जगदलपुर : आसना में खुलेगा काजू प्रसंस्करण कारखाना : मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने मासिक रेडियोवार्ता ‘रमन के गोठ‘ में दी जानकारी : मुख्यमंत्री की रेडियोवार्ता सुनकर प्रफुल्ति हुए क्षेत्र के किसान

 

माहाकापाल के किसान कर रहे काजू, आम और लेमन ग्रास की मिली जुली खेती

जगदलपुर, 08 अक्टूबर 2017

माह के दूसरे रविवार को प्रसारित होने वाले रेडियोवार्ता कार्यक्रम रमन के गोठकी 26 वीं कड़ी का प्रसारण 8 अक्टूबर को किया गया। सभी कड़ियों की तरह इस कड़ी को भी बस्तरवासियों ने पूरे उत्साह के साथ सूना।रमन के गोठकी आज की इस कड़ी को दरभा विकासखण्ड के ग्राम माहकापाल के किसानों ने अपने खेतों में काम के बीच समय निकाल सुना और मुख्यमंत्री द्वारा आसना में सहकारिता के माॅडल पर काजू प्रसंस्करण कारखाना लगाने की घोषणा का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बस्तर में काजू के पौधों की सुंदरता का बखान करते हुए बताया कि आठ हजार से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में फैले काजू से लगभग 6 हजार मिट्रिक टन काजू का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने इन काजू के पौधों को स्वसहायता समूह के माध्यम से संधारण करने और इससे लगभग 35 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद जताई। माहकापाल में उद्यान विभाग के सहयोग से काजू, आम और लेमन ग्रास की खेती कर रहे किसानों ने मुख्यमंत्री द्वारा दी गई इस जानकारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि करीब 30 किसानों ने 3 साल पहले इस बंजर जमीन पर उद्यान विभाग के सहयोग से काजू, आम और लेमन ग्रास की खेती शुरु की। मुरारी, केशव, इन्दर और जलन्धर सहित सभी किसानों ने बताया कि इस वर्ष काजू और आम के पौधों में जमकर फल भी लगे। किसानों ने कहा कि यहां काजू प्रसंस्करण के लिए कोई सुविधा नहीं होने से उड़ीसा के व्यापारी काजू खरीदकर ले जाते थे। बस्तर में काजू प्रसंस्करण कारखाना खोलने से वे स्थानीय स्व सहायता समूह को दे देंगे। किसानों ने बताया कि मुरुम युक्त इस जमीन में खेती करने के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा भरपूर सहायता की गई, जिसके कारण कभी बरसात के दिनों में भी यहां घास तक नहीं होती थी, जिसके कारण यहां मवेशी तक चरने नहीं आते थे। किसानों ने बताया कि यहां 3-3 एचपी के सोलर सिंचाई पम्प के 4 यूनिट लगे हुए हैं, जिससे यहां भरपूर पानी उपलब्ध होता है। यह पानी सभी किसान मिल-बांटकर उपयोग करते हैं। इससे यह बंजर जमीन अब बारह महीने हरियाली से भरी रहती है और इसकी सुरक्षा के लिए फंेसिंग की सुविधा भी दी गई। किसानों को काजू और आम से आने वाले वर्षों में अच्छी आमदनी की उम्मीद है और अभी फ़िलहाल लेमन ग्रास को काटकर बेचने का काम कर रहे हैं। लेमन ग्रास से तेल निकालने के लिए यहाँ प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई गयी है।

किसानों ने मुख्यमंत्री द्वारा धान बोनस दिए जाने की जानकारी दिए जाने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। केशव ने बताया कि उसने पिछले साल लगभग 42 क्विंटल धान बेचा था। इस हिसाब से उसे लगभग 12 हजार रुपए धान बोनस मिलेगा। उसने बताया कि वह इस राशि का उपयोग बच्चों के लिए कपड़े, मिठाईयां और पटाखे लेने के साथ ही घर की मरम्मत में भी खर्च करेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा अपने रेडियोवार्ता में जैविक कृषि के लिए बस्तर को नेतृत्वकर्ता बताने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि दरभा विकासखण्ड जैविक कृषि के चयनित हुआ है और यहां के किसानों ने हमेशा रासायनिक खाद से परहेज किया है। किसानों ने कहा कि वे जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन भी करेंगे, जिससे मुख्यमंत्री का सपना दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने का सपना भी साकार होगा। किसानों ने बताया कि दरभा विकासखण्ड के केशापुर, मावलीपदर और छिंदावाड़ा के किसानों ने सामुहिक रुप से और व्यक्तिगत रुप से डेयरी करना प्रारंभ कर दिया है और शासन द्वारा डेयरी संचालन के लिए दी जाने वाली सहयोग डेयरी उद्योग के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करती है। 

क्रमांक/तंबोली

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