रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना : परिवार के बुजुर्ग पहले नहीं दे रहे थे अनुमति, अब करते हैं तारीफ

महिलाओं ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से किराना दुकान की सफलता के बाद खोला होटल

रायपुर. 09 अगस्त 2017

स्वसहायता समूह बनाकर किराना दुकान खोलने की अनुमति देने में परिवार के जो बुजुर्ग पहले आनाकानी कर रहे थे, वही अब महिलाओं की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कांकेर जिले के विकासखंड नरहरपुर के कन्हनपुरी पंचायत की महिलाओं ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से ऋण लेकर किराना दुकान शुरू किया। दुकान की आय से उन्होंने अपना ऋण चुकाया और इसकी सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने गांव में ही चाय-नाश्ते का होटल भी खोल लिया। कन्हनपुरी के महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं अब दोनों व्यवसायों से अच्छी कमाई कर रही हैं।

हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर राजधानी रायपुर आईं कांकेर जिले के कन्हनपुरी पंचायत की सरपंच श्रीमती कमलबत्ती नेताम बताती हैं कि खेती-किसानी ही उनके गांव में आजीविका का एकमात्र साधन है। एक फसली क्षेत्र होने के कारण साल के कुछ महीने गांववालों के पास ज्यादा काम नहीं होता है। इस समय का उपयोग और नया रोजगार शुरू करने गांव की कुछ महिलाओं ने स्वसहायता समूह का गठन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंक से ऋण लेकर गांव में ही किराने की दुकान खोली। दुकान चल निकला तो जल्दी ही उन्होंने ऋण भी पटा लिया।

सरपंच श्रीमती कमलबत्ती नेताम बताती हैं कि किराने की दुकान के बाद महिलाओं ने चाय-नाश्ते का होटल भी खोला है। उनकी स्वसहायता समूह को शासन की ओर से 15 हजार रूपए का अनुदान मिला है। वे कहती हैं कि हमारे गांव की महिलाओं ने न सिर्फ अपने आर्थिक विकास का रास्ता निकाला है, बल्कि ग्रामीणों को दुकान और होटल की सुविधा भी मिली है। श्रीमती नेताम बताती हैं कि इन महिलाओं के लिए आगे बढ़ने का रास्ता इतना आसान नहीं था। शुरुआत में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिवार के बुजुर्ग व्यवसाय के लिए अनुमति देने में आनाकानी कर रहे थे। उनके, और अन्य पंचो के समझाने के बाद वे राजी हुए। अब वही बुजुर्ग इस समूह की बड़ाई करते नहीं थकते। 

हमर छत्तीसगढ़ योजना में रायपुर एवं नया रायपुर के अध्ययन भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए सरपंच श्रीमती नेताम कहती हैं कि यहां आवासीय परिसर में आना और इस अध्ययन यात्रा का हिस्सा बनना बिलकुल अनूठा अनुभव है। कृषि विश्वविद्यालय, विधानसभा, मंत्रालय, साइंस सेंटर और पुरखौती मुक्तांगन देखकर बहुत कुछ सीखने मिला। यह बेहद ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी योजना है। इस तरह की योजना शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बधाई की पात्र है।

     

क्रमांक-1983/कमलेश

 


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