रायपुर : छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम पर नई दिल्ली में बूट कैम्प आयोजित : आईआईटी नई दिल्ली और फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज में हुआ बूट कैम्प

रायपुर, 9 अगस्त 2017

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम पर आज नई दिल्ली के आईआईटी और फैकेल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में बूट कैम्प का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ इन्फोटेक एवं बायोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्स पॉल मेनन ने मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों को प्रशासनिक कार्यों में समन्वय और सहयोग के लिए जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया जाए।
श्री मेनन ने कहा कि नागरिक सेवाओं के सुचारू संचालन से नागरिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा और सक्षम समाज का निर्माण होगा। इस बात को ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कुशल मार्ग दर्शन में बहुउद्देशीय योजना ‘‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप कार्यक्रम‘‘ आरम्भ किया गया है। जिसके अंतर्गत संपूर्ण राज्य के लिए 42 फेलोज् की चयन  प्रक्रिया जारी है। इनमें से 2 फेलो मुख्यमंत्री सचिवालय, 01 मुख्य सचिव कार्यालय, 12 विभिन्न विभागों और 27 फेलो राज्य के सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों में कार्य करेंगे। श्री मेनन ने बताया कि सभी 42 फेलोज् प्रशासनिक अधिकारियों के मित्र, समन्वयक और सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे। चिप्स द्वारा संचालित इस फेलोशिप कार्यक्रम के नालेज पाट्नर आई आई एम् रायपुर एवं टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई है एवं पी डब्लू सी परियोजना प्रबंधन इकाई के रूप में कार्य कर रही है।
बूट कैम्प में भाग लेते हुए टी वी जर्नलिस्ट श्री भूपेंद्र चौबे ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के नक्शे में छत्तीसगढ़ एक विकासशील प्रदेश के रूप में स्थापित होगा। साथ ही ऐसे आयोजन से छत्तीसगढ़ को भारत में मौजूद श्रेष्ठ पेशेवरों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। फैकेल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज में हुए बूट कैम्प में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री शेखर गुप्ता ने कहा कि देश के पेशेवरों को आम लोगों से जुड़ कर सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने का  अवसर मिलेगा।  उल्लेखनीय है कि फैलोशिप कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के सफल संचालन विशेष रूप से स्वास्थ्य सूचकांकों, गरीबी उन्मूलन और साक्षरता स्तर को बढ़ाने वाली योजनाओं के संचालन में योगदान देगा। यह कार्यक्रम राज्य में विद्यमान विभिन्न समस्याओं के रचनात्मक और अभिनव समाधान सुझाने का कार्य करेगा। इस योजना के द्वारा सामाजिक परिवर्तन के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही प्रशासन एवं नीति निर्माताओं के लिए सलाह भी उपलब्ध होगी। शासन के प्रत्येक पहलू में नवाचार तथा प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन मिलेगा।

क्रमांक-1992/स्वराज्य


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