साथ ही मोर आवास-मोर चिन्हारी योजना के तहत अब किराएदारों को भी समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। 

  • प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में स्वयं की निधि अथवा अन्य किसी भी मद से शासकीय भूमि पर निर्मित दुकानों के आबंटन हेतु एक बार में एकमुश्त निबटान का निर्णय लिया गया। जिस शासकीय भूमि पर दुकान निर्मित है उस भूमि का आबंटन के लिए आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर एक रूपए प्रति वर्गफूट की दर पर कलेक्टर द्वारा आबंटित की जाएगी।

 अन्य प्रशासकीय निर्णय:-

1. लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों एपीएल को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने का निर्णय लिया गया। एपीएल राशनकार्ड पर 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा।

      इस योजना को लागू करने से राज्य के लगभग 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के 56 लाख राशनकार्डधारकों को पात्रतानुसार रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

2. राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट जो 30 जून 2020 तक दी गयी थी, जिसे अब पूरे वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।

क्रमांक: 1003/पवन

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय (24.03.2020)

 

 रायपुर, 24 मार्च 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहली बार मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ मंत्रिमण्डल के मंत्रियों के निवास कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास कार्यालय को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव मुम्बई से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए केबिनेट की बैठक में शामिल हुए।

बैठक में:-

  • छत्तीसगढ़ स्थानीय निधि संपरीक्षा (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • राज्य में संचालित अशासकीय शालाओं के लिए शुल्क विनियमन की प्रक्रिया के निर्धारण के लिए मंत्रिपरिषद की उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया।  
  • छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम (2019) में संशोधन विधेयक का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्य क्षेत्र में संशोधन का अनुमोदन किया गया। प्राधिकरण क्षेत्र में पूर्व के दस जिलों के अलावा पुर्नगठित मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, बेमेतरा और बालोद जिले को प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किया गया।
  • मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन, जिसके तहत आयाकट विभाग को विलोपित कर आबंटित विषयों को जल संसाधन विभाग में समाहित करने का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का 18वॉ वार्षिक प्रतिवेदन (01 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019) का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ आबकारी (संशोधन) विधेयक-2020 का अनुमोदन किया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में नई संस्थाओं को अवसर प्रदान करने हेतु सहकारी समितियों और महिला स्वसहायता समूहों के अनुभव संबंधी योग्यता को 3 वर्ष के स्थान पर 3 माह पूर्व पंजीकृत एवं कार्यरत होने की योग्यता निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चना वितरण के संबंध में निर्णय लिया गया कि 01 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक आवश्यक चने का उपार्जन बाजार से खुली निविदा कर किया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ गठन के पूर्व एवं पश्चात् मोटरयानों पर बकाया कर के ‘‘एकमुश्त निपटान योजना-2020 का निर्णय लिया गया।

    जिसके तहत त्रैमासिक एवं मासिक कर देय वाहनों में 31 मार्च 2013 तक वाहन में अधिरोपित लंबित कर की राशि तथा अधिरोपित लंबित शास्ति एवं ब्याज की राशि में पूर्णतः छूट दिया जाएगा।  

  • इसी तरह त्रैेमासिक एवं मासिक कर देय वाहनों में एक अप्रैल 2013 से 31 दिसंबर 2018 तक अधिरोपित लंबित शास्ति की राशि में पूर्णतः छूट के साथ ही वाहनों में लंबित कर एवं अधिरोपित ब्याज देय होगा।
  • प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ प्रारंभ करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा, पण्डरिया, बालोद और अंबिकापुर में पी.पी.पी. मोड में ईथनॉल प्लांट स्थापित करने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।
  • छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने नवीन पर्यटन नीति-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। जिसमें राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन को उद्योग का स्वरूप देने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।  
  • प्रस्तावित छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश नियम-2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के रूप में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के विधेयक का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ जिला योजना समिति (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसमें नवीन जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के लिए जिला योजना समिति का गठन शामिल है।  

क्रमांक-6595/पवन/सोलंकी

मंत्रिपरिषद के निर्णय (08.02.2020)

      मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में : -

  •     समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि को 15 फरवरी से बढ़ाकर 20 फरवरी तक करने का निर्णय लिया गया।  
  •    वर्ष 2019-20 का तृतीय अनुपूरक अनुमान का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2020 का अनुमोदन किया गया।
  •     बजट अनुमान वर्ष 2020-21 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2020 का अनुमोदन किया गया।
  •     राज्य के गन्ना किसानों के हित में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आवश्यक शक्कर का क्रय सहकारी शक्कर कारखानों से 3200 रूपए प्रति क्विंटल करने का निर्णय आगामी एक वर्ष हेतु लिया गया।  
  •     छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2020-21 का अनुमोदन किया गया।
  •     प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित सामग्री (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) विधेयक, 2020 का अनुमोदन किया गया।
  •     खदान/खदान समूहों के खनन से संबंधित संक्रियाओं से समीपस्थ जिले के समस्त क्षेत्र को ‘‘प्रभावित क्षेत्र‘‘ घोषित करने हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया।
  •     जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत अब उच्च एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्रांतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल आपूर्ति के क्षेत्रों में अधोसंरचनाध्निर्माण कार्यो को छोड़कर शेष सभी प्रकार के अधोसंरचनाध्निर्माण कार्यो पर न्याय निधि में प्राप्त राशि के 20 प्रतिशत तक ही व्यय किया जा सकेगा।
  •     प्रदेश के बस्तर और दुर्ग जिले में स्वीकृत मुख्य खनिज चूना पत्थर के खनिपट्टा क्षेत्र से उत्पादित खनिजों का बाजार उपलब्ध नही होने और आसपास सीमेंट प्लांट स्थापित नही होने के कारण मुख्य खनिज चूना पत्थर को गौण खनिज के रूप में विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई।
  •     छत्तीसगढ़ राज्य की विशिष्टिताओं एवं विविधताओं को समाहित कर पूर्व से उपयोग किए जा रहे राज्य पुलिस के लिए गठन संकेत/प्रतीक का अनुमोदन किया गया।
  •     महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर में विधि अधिकारियों के 15 पद सजृन का कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

  •     नागरिक सेवाओं को घर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री मितान योजना प्रारंभ किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। समस्त औपचारिकता पूरी करने के बाद आगामी अगस्त माह से योजना लागू की जाएगी। प्रथम चरण में प्रदेश के सभी नगर निगमों में शासकीय सेवाओं की घर पहुंच सेवा आरंभ की जाएगी।

क्रमांक-5533/पवन/केशरवानी
 

मंत्रिपरिषद के निर्णय (30. 01. 2020)

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में

  •  नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सी.ए.ए.) में किए गए संशोधन को आम जनता में देखे जा रहे विरोध के दृष्टिगत, वापस लिए जाने का अनुरोध भारत सरकार से करने का निर्णय लिया गया।
  •  छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप का  अनुमोदन किया गया। जिसके तहत

    ‘‘कोई भी सोसायटी, किसी भी सरकार के उपक्रम, सहकारी सोसायटी या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किसी उपक्रम या निजी उपक्रम के साथ, किसी विशेष कारबार के लिए जिसमें औद्योगिक विनिधान, वित्तीय सहायता या विपणन और प्रबंधन विशेषज्ञता शामिल है, सहयोग कर सकेगी।
     कोई भी सहकारी सोसाइटी साधारण सभा के उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से, उसके साधारण सम्मिलन में पारित संकल्प द्वारा ऐसा सहयोग कर सकेगी। सहकारी सोयाइटी को ऐसा सहयोग करने के पूर्व प्रत्येक मामले में राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है।

  •   किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुशंसा करने हेतु मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के गठन का आदेश जारी किया गया है। जिसका बैठक में अनुसमर्थन किया गया।
  •   राज्य में वर्तमान में वास्तविक सिंचाई क्षमता 10.38 लाख हेक्टेयर है, जो कि कुल कृषि योग्य भूमि का 18 प्रतिशत है। राज्य में सिंचाई के त्वरित विकास हेतु छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम को छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास निगम में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ अद्योसंरचना विकास निगम में कार्यरत अमले को जहां प्रतिनियुक्ति पर है, उन्हें वहीं पर यथावत रखने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास निगम का गठन अधिसूचना के दिनांक से प्रभावशील होगी।

क्रमांक 5310

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय (15. 01. 2020)

