रायपुर : ‘स्वच्छता सर्वेक्षण 2018’ पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न : शहरों से निकलने वाले कचरों का उचित प्रबंधन जरूरी

छत्तीसगढ़ के सभी शहरों में लागू होगा
अंबिकापुर मॉडल: श्री अमर अग्रवाल

नगरीय निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी और अधिकारी हुए शामिल


रायपुर, 18 सितम्बर 2017

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत छत्तीसगढ़ के सभी 168 नगरीय निकायों को स्वच्छता की कसौटी पर कसने की तैयारी शुरू हो गई है।  इसके लिए अगले साल जनवरी-फरवरी से शुरू हो रहे राष्ट्र व्यापी ’स्वच्छता सर्वेक्षण 2018’ के अंतर्गत नगरीय निकायों की साफ-सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। राजधानी  रायपुर में आज स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 पर केन्द्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। श्री अग्रवाल ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 - के लिए प्रचार-प्रसार गतिविधियों पर आधारित बुकलेट एवं बस्तर संभाग में स्वच्छता के प्रचार-प्रसार के लिए हल्बी भाषा में तैयार बस्तरिया गीत की वीडियो का विमोचन भी किया।
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर खुले में शौचमुक्त घोषित प्रदेश के 46 नगरीय निकायों के निर्वाचित मुख्य पदाधिकारियों का शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। कार्यशाला में प्रदेश के नगर निगमों के महापौर तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के साथ इन निकायों के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में केन्द्र से आए दल के प्रतिनिधियों ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में शामिल होने के लिए नगरीय निकायों को तैयार करने जरूरी मार्गदर्शन दिया।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अग्रवाल ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में से 106 खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं। इसके लिए निकायों के पदाधिकारी और अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। इनके अथक मेहनत से ही यह उपलब्धि मिली है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे देश को खुले में शौचमुक्त बनाने का संकल्प लिया है, लेकिन प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ को 2 अक्टूबर 2018 तक अर्थात् केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित समय से एक वर्ष पहले ही राज्य को खुले में शौचमुक्त करने का संकल्प लिया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इससे बढ़कर हमारा लक्ष्य 02 अक्टूबर 2017 तक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को खुले में शौचमुक्त करने का है। नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि किसी लक्ष्य या संकल्प पूरा करने के लिए एक सुव्यवस्थित कार्य-योजना बनाकर काम करने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों को साफ-सुथरा बनाने के लिए धन-राशि की कोई कमी नहीं होने दी है। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों के लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन किया है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में शौचालय बनाने के लिए हितग्राहियों से सबसे कम धनराशि छत्तीसगढ़ में ली जाती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में भी नगरीय निकायों को स्वच्छता मिशन के लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि नगरीय निकायों को खुले में शौचमुक्त बनाना स्वच्छ भारत मिशन का एक हिस्सा है। शहरों को साफ-सुथरा रखने के लिए स्थायी बंदोबस्त करने की जरूरत हैं। नगरीय निकायों में निकलने वाले ठोस अपशिष्टों का बेहतर प्रबंधन करना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। शहरों की साफ-सफाई सबसे कठिन काम है। इस काम को आम जनता की भागीदारी से पूरा करने के लिए नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और अधिकारियों को दमदारी से काम करना होगा। श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में ठोस अपशिष्टों को इकट्ठा करने के लिए अंबिकापुर नगरीय निकाय द्वारा अपनाए गए मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा इकट्ठा करने का अंबिकापुर मॉडल देशभर में लोकप्रिय हुआ है। इस मॉडल को छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में लागू करने की जरूरत है। इससे लगभग सात हजार महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
श्री अग्रवाल ने मिशन क्लिन सिटी के तहत अंबिकापुर मॉडल को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में दिसम्बर 2017 तक अनिवार्य रूप से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार हर संभव मदद देगी। महिलाओं को संगठित कर स्व-सहायता समूह बनाए जाएंगे। नगरीय निकायों के हर घर में दो-दो डस्टबिन देने की योजना है। इसके अलावा कंटेनर, ई-रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए भी राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि मिशन क्लिन सिटी को शत-प्रतिशत सफल बनाने जनभागीदारी की जरूरत है। जनता को जागरूक कर इस मिशन से जोड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को विशेष प्रयास करना होगा। हम सब मिल जुलकर प्रयास करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ की स्वच्छता के लिए भी देश भर में पहचान बनें।
नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. रोहित यादव ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इनके परिणाम स्वरूप आज राज्य के 168 में से 106 नगरीय निकाय खुले में शौच मुक्त घोषित हो गए हैं। स्वच्छता की परीक्षा का दूसरा चरण ’स्वच्छ सर्वेक्षण 2018’ के रूप में जनवरी - फरवरी 2018 से शुरू हो रहा है। अब नगरीय निकायों में कचरों के निपटान के लिए स्थायी व्यवस्था करने पर जोर दिया जाएगा। इस सर्वेक्षण में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए किए गए कार्याें का मूल्यांकन होगा। इसके लिए जरूरी मार्ग दर्शन देने और रोडमैप तैयार करने कार्यशाला आयोजित की गई है।
एक दिवसीय कार्यशाला में भारत सरकार आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के विशेषज्ञों ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 भाग-एक पर प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला के दूसरे सत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 भाग-दो पर चर्चा एवं प्रश्नोतरी आयोजित की गई। इसके बाद संस्था ‘निष्ठा’ के प्रतिनिधियों ने विभागीय आई.सी.टी. बेस्ड उपस्थिति प्रणाली पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। संचालक नगरीय प्रशासन श्री निरंजन दास ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया।


क्रमांक-2626/राजेश


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