कवर्धा : जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों-कर्मचारियों एवं नागरिकों ने “रमन के गोठ“ कार्यक्रम को सुना

कवर्धा, 8 अक्टूबर 2017

 प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को प्रसारित होने वाले मुख्यमंत्री डॉ. रमन के गोठ कार्यक्रम को कवर्धा के वीरसावरकर भवन के सामने नगर पालिका द्वारा आमजनों को सुनाया गया। मुंख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने कार्यक्रम में रेडियों के माध्यम में वार्तालाप शैली में दीपावली, एकादशी सहित अन्य त्यौहारों पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की खेती सदियों से चली आ रही है और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के रूप में है। उन्होंने कहा कि 2001 में जहां 4 लाख 63 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई, वहीं आज 60 से 70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती है और इसका भुगतान किसानों को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष किसानों को 21 सौ करोड़ रूपये का बोनस प्रदान किया जा रहा है, इससे किसानों के चेहरे पर खुशहाली दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के पसीने की एक-एक बूंद से धान का उत्पादन होता है। राज्य में सूखे की स्थिति है, इसलिए सूखाराहत की घोषणा भी की गई है। इसके लिए कार्य योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ बस्तर एवं सरगुजा के वनवासी भाईयों के लिए भी वनोपज में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 15 सौ रूपये मानक बोरा से बढ़ाकर 18 सौ रूपये मानक बोरा कर दिया गया है। राज्य सरकार ने वनांचल के आदिवासी भाई-बहनों की बेहतरी के लिए सतत् कार्य कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी बोनस दिया जाता है, इसके अलावा उन्हें चरण पादुका की प्रदान की जाती है। साथ ही बीमा की राशि भी दी जाती है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है और कन्या दान योजना का लाभ भी उन्हें मिलता है। उन्होंने कहा कि धान के साथ-साथ प्रदेश में मक्के की खेती में बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में 4 शक्कर के कारखानें है, जिसके अंशधारी गन्ना किसानों को बोनस प्रदान करने की व्यवस्था भी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा होने के साथ-साथ अब सब्जी का टोकरा भी बन गया है। धान की रकबे में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उद्यानिकी फसलों के रकबे में चार गुना वृद्धि हुई है और उत्पादन भी 91 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने कहा कि डेयरी उत्पादो को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जा रहा है, वही मछली पालन में भी वृद्धि हुई है। किसानों को नई तकनीकी से परिचय कराया जा रहा है, वहीं किसानों के लिए कृषि के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंचाई पंपों की स्थापना में वृद्धि हुई है। जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहां सोलर पंपों की व्यवस्था की जा रही है, इसके तहत प्रदेश में 51 हजार सोलर पंप स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर में काजू के पौधे लगाये जा रहे है और भविष्य में काजू का प्रसंस्करण भी बस्तर में किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वनांचल किसानों ने जैविक खेती का भी प्रयोग किया है और दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान धान के अलावा दलहन, तिलहन, मत्स्य उत्पादन, डेयरी उत्पाद एवं उद्यानिकी की खेती की ओर बढ़ते हुए अपनी सफलता की कहानी खुद लिख रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की उत्पादन एवं आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाई गई है। उन्होंने धान बोनस तिहार के फलस्वरूप गांव-गांव में दीपावली से पहले दीपावली मनाई जा रही है। उन्होंने दीपावली के अवसर पर मिट्टी के बने दिये जलाने की बात कहीं। इसके अलावा उन्होंने प्रदूषण रोकने और गांव में स्वच्छता बनाये रखने के लिए गांवों को ओडीएफ घोषित करने में मदद करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री सियाराम साहू ने कहा कि आज रमन के गोठ में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बोनस तिहार के साथ-साथ खेती, किसानी, उद्यानिकी पर विशेष चर्चा हुई। यह किसानों के हित में शासन द्वारा किया गया महत्वपूर्ण प्रयास है। रमन के गोठ से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ उसके किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी मिलती है। इस अवसर पर कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चन्द्रवंशी, नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता, पार्षद श्री हामिदअली सिद्धिकी, श्री अनिल साहू, श्री बलवीर खनूजा, श्री पन्ना लाल चंद्रवंशी, श्री शिव अग्रवाल सहित कवर्धा नगर पालिका अधिकारी-कर्मचारीगण तथा नागरिकगण विशेष रूप से उपस्थित थे।

क्रमांक-987/एस.शुक्ल

 

 

 


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