कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने 
दी किसानों को बधाई
रायपुर, 17 जुलाई 2017

छत्तीसगढ़ के कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को किसानों के हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर वर्ष 2016-17 का पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन (क्षेत्र-9) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् नई दिल्ली के स्थापना दिवस 16 जुलाई को ए.पी. शिंदे सभागार नेशनल एग्रीकल्चर साइंस काम्पलेक्स, नई दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के कृषि विज्ञान केन्द्र को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। 
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल एवं कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के विभागाध्यक्ष श्री रंजीत राजपूत ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस पुरस्कार के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र के साथ दो लाख 25 हजार रूपए की नगद राशि प्राप्त हुई। नगद राशि में से 75 हजार रूपए कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के विभागाध्यक्ष प्रशिक्षण में तथा डेढ़ लाख रूपये कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया में अधोसंरचना विकास पर खर्च किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री सुदर्शन भगत एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद देश के विभिन्न राज्यों के कृषि विज्ञान केन्द्रों को अलग-अलग जोन में रखा गया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के कृषि विज्ञान केन्द्र जोन 9 में शामिल है। इस जोन में कुल 104 कृषि विज्ञान केन्द्र है। इन्हीं में से कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया को अच्छे कार्यों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।  
कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रमुख फसल धान के साथ-साथ गेहूं, चना, मटर, कुल्थी, उड़द, रामतिल, तिल, अलसी, सरसों के क्षेत्र विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए गए। किसानों को खेती-किसानी की नवीनतम तकनीक की जानकारी दी गई।  रिज एवं फरो पद्धति से सब्जियों की ड्रिप सिंचाईं, कृषि लागत को कम कर मिटटी परीक्षण कर संतुलित उर्वरक मात्रा को अनुशंषित कर अधिक उपज प्राप्त करने के लिए अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन एवं परीक्षण किया गया। 

क्रमांक-1631/राजेश


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