रायपुर : समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी: श्री चन्द्रशेखर साहू : जीएसटी पर राज्य वित्त आयोग की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर, 23 सितम्बर 2017

छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां ‘स्थानीय निकायों का लोकवित्त एवं जी.एस.टी वर्तमान परिप्रेक्ष्य में’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम गृह के सभागृह में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के नगरीय निकायों, जिला और जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी शामिल हुए। आयोग द्वारा यह कार्यशाला भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के साथ संयुक्त रूप से तीन सत्रों में आयोजित की गई।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री साहू ने कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को समृद्ध बनाने के लिए स्थानीय निकायों-पंचायतों तथा नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्म निर्भर बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश में विगत माह जुलाई से एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार के उद्देश्य पर आधारित वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जी.एस.टी.) लागू हो गया है। इस परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के पंचायतों और नगरीय निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला से पंचायतों और नगरीय निकायों में इसके कुशल और भलीभांति संचालन के लिए काफी मदद मिलेगी। अध्यक्ष श्री साहू ने कार्यशाला में आगे कहा कि वस्तु और सेवा कर अधिनियम (जी.एस.टी.) के माध्यम से एक समृद्ध देश और समृद्ध छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में पंचायतों और नगरीय निकायों की भी अहम् भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से इन निकायों के मजबूतीकरण और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए हर संभव पहल की जा रही है। प्रदेश में इसके लिए हर साल के बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान भी रखा जाता है। कार्यशाला को छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के सदस्य श्री नरेशचन्द्र गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में राज्य का लोक वित्त एवं जी.एस.टी. विषय पर राज्य वित्त आयोग दिल्ली के सदस्य तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन नई दिल्ली के सह प्राध्यापक डॉ. व्ही.एन. आलोक ने विस्तार से प्रकाश डाला। इसी तरह कार्यशाला के द्वितीय तथा तृतीय सत्र में छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के सदस्य श्री पी.पी. सोती और केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री संजीव कुमार पटजोशी तथा छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के सलाहकार श्री बी.के. लाल द्वारा पंचायतों का आर्थिक ढांचा एवं विकास-ज्वलंत मुद्दे विषय पर चर्चा की गई। इसके अलावा कार्यशाला के तृतीय सत्र में नगरीय निकाय के वित्तीय संसाधन एवं विकास विषय पर केन्द्रीय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व सचिव श्री एम. रामचन्द्रन आदि ने विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर खुली चर्चा हुई और पंचायत तथा नगरीय निकायों के पदाधिकारियों के शंकाओं का समाधान करते हुए सुझाव भी लिए गए। कार्यशाला में आयोग के सचिव डॉ. बी.के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया।  

 क्रमांक-2722/प्रेमलाल


Secondary Links