रायपुर : छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन नीति के लिए सुझाव आमंत्रित

रायपुर, 06 अक्टूबर 2017

राज्य योजना आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ की दिव्यांग नीति तैयार की जा रही है। दिव्यांग नीति के संबंध में दिव्यांगजन, दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले विषय-विशेषज्ञ, संस्थाएं, वरिष्ठ नागरिक, नवयुवकों, विद्यार्थी, स्वेच्छिक संस्थाएं, बुद्धिजीवी एवं जनसामान्य से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। दिव्यांगता नीति तैयार किए जाने के लिए सुझाव ई-मेल cgdisabledpolicy@gmail.com फेस बुक cgdisabledpolicy फेक्स नम्बर 0771-2211224 अथवा सामान्य डाक के माध्यम से सदस्य सचिव राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ नया रायपुर को भेजे जा सकते हैं। सुझाव देने के लिए नोडल ऑफिसर डॉ. वत्सला मिश्रा संयुक्त संचालक से दूरभाष क्रमांक 0771-2511226, मोबाइल फोन नम्बर 94242-91564 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा दिव्यांगजनों हेतु निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 के स्थान पर नया अधिनियम द राइट ऑफ पर्सन विद डिसेबलिटी एक्ट 2016 को अधिसूचित कर 19 अप्रैल 2017 से प्रभावशील किया गया है। यह अधिनियम दिव्यांग व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं रोजगार, उद्यमिता इत्यादि में बेहतर पहुंच को बढ़ाने के साथ-साथ उनके सर्वागीण विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्ध है। यह अधिनियम दिव्यांग व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में उनके अधिकारों की सुनिश्चित करने के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने की ओर प्रेरित करता है।
उपरोक्त प्रभावशील अधिनियम के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य में दिव्यांगजन नीति प्रारूप तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। राज्य योजना आयोग द्वारा दिव्यांगता नीति तैयार करने के लिए सुझाव प्राप्त करने हेतु सभी पक्षों से संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में दिव्यांगता की रोकथाम एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में सुझाव प्राप्त करने हेतु दिनांक 26 सितम्बर 2017 को विकलांगता की सभी 21 श्रेणियों से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों, ग्रसित जनों तथा उनके अभिभावकों से राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा संवाद किया गया। आगे भी दिव्यांगजनों की विभिन्न समस्याओं यथा कौशल विकास, रोजगार के अवसर आदि से जुड़े क्षेत्रों के विशेषज्ञों से संवाद जारी रहेगा।

क्रमांक-2885/सुदेश


Secondary Links