रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना : कत्थक ने बांधा समां ...

रायपुर, 23 अगस्त 2017

हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन-भ्रमण यात्रा पर आए कोरबा, रायगढ़ एवं कोरिया जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने आवासीय परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आनन्द लिया।
सर्वप्रथम सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना डॉ. अनुराधा दुबे ने लखनऊ घराना तथा रायगढ़ एकल कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी। तुलसीदास रचित “गणेश वंदना - गाइये गणपति जग बंदन” पर सुंदर कत्थक नृत्य पेश किया. राधा द्वारा श्रीकृष्ण से रूठ जाने और भगवान कृष्ण द्वारा उन्हें मनाने की लीला, रासलीला, श्रीकृष्ण तथा राधा की अठखेलियां कत्थक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया. हाथों और आंखों की भाव-भंगिमा से समां बांधे रखा। पर्यटन अधिकारी श्री अजय श्रीवास्तव ने कत्थक नृत्यांगना डॉ. दुबे का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया.
कत्थक नृत्यांगना डॉ. अनुराधा दुबे वर्तमान में रायपुर में निवासरत हैं. कत्थक नृत्य में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से पीएचडी कर चुकी हैं. डॉ. दुबे बताती हैं कि वह बचपन से ही उन्हें कत्थक में रूचि रही हैं, जिसके चलते उन्होंने लखनऊ घराने में एवं रायगढ़ घराने से कत्थक सीखा. कत्थक को ही अपने जीवन का सार बना लिया है. देश में ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, चीन, इंडोनेशिया, जर्मनी जैसे अन्य देशों में भी कत्थक कला का प्रदर्शन किया है. ऑस्ट्रेलिया में उन्हें कत्थक नृत्य शिरोमणि सम्मान से भी नवाजा गया है. वर्तमान में वे रायपुर दूरदर्शन में समाचार संपादक हैं. करीब 18 से 20 छत्तीसगढ़ी और भोजपुरी फिल्मों में काम भी किया है.

संगवारी के लोकगीतों ने लुभाया ...

 

कार्यक्रम के दूसरे चरण में संगवारी लोक कला मंच द्वारा द्वारा कला, संस्कृति एवं परंपरा पर आधारित सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी गई। जिसके निर्देशक श्री योगेश साहू हैं. गायक श्री वीरेंद्र साहू ने धरती मैया को वंदन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया. कलाकारों ने मोर मनमोहना, तरी हरी नाना जैसे अनेक छत्तीसगढ़ी लोकगीतों को आकर्षक नृत्य के साथ जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया. सुप्रसिद्ध देवी जवारा गीत “झूपत आबे वो” गीत की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया. राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति दे चुके इन विद्यार्थियों को रायपुर रविशंकर विश्वविद्यालय द्वारा गोल्ड मेडल दिया जा चुका है तथा कोल्हापुर में नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है. छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति एवं परंपरा को आगे बढ़ाना, संजोए रखना इनका मुख्य उद्देश्य है.
 

रायपुर कलेक्टर भी पहुंचे हमर छत्तीसगढ़ ... 

 

सांस्कृतिक संध्या के दौरान रायपुर कलेक्टर श्री ओ. पी. चौधरी भी आवासीय परिसर पहुंचे, जहाँ उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की.
कलेक्टर श्री चौधरी ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पूछा कि हमारे जिले की कौन-कौन सी पंचायत से प्रतिनिधि यहाँ आए हैं.
प्रतिनिधियों ने अपनी पंचायतों का नाम बताया, जिस पर कलेक्टर ने कहा-बहुत बढ़िया. अभी मैं रायपुर में रहता हूँ, लेकिन रायगढ़ से मुझे बहुत प्रेम है.
उनके आत्मीय संबोधन को सुनकर प्रतिनिधि बेहद प्रसन्न हुए और जमकर तालियाँ बजाई.  
कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि हमर छत्तीसगढ़ योजना पंच-सरपंचों के मनोवैज्ञानिक डर को दूर करने, उन्हें राजधानी में हुए विकास से परिचित कराने और अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा देने की अभूतपूर्व पहल है. राजधानी से दूर गांवों में बैठे पंच-सरपंच यहाँ आकर राज्य शासन के कामकाज योजनाओं का अवलोकन करते हैं और उनके भीतर परिवर्तन आता है. जिससे वे अपने गाँव में अच्छा कार्य करने के लिए उत्साहित होते हैं.

क्रमांक –2211/कमलेश

 


Secondary Links