बैकुण्ठपुर :मिनी केबिनेट की तरह हमारे प्राधिकरण -डॉ.सिंह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आयी क्रांति : लाइवलीहुड कॉलेज हमारे नवाचार के सफल मॉडल का प्रतीक

पांच हजार दिनों की सफलता का श्रेय आम जनता को आम नागरिकों,
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तल्लीनता से सुना ‘‘रमन के गोठ‘‘
आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 24वीं कड़ी प्रसारित

बैकुण्ठपुर, 13 अगस्त 2017

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में गठित सरगुजा और उत्तर क्षेत्र, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण हमारे मिनी केबिनेट की तरह है। जहां जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर विकास का रास्ता तय करते हैं। मुख्यमंत्री आज सवेरे 10.45 बजे से 11.05 बजे तक आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 24वीं कड़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। उनकी रेडियो वार्ता का प्रसारण राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों और विभिन्न प्राइवेट टेलीविजन तथा एफ.एम. चैनलों द्वारा किया गया। जिसे जिले के गांवों, कस्बों और शहरों में कई स्थानों पर लोगों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री का रेडियो प्रसारण सुना। जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के रामानुज मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 24वी कडी को कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा, जिले के पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शुक्ला, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों, अधिकारी -कर्मचारियों, एन सी सी एवं स्काउट गाईड के कैडेट्स सहित बडी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने तल्लीनता से सुना।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपनी मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ में कहा कि पहले से प्रचलित प्रशासनिक व्यवस्था के अलावा हमने चार विशेष प्राधिकरण सरगुजा और उत्तर क्षेत्र, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा क्षेत्र का गठन किया है। जो एक मिनी केबिनेट की तरह है। जहां जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर विकास का रास्ता तय करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि सौभाग्य मानता हूं कि मुझे प्रदेश की जनता और हमारे नेतृत्व ने यह अवसर दिया। जनता की सेवा करने का जो सपना मन में था, उसको पूर्ण करने का मौका देने के लिए मैं प्रदेश की जनता को, अपने शीर्ष नेतृत्व को और सभी कार्यकर्ताओं को दिल की गहराईयों से धन्यवाद देता हूं। उन्होने अपनी सरकार के प्रथम पांच हजार दिनों की सफलता का श्रेय आम जनता को दिया है और इसके लिए प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपनी मासिक रेडियो वार्ता में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने रेडियो प्रसारण में कहा कि श्री वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की परिकल्पना को साकार किया। उन्होंने वर्ष 2003 से अब तक अपनी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तब राज्य का बजट केवल सात हजार करोड़ था, आज 80 हजार करोड़ से ज्यादा का हो गया है। प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आमदनी 12 हजार रूपए से बढ़कर 82 हजार रूपए तक पहुंच गई है। अटल जी ने वर्ष 2000 में देश में तीन नये राज्य बनाए। उस समय छत्तीसगढ़ में 16 जिले थे। हमने शासन-प्रशासन की सेवाओं को जनता के नजदीक ले जाने के लिए 11 नये जिलों का निर्माण किया। अब राज्य में 27 जिले हो गए हैं। प्रदेश मे तहसीलों की संख्या 98 से बढ़कर 150, नगर पंचायतों की संख्या 49 से बढ़कर 112, नगर पालिकाओं की संख्या 28 से बढ़कर 43 और नगर निगमों की संख्या दस से बढ़कर 13 हो गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि जन-धन योजना, मुद्रा योजना, स्वच्छता अभियान, उज्ज्वला योजना सहित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच हजार दिनों की यात्रा में राज्य में शिक्षण संस्थाओं की संख्या में असाधारण वृद्धि हुई है। प्राथमिक स्कूलों की संख्या 13 हजार से बढ़कर 38 हजार, मिडिल स्कूलों की संख्या पांच हजार से बढ़कर 16 हजार 500, हाईस्कूलों की संख्या 900 से बढ़कर 2600 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या 600 से बढ़कर 3715 तक पहुंच गई है। बच्चों का ड्रापआउट रेट में 11 प्रतिशत से घटकर सिर्फ एक प्रतिशत रह गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हुई है। वर्ष 2003 में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। अब प्रदेश में एम्स और आईआईएम की स्थापना हो गई है। सरकारी विश्वविद्यालयों की संख्या तीन से बढ़कर 13 हो गई। सरकारी कॉलेज जो सिर्फ 116 थे। आज 224 तक पहुंच गए हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दो से बढ़कर दस, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 50, कृषि महाविद्यालयों की संख्या 4 से बढ़कर 21, पालीटेक्निक संस्थाओं की संख्या दस से बढ़कर 51,आईटीआई की संख्या 61 से बढ़कर 176 और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए छात्रावासों और आश्रम शालाओं की संख्या 1837 से बढ़कर 3250 हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपनी मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ में बिजली उत्पादन और विद्युत अधोसंरचनाओं के विकास में राज्य की उपलब्धियों का भी ब्यौरा दिया। इसी तरह उन्होने राज्य में बिछाये जा रहे अच्छी सड़कों की जाल, पुल-पुलियों का निर्माण, रेल नेटवर्क को बढ़ाने के लिए पीपीपी मॉडल पर आधारित रणनीति तथा खाद्य और पोषण सुरक्षा कानून तथा किसानों से समर्थन मूल्य नीति के तहत धान खरीदी की बेहतरीन व्यवस्था को पांच हजार दिनों की यादगार उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। उन्होने युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल उन्नयन का कानूनी अधिकार, किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण, तेंदू पत्ता संग्राहकों की मजदूरी 350 रूपए से बढ़ाकर 1800 रूपये करने के निर्णय को रेखांकित किया है। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेख किया। उन्होने कहा कि प्रदेश के सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड के जरिए स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। महिलाओं को पंचायत चुनावों से लेकर सरकारी नौकरियों तक आरक्षण दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न व्यवसायों के लिए सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा दी जा रही है। विभिन्न सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण का अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सरकार के नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा और बस्तर में मेडिकल कॉलेज और सभी 27 जिलों में लाइवलीहुड कॉलेज हमारे नवाचार के सफल मॉडल का प्रतीक है।

क्रमांक 973/ 2017/लहरे

 


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