रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना : उज्ज्वला योजना से पर्यावरण का बचाव, जंगलों की रक्षा

रायपुर. 22 अगस्त 2017

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से महिलाएं न केवल धुएं और कालिख से मुक्ति पा रही हैं, बल्कि इससे पर्यावरण की सुरक्षा भी हो रही है। खाना पकाने के लिए रसोई गैस का इंतजाम होने से अब जंगल से लकड़ी लाने का झंझट खतम हो गया है। जलाऊ लकड़ी के लिए होने वाली जंगल की कटाई भी रूक गई है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से गृहिणियों, बच्चों एवं बुजुर्गों के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की सेहत सुरक्षित हो गई है।

      हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आईं कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के सोमनापुर पंचायत की सरपंच श्रीमती गंगोत्रीबाई बताती हैं कि उनकी पंचायत में उज्ज्वला योजना के तहत 200 महिलाओं को रसोई गैस और चूल्हा प्रदान किया गया है। इससे  गांव की महिलाएं धुएं से होने वाली परेशानियों से मुक्त हो गई हैं। धुएं के कारण अब घर की दीवारें काली भी नहीं होती। सबका घर अब पहले से ज्यादा साफ-सुथरा नजर आने लगा है। वे कहती हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हम महिलाओं की परेशानी को समझा। न सिर्फ समझा, बल्कि उज्ज्वला योजना से इसका समाधान भी किया। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण के साथ जंगल भी सुरक्षित हो रहे हैं। खाना बनाने के लिए लकड़ी और कंडों पर निर्भरता खत्म होते जा रही है।

      सोमनापुर की सरपंच श्रीमती गंगोत्रीबाई बताती हैं कि उनका गांव प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। पेड़-पौधे, खेत-खलिहान, वनोपज और पशुधन पर्याप्त हैं। गांवों में खाना बनाने के लिए परंपरागत रूप से लकड़ी और गोबर के कंडों का ही इस्तेमाल होता है। इससे निकला धुआं खाना बनाने वाले और उसके आस-पास रहने वालों के लिए हानिकारक होता है। धुएं के कारण आंखों में जलन और खांसी की समस्या आम है। रसोई गैस मिलने से इन सभी समस्याओं का समाधान हो गया है।

क्रमांक-2198/कमलेश


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