रायपुर : सरकारी दफ्तरों में दिव्यांगजनों के लिए बनेंगे रैम्प और शौचालय : दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूलों में होंगे विशेष शिक्षक

केन्द्र सरकार के दिव्यांगजन मुख्य आयुक्त की
राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक

रायपुर, 26 सितम्बर 2017

केन्द्र सरकार के दिव्यांगजन मुख्य आयुक्त श्री कमलेश पाण्डेय ने प्रदेश के सभी सरकारी और अर्धसरकारी दफ्तरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष प्रकार के रैम्प सहित शौचालयों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिन दफ्तरों में ऐसी सुविधा नहीं है, उन्हें इसके लिए तत्परता से उचित व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा है कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लिए स्कूलों में विशेष शिक्षकों की भी व्यवस्था की जाए। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए श्री पांडे ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में दिव्यांगजनों की बेहतरी के लिए संचालित योजनाओं के संबंध में समाज कल्याण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में निःशक्तजन व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांगजनों को दी जा रही  सेवाओं की विभागवार समीक्षा की।
केन्द्रीय दिव्यांगजन मुख्य आयुक्त ने अधिकारियों को दिव्यांगों को स्वावलंबी बनाने उन्हे शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य एवं सामाजिक तथा आर्थिक विकास के अवसर मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि दिव्यांगजनों का कल्याण सेवाभावना और संवेदनशीलता से किया जा सकता है। केन्द्रीय दिव्यांगजन मुख्य आयुक्त श्री पांडे ने निःशक्तजन व्यक्ति अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सभी विभागों को शासकीय नौकरियों में दिव्यांगों के लिये आरक्षण, कौशल विकास प्रशिक्षण, दिव्यांगों के अनुकुल कार्यालय, रैम्प, शौचालय आदि की सुविधा मुहैया कराकर उन्हें समाज में समानता के साथ सम्मानपूर्वक जीने का अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होने भारत सरकार द्वारा दिव्यांगों के कल्याण के लिये संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि निःशक्तजन व्यक्ति अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद सभी विभागों में दिव्यांगों के अनुकुल योजनाएं एवं अधोसंरचना तैयार की जानी चाहिये। उन्होने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिये विशेष शिक्षक तैयार करने कहा। स्कूलों में विशेष शिक्षक होने से दिव्यांग बच्चों का भरोसा बढ़ेगा। उन्होने दृष्टिबाधितों से संबंधित शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रचार सामग्री ब्रेल लिपि में तैयार कराने कहा। श्री बोरा ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में दिव्यांगों की मदद के लिये विशेष इकाई गठित करने का भी सुझाव दिया। श्री बोरा ने कहा कि दिव्यांगों के प्रमाणीकरण स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों के सहयोग व समन्वय पर जोर दिया। उन्होने कहा कि प्रदेश के शासकीय विभागों के 92 वेबसाईटों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि दिव्यांगों के कल्याण के लिये संचालित योजनाएं वेबसाईट के मेन पेज पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित हो।
ंबैठक में बताया गया कि निःशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत राज्य स्तर पर आयुक्त की नियुक्ति, दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, आरक्षण, विशेष रोजगार कार्यालय, सहायक उपकरण और संसाधन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, विशेष स्कूल समेत विभिन्न प्रावधान किये गए हैं। बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास शहला निगार, विशेष सचिव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास रीना बाबा साहेब कंगाले, विशेष सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री हेमंत पहारे, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री आर.प्रसन्ना, संचालक समाज कल्याण डॉ. संजय अलंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

क्रमांक-2762/देवांगन

 


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