रायपुर : ‘मूल्यांकन एवं प्रत्यायन‘ पर एक दिवसीय कार्यशाला का उच्च शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ : कॉलेजों और विश्वविद्यालयों शिक्षा गुणवत्ता का रखे ध्यान: श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय

पिछले चौदह सालों में छात्राओं के दाखिले में हुआ इजाफा

रायपुर, 31 अगस्त 2017

उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में ज्ञान और अनुसंधान की व्यवस्था उच्च शिक्षा का मूल लक्ष्य होना चाहिए। आधुनिक परिवेश में कौशल-सम्पन्न मानव संसाधन का समूह-निर्माण भी उच्च शिक्षा की समयानुसार जरूरत है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने आज यहां इन्दिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के स्वामी विवेकानंद सभागार में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा  आयोजित ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता नवचेतना पहल के तत्वावधान में ‘मूल्याकन एवं प्रत्यायन‘‘ पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ अवसर इस आशय के विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता  के तौर पर श्री पूनम बी.राज, इन्दिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. बसवराजू एस, राज्य परियोजना संचालक (रूसा) श्री भुवनेश यादव सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज के प्रार्चाय और प्रध्यापक उपस्थित थे । 
        उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए बेहतर एवं उच्च प्रबंधन होना चाहिए । इसके लिए सभी कारगर कदम उठाने की जरूरत है। शिक्षण संस्थानों में बेहतर शिक्षक होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता में अपने आप सुधार होगा । शिक्षा आज की समय की मांग के अनुरूप होनी चाहिए। श्री पाण्डेय ने उम्मीद जताई कि आज की कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को भी ध्यान में रखा जाएगा । श्री पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा विद्यार्थियों पर केन्द्रित होनी चाहिए । ताकि उनके व्यक्तित्व का विकास हो सकें । यह जरूरी है कि हम अपने युवाओ ंकी प्रतिभा का सही विकास करें । उन्हें ऐसा वातावरण मिले जिससे उनकी ज्ञान, क्षमताओं एवं योग्यताओ ंका विकास हो सकें । उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को उत्कृष्टता का  केन्द्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमें आने वाली चुनौतियों का सामना करना होगा और बेहतर से बेहतर योजनाएं बनानी होंगी । वहीं युवाओं के कैरियर के लिए नये आयामों की तलाश भी करनी होगी । 
        उच्च शिक्षा मंत्री श्री पाण्डेय ने कहा कि जब पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में महिलाएं मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सफलता प्राप्त कर रही है तो हमारे लिए गर्व की बात है। प्रदेश में पिछले 14 साल में कॉलेजों में छात्राओं के दाखिले में इजाफा हुआ । यह तभी संभव हुआ जब राज्य के वनांचल और दूरस्थ इलाकों में कॉलेज खोले गये। उन्होेंने बताया कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ में नये कन्या आवासीय महाविद्यालय तथा महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए छात्रावास खोले गए है। बालिकाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर वातावरण देने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे है। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चियों को भी उच्च शिक्षा की सुविधा अधिक से अधिक मिले। उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों को पढाएं जाने वाले पाठयक्रम के हर पहलू की जानकारी होनी चाहिए । कि वह विद्यार्थियों क्या और कैसे पढाएं । उन्होंने कहा कि शिक्षकों का यह भी दायित्व है वह अपना अध्ययन, मूल्यांकन, करते रहे। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों को विद्यार्थियों को गलत और सही की जानकारी का अहसास कराना भी उनकी जबावदारी है, ताकि वह भविष्य में आपको अच्छे वर्ताव के लिए याद रखें । श्री पाण्डेय ने कहा कि किसी भी संस्थाना के लिए प्रशासनिक नेतृत्व एवं प्रबंधन और नवाचार की दिशा में अच्छा काम होना चाहिए। कार्यक्रम में कुलपति श्री एस.के पाटिल और उच्च शिक्षा अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
         श्री पाण्डेय कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के लिए नैक द्वारा ‘ए’ ग्रेड  मिला है यह अच्छी बात है। लेकिन अब आपका दायित्व है कि उसे मेन्टेन किया जाए। उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर पहुंचना आसान है लेकिन वहां टिके रहना मुश्कििल होता है। उसके लिए आपको अपनी संस्थाओं  को व्यवस्थित करना होगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन पंचमुखी विकास  कार्यक्रम बनाया गया है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महाविद्यालय में स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, महाविद्यालय का रंग-रोगन,अकादमिक ऑडिट और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। तभी आप की संस्था मूल्यांकन एवं प्रत्यायन पर खरी उतरेगी । इसी तरह शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अद्योसंरचना का समुचित विकास किया जाना होगा। उन्होंने कहा कि पहले के क्लास रूम 500 स्क्वायर फीट हुआ करते थे लेकिन आज 900 स्क्वायर फीट के लिए गए है इसके लिए बजट आवंटन भी दिया गया है। 


         क्रमांक-2329/पाराशर 


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