रायपुर, 15 जनवरी 2020

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में

  •   छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  •   छत्तीसगढ़ के पंचम विधानसभा के पंचम सत्र (विशेष सत्र), 16 जनवरी 2020 हेतु राज्यपाल महोदया के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।
  •   संविधान के (एक सौ छब्बीसवां संशोधन) विधेयक 2019 के अनुसमर्थन संबंधी संकल्प का अनुमोदन किया गया।

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय (02. 01. 2020)

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए: -

  •  छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन), अध्यादेश 2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पूर्व में स्टॉक सीमा 10 क्विंटल और क्रय सीमा 4 क्विंटल थी जिसे आज केबिनेट में बढ़ाया गया। जिसके तहत छोटा व्यापारी अब एक दिन में सभी अधिसूचित कृषि उपज का अधिकतम 20 क्विंटल स्टाक तथा एक दिन में अधिकतम 5 क्विंटल धान्य से या तिलहनों, दालों तथा तन्तु फसलों को मिलाकर कुल 5 क्विंटल तक क्रय कर सकेगा। 
  •  छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन), विधेयक 2019 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसमें राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की मंडियों में तुलैया एवं हम्मालों की प्रचलित पारिश्रमिक दरों में समरूपता लाने की दृष्टि से न्यूनतम पारिश्रमिक दर अधिसूचित करने, मण्डी समितियों में किसानों के हितों के संरक्षण और उनको उचित प्रतिनिधित्व देने भारसाधक समिति के गठन का निर्णय लिया गया। 
  •  छत्तीसगढ़ राज्य की इलेक्टॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं में निवेश की नीति 2014-19 के क्रियान्वयन की समयावधि आगामी निवेश की नीति ‘‘2019-24‘‘ लागू होने की तिथि तक बढ़ाए जाने का अनुमोदन किया गया। 
  •  खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में अनुमानित 85 लाख मेट्रिक टन धान उपार्जन हेतु समर्थन मूल्य पर भुगतान के लिए लगभग 15,000 करोड़ रूपए की आवश्यता होगी। जिसकी व्यवस्था बैंकों, वित्तीय संस्थाओं से साख सीमा प्राप्त कर की जा रही है। भारत सरकार एवं राज्य शासन से खाद्य सब्सिडी की प्रतिपूर्ति एवं खाद्य सब्सिडी का भुगतान किए जाने पर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त साख सीमाओं का पुनर्भुगतान किया जाएगा। उपरोक्त साख सीमाओं प्रस्तावों पर शासकीय गारंटी पर लगने वाले प्रत्याभूति शुल्क को माफ करने का निर्णय लिया गया।  
  •  राज्य शासन द्वारा साहित्यकार डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा लिखित गीत ‘‘अरपा पइरी के धार, महानदी हे अपार‘‘ को राज्यगीत अधिसूचित किया गया है। राज्यगीत को छत्तीसगढ़ के लोकगायकों द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ गाए जाने पर गीत की वंदन अवधि 6 मिनट 36 सेकण्ड की है। जबकि राष्ट्रगान की वंदन अवधि 52 सेकण्ड है। राज्यगीत के वंदन के अवसर पर प्रायः मुख्यमंत्री, अन्य अति विशिष्टजन और जनसमूह उपस्थित रहते हैं। अतः राज्य गीत का वंदन सम्मानपूर्वक किए जाने हेतु इसकी अवधि 1 से 2 मिनट सीमित करते हुए तद्नुसार राज्य गीत का मानकीकरण करने का निर्णय लिया गया। 
  •  छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्त्रोत से औद्योगिक प्रयोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग हेतु दिनांक 24 फरवरी 2016 से प्रचलित जलदरों के पुनर्निर्धारण का अनुमोदन किया गया। 
  •  रायपुर में अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड निर्माण के लिए श्री बालाजी स्वामी श्री दुधाधारी मठ रायपुर की 26 एकड़ जमीन के बदले ग्राम पिपरौद स्थित शासकीय भूमि से अदला-बदली का निर्णय लिया गया। इससे राज्यवासियों को अतिशीघ्र विश्व स्तरीय अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।   
  •   रायबहादुर भूतनाथ डे चेरिटेबल ट्रस्ट बूढ़ापारा रायपुर का भवन, जहां वर्तमान में हरिनाथ अकादमी का स्कूल संचालित है, को राज्य सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बदले में डे चेरिटेबल ट्रस्ट को मलेरिया क्षय रोग अस्पताल कालीबाड़ी में भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया गया।


 क्रमांक-4595