रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना : राजीनामा योग्य मामलों को लोक अदालत में सुलझाएं – न्यायधीश श्री नीलम चंद सांखला

जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री सांखला ने हमर छत्तीसगढ़ योजना के

आवासीय परिसर में विधिक सहायता क्लिनिक का किया शुभारंभ

आवासीय परिसर की व्यवस्थाओं और योजना से हुए प्रभावित

रायपुर. 12 अगस्त 2017

 

हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में रायपुर के जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री नीलम चंद सांखला ने आज दोपहर विधिक सहायता क्लिनिक का शुभारंभ किया। अध्ययन भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को यहां निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थापित इस क्लिनिक में अधिवक्ता श्री साहिर लुधियानवी खान हर सोमवार और शुक्रवार पंच-सरपंचों को निःशुल्क विधिक सहायता के लिए मौजूद रहेंगे। विधिक सहायता क्लिनिक के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री आनंद प्रकाश दीक्षित, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश उपाध्याय, आई.टी.एम. विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं अध्ययन भ्रमण पर आए रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिले के पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे।

      विधिक सहायता क्लिनिक का शुभारंभ करने आए जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री नीलम चंद सांखला ने आवासीय परिसर का भ्रमण कर यहां पंच-सरपंचों के अध्ययन भ्रमण और शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखा। अपर विकास आयुक्त एवं हमर छत्तीसगढ़ योजना के नोडल अधिकारी श्री सुभाष मिश्रा ने उन्हें योजना के बारे में विस्तार से बताया। न्यायधीश श्री सांखला यहां की व्यवस्थाओं एवं योजना से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि यह जगह इतना व्यवस्थित, साफ-सुथरा, सुरूचिपूर्ण और इतने सारे पंचायत प्रतिनिधियों के नियमित प्रवास की होगी। यहां का माहौल मेरी परिकल्पना से परे है। उन्होंने आई.टी.एम. विश्वविद्यालय में विधि एवं प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात कर आम लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाने के अनेक पहलुओं पर चर्चा भी की।

      जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री नीलम चंद सांखला ने अध्ययन भ्रमण पर आए रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिले के करीब साढ़े पांच सौ पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजीनामा योग्य और सिविल मामलों को लोक अदालतों में सुलझाया जाना चाहिए। लोक अदालत शीघ्र एवं सस्ता न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता और शासन द्वारा कमजोर आय वर्ग के लोगों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने वाले कानूनी सहायता के बारे में जन-जन को जागरूक करने की जरूरत है।

      न्यायधीश श्री सांखला ने बताया कि आगामी 09 सितम्बर को राष्ट्रीय स्तर पर लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में भी अनेक स्थानों पर लोक अदालत लगेंगे। न्यायधीश श्री सांखला ने कहा कि कानून की जानकारी होने से लोग अनजाने में होने वाले अपराध से बच सकते हैं। उन्होंने टोनही प्रताड़ना कानून, मोटर-यान अधिनियम और श्रम कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए पंचायत में जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने कहा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री आनंद प्रकाश दीक्षित तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश उपाध्याय ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

क्रमांक-2034/कमलेश

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