बिलासपुर : सिंचित इलाकों की फसल नष्ट होने से बचाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति करें- श्री चंद्राकर : प्रभारी मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

बिलासपुर/13 सितंबर 2017

पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने निर्देश दिया है कि जिले में वर्षा की कमी को देखते हुए सिंचित क्षेत्रों में बोई गई फसल को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने सिंचाई के लिए जलाशयों से अंतिम छोर तक आठ दिन के भीतर पानी उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।
            प्रभारी मंत्री श्री चंद्राकर ने आज कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में जिले की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में आसन्न सूखे को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जो इलाके सिंचित क्षेत्र में आते हैं, वहां बोई गई फसल को बचाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती यदि की भी जाती है तो उसकी जानकारी ग्रामीणों को हो। नहरों के टेल एरिया तक पानी मिले, इसके लिए सतत् पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश उन्होंने पुलिस अधीक्षक को देते हुए कहा कि नहरों को बांधकर पानी रोकने वालों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया जाए। इसी तरह से तालाब को फोड़कर सिंचाई करने के मामलों में अपराध दर्ज किया जाए, ताकि निस्तार के लिए पानी उपलब्ध रहे।
           कृषि विभाग से उन्होंने जानकारी ली कि सूखे की स्थिति में किन वैकल्पिक फसलों को लिया जा सकता है। उन्होंने कृषि विभाग को दलहन-तिलहन और उद्यानिकी की फसल लगाने का अभियान चलाने का निर्देश दिया और कहा कि किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की फसल लेने से रोका जाए । जिन किसानों ने अस्थायी कनेक्शन लिए हैं, उन्हें स्थायी बिजली कनेक्शन दिया जाए। सभी राजस्व अनुभागीय अधिकारी बिजली आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें।
          मार्कफेड के अधिकारियों से प्रभारी मंत्री ने धान खरीदी की तैयारी के बारे में जानकारी ली और सहकारी बैंक अधिकारियों को सुनिश्चित करने कहा कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे क्योंकि उन्हें दो साल की फसल का बोनस वितरित किया जाना है। कलेक्टर से कहा कि फसल बीमा मुआवजा का लाभ पहुंचाने के लिए टीम बनाकर सिंचित व असिंचित भूमि पर फसल का आकलन करें।  
           प्रभारी मंत्री ने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिया है पूरे जिले में नाला बंधान का कार्य मनरेगा के तहत सात दिन के भीतर युद्धस्तर पर शुरू करें, ताकि जितनी भी वर्षा आगे हो, वह संचित हो सके। मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा रोजगार मूलक कार्य स्वीकृत करें ताकि पलायन को रोका जा सके। उन्होंने वन विभाग को भी वन ग्रामों में रोजगार मूलक कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। ग्रामीण यात्रिकी सेवा से कहा कि इन कार्यों की तकनीकी स्वीकृति देने में शीघ्रता बरतें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से कम वर्षा को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने की तैयारी करने कहा। उन्होंने सिंगल फेस, राइजर पाइप का डिमांड बनाकर भेजने का निर्देश दिया साथ ही जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर अधिक गिरता है वहां के लिए अलग से कार्ययोजना बनाने कहा।  
          उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में जितने भी राजस्व प्रकरण हैं, उनका निराकरण चार माह के भीतर करें। इस अवधि तक का कोई भी आवेदन चार माह बाद लम्बित नहीं होना चाहिए। आम आदमी को महसूस होना चाहिए कि सरकार उनकी है। लोक सुराज अभियान के दौरान आए सभी आवेदनों का निराकरण होना चाहिए।
            श्री चंद्राकर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को कहा है कि जिले के सभी छात्रावासों की सूची पुलिस थानों में दें। इसके अलावा वहां आने-जाने वाले लोगों की जानकारी रखें। जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि सभी निजी स्कूलों में बच्चों के लिए निर्धारित सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान रखा जाए, वे यह सुनिश्चित करें।
            बैठक में श्री चंद्राकर ने 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान की तैयारी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस अवधि में कलेक्टर से लेकर हर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी प्रत्येक दिन एक घंटा सफाई के लिए श्रमदान करें। इनमें अपने कार्यालय, अस्पताल, शाला परिसर, श्मशान घाट, धार्मिक स्थल तालाब, नदी आदि का चयन किया जा सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों से प्रभारी मंत्री ने दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।
बैठक में संभागायुक्त श्री टीसी महावर, कलेक्टर श्री पी. दयानंद, पुलिस अधीक्षक श्री मयंक श्रीवास्तव, एडीएम श्री के डी कुंजाम, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती फरिहा आलम सिद्दीकी, प्रशासनिक अधिकारी व विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
समाचार क्रमांक/7138 /अग्रवाल  


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