रायपुर : राष्ट्रीय मूल्यांकन समिति ने राष्ट्रीय सेवा योजना  के कार्यों की सराहना की 

  रायपुर, 22 अगस्त 2017

राष्ट्रीय सेवा योजना की नेशनल स्तर पर कराए गए राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में सेंट्रल जोन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में श्रेष्ठ कार्य सम्पादित करने के कारण मध्यप्रदेश से वरीयता देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में किए गए कार्यों की सराहना की। डॉ. पदम सिंह पूर्व सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम ने इस प्रक्रिया के तहत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की चार संस्था, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर और तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई तथा दुर्ग विश्वविद्यालय दुर्ग की दो-दो संस्थाओं का निरीक्षण किया। डॉ. पदम सिंह ने कहा कि उन्होंने देश के सात-आठ राज्यों का भ्रमण किया है और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यो के बारे में जानकारी मिली जिसमें मुख्य रूप से योग फेस्ट, कौशल विकास कार्यक्रम आदि से हमारे सदस्य काफी प्रभावित हुए। उनमें से सबसे अच्छा कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि देश का पहला सुलह केन्द्र छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम घुघसीडीह में खोला गया है। जिसे देखने का अवसर मिला। टीम ने वहां पर सरपंचों से भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के नेवासा ग्राम में एनएसएस के कार्यक्रमों की तारीफ भी प्राईवेट चैनल के माध्यम से प्रसारित हुई थी। जिसकी जानकारी राष्ट्रीय मूल्यांकन टीम ने प्राप्त की। राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारियों ने समिति को सुझाव प्रस्तुत किए। समिति द्वारा प्राचार्य, स्टेक होल्डर (राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े व्यक्ति) छात्र, शिक्षक आदि से चर्चा की गई थी। राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य सम्पर्क अधिकारी डॉ. समरेन्द्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन समिति ने इस महीने की 15 तारीख से 19 तारीख तक राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों देखा-परखा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों और ग्रामीणों से बातचीत की। इस बीच समिति के सभी सदस्यों ने उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजुर से मुलाकात की। 
 

क्रमांक-2206 /पाराशर


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