अम्बिकापुर : पी.जी. कॉलेज ग्राउण्ड में ‘‘रमन के गोठ‘‘ का किया गया सामूहिक श्रवण : श्रोताओं ने ‘‘रमन के गोठ‘‘ को बताया शिक्षाप्रद और प्रभावशाली

   अम्बिकापुर 13 अगस्त 2017

‘‘रमन के गोठ‘‘ कार्यक्रम के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज पी.जी. कॉलेज ग्राउण्ड में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ की चौबीसवीं कड़ी को कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आर.एस. नायक सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, अधिकारियों और श्रोताओं ने उत्साह से सुना। अम्बिकापुर के श्री अक्षय कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘‘रमन के गोठ‘‘ बहुत ही शिक्षाप्रद और प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि ‘‘रमन के गोठ‘‘ से यह पता चला कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए जो प्रयास किए गए हैं वे बहुत ही सराहनीय है। इनके साथ ही एक अन्य श्रोता  श्री मिश्रा ने कहा कि ‘‘रमन के गोठ‘‘ कार्यक्रम बहुत ही प्रेरणा दायक है। उन्होंने कहा कि छŸाीसगढ़ में अनेक राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थाएं खुल जाने से यहां के विद्यार्थियों को अब प्रदेश में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो वार्ता ’’रमन के गोठ’’ की चौबीसवीं कड़ी को जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के जिला पंचायत सभाकक्ष सहित जनपद पंचायत, ग्राम पंचायतों और गांव-गांव में सुना गया।           
   मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की चौबीसवीं कड़ी में मुख्यमंत्री के रूप में 14 अगस्त को 5 हजार दिन पूरे होने पर प्रदेशवासियों सहित सरगुजा जिलेवासियों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी के प्रति भी आभार व्यक्त किया है कि जिन्होंने छŸाीसगढ़ के लोगों के सपने को छŸाीसगढ़ राज्य का गठन कर पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 में राज्य का बजट केवल 7 हजार करोड़ रूपए था जो आज बढ़कर 80 हजार करोड़ रूपए हो गया है। जी.एस.डी.पी. 47 हजार करोड़ रूपए से बढ़कर 250 हजार करोड़ रूपए हो गई है और प्रति व्यक्ति आय 12 हजार रूपए से बढ़कर 82 हजार रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय छŸाीसगढ़ में 16 जिले थे और हमने जिला प्रशासन की सेवाओं को जनता के नजदीक ले जाने के  लिए 11 नए जिलो का निर्माण किया जिससे अब छŸाीसगढ़ में 27 जिले हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से जिला प्रशासन और ग्रामवासियों के बीच की दूरी कम हो गई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि प्रदेश में तहसीलों की संख्या 98 से बढ़कर 150 हो गई है और नगर पंचायतों की संख्या 49 से बढ़कर 112 हो गई है तथा नगर पालिका परिषदों की संख्या 28 से बढ़कर 43 हो गई हैं और नगर निगमों की संख्या 10 से बढ़कर 13 हो गई है। उन्होंने बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बस्तर सरगुजा क्षेत्र में दक्षिण क्षेत्र विकास प्राधिकरण और उŸार क्षेत्र विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, छŸाीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। इन प्राधिकरणों की बैठक मिनी कैबिनेट की तरह होती है जहां समस्याओं के निपटारे के निर्णय तत्काल लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि भी हुई है। प्राथमिक स्कूलों की संख्या 13 हजार से बढ़कर 38 हजार हो गई है। मीडिल स्कूलों की संख्या 5 हजार से बढ़कर साढ़े 16 हजार, हाई स्कूलों की संख्या 9 सौ से बढ़कर 2 हजार 6 सौ और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या 6 सौ से बढ़कर 3 हजार 715 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 11 प्रतिशत से घटकर 1 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन होने से छŸाीसगढ़ में आई.आईटी. ट्रिपल आई.टी, एन.आई.टी. एम्स. आईआई एम. की स्थापना हुई है। इसके साथ ही सरकारी विश्वविद्यालयों की संख्या 3 से बढ़कर 13, शासकीय महाविद्यालयों की संख्या 116 से बढ़कर 224, मेडिकल कॉलेज की संख्या 2 से बढ़कर 10, इंजीनियरिंग कॉलेज की संख्या 12 से बढ़कर 50, कृषि महाविद्यालयों की संख्या 4 से बढ़कर 21, पॉलिटेक्निक की संख्या 10 से बढ़कर 51 और आईटीआई की संख्या 61 से बढ़कर 176 हो गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रावासों और आश्रम शालाओं की संख्या 1 हजार 837 से बढ़कर 3 हजार 250 हो गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं के साथ ही पढ़ाई की गुणवŸाा बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है जिससे बस्तर एवं सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आवासीय संस्थाएं बनाई गई हैं जहां पढ़ाई के साथ ही प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। जिससे ग्रामीण आंचल के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने में सफल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि राज्य में विद्युत उत्पादन, पारेषण तथा वितरण, सभी क्षेत्रों में उदार और उत्साह की नीति अपनाई गई जिसके कारण छŸाीसगढ़ में विभिन्न संस्थाओं द्वारा बिजली उत्पादन 4 हजार 732 मेगावाट से बढ़कर 22 हजार 764 हो गया है। अति उच्च दाब केन्द्रों की संख्या 28 से बढ़कर 96, ट्रांसमिशन लाईनों की लम्बाई 5 हजार 205 सर्किट किलोमीटर से बढ़कर 11 हजार 522 सर्किट किलोमीटर हो गई है एवं ट्रांसमिशन क्षमता 1350 मेगाटवाट से बढ़कर 6 हजार 350 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 18 लाख से बढ़कर 42 लाख हो गई है। आज प्रति व्यक्ति वार्षिक विद्युत खपत 350 यूनिट से बढ़कर 1724 यूनिट है जो देश में सर्वोŸाम में से एक है। विद्युत पम्पों की संख्या 72 हजार से बढ़कर 4 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 हजार दिनों में 60 हजार किलोमीटर सड़के, 1200 वृहद -मध्यम कुल 23 हजार से अधिक पुलियों का निर्माण किया गया। रेल सुविधाएं बढ़ाने पीपीपी मॉडल अपनाकर 13 सौ किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाईन बिछाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कानून और पैडी प्रौक्योरमेंट सिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से हमने छŸाीसगढ़ में भूख को हराया है। करीब 59 लाख परिवारों को एक रूपए किलो चावल के साथ ही आयोडीनयुक्त नमक और चना आदि दिया जा रहा है। कौशल उन्नयन कानून बनाने वाला छŸाीसगढ़ देश का पहला राज्य है और एक लाख युवाओं को हर वर्ष प्रशिक्षण दिया जाता है। किसानों को बिना ब्याज ऋण 150 करोड़ रूपए से बढ़कर अब 3 हजार करोड़ रूपए हो गई है। तेन्दूपŸाा की मजदूरी 350 रूपए से बढ़ाकर 18 सौ रूपए कर दी गई है और 25 सौ करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। महिला समूहों को 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने से और पंचायत चुनाव तथा सरकारी नौकरी में आरक्षण देने से महिला सशक्तिकरण का बढ़ा अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा और बस्तर में नावाचार से मेडिकल कॉलेज खोला गया है और सभी जिलों में लाईवलीहुड कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। खनिज विकास निधि से रेल, सड़क और विमान सेवाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिशु मृत्य दर 76 था जो घटकर 41 हो गया है और मातृ मृत्यु दर 407 से घटकर 221, जन्म दर 26 से घटकर 23.2 कुपोषण का प्रतिशत 52 से घटकर 30 हो गया हैै। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव 7 से बढ़कर 70 प्रतिशत हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।                       

 

समाचार क्रमांक 1483 /2017


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