रायपुर : वित्त आयोग का सर्वदलीय संवाद : राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श

पंचायतों और नगरीय निकायों के आर्थिक
सशक्तिकरण के उपायों पर बातचीत

रायपुर, 09 अक्टूबर 2017

छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू की अध्यक्षता में आज यहां टैगोर नगर स्थित आयोग के कार्यालय में सर्वदलीय संवाद का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश शहरी निकायों सहित तीन स्तरों वाली पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सुझाव प्राप्त किए गए। श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि आयोग द्वारा राज्य सरकार को भेजे जाने वाले अपने प्रतिवेदन में इन सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। आयोग अपना प्रतिवेदन राज्य सरकार को जनवरी 2018 में प्रस्तुत करेगा।
आज के सर्वदलीय संवाद में राज्य वित्त आयोग के सदस्य श्री नरेश चन्द्र गुप्ता, सचिव श्री भरत अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुनील सोनी, प्रदेश महामंत्री श्री संतोष पाण्डेय, शिवसेना के प्रदेश प्रमुख श्री धनंजय सिंह परिहार और श्री एच.एन. सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के श्री एम.के नंदी और राज्य सचिव श्री संजय पराते, आम आदमी पार्टी के संयोजक श्री संकेत ठाकुर और सचिव श्री उत्तम जायसवाल तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश जग्गी भी उपस्थित थे। सर्वदलीय संवाद में आयोग द्वारा प्रस्तुत कार्यसूची के अनुसार विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृृत चर्चा की गई। इसमें राजस्व वृद्धि को प्रोत्साहन देने, स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने, राज्य द्वारा लिए जाने वाले करों, शुल्कों, पथ करों का राज्य और स्थानीय निकायों के बीच वितरण, राज्य की संचित निधि में से पंचायतों और नगर पालिकाओं को सहायता अनुदान जैसे कई विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ने सर्वदलीय संवाद में बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (झ) और 243 (म) के अनुसार गठित यह तीसरा राज्य वित्त आयोग है। इसका गठन जनवरी 2016 में किया गया था। आयोग द्वारा प्रदेश की दस हजार 971 ग्राम पंचायतों, 146 जनपद पंचायतों, 27 जिला पंचायतों, 13 नगर निगमों, 44 नगर पालिकाओं और 111 नगर पंचायतों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इन संस्थाओं को अलग-अलग प्रश्नावली भेजी गई थी। उनसे प्राप्त सुझावों को भी कम्प्यूटरों में भी दर्ज किया जा रहा है। प्रदेश के सांसदों, विधायकों, विभिन्न निगम मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों से भी सुझाव लिए गए हैं। आयोग ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के सांसदों को बैठक में आमंत्रित कर उनसे विस्तृत विचार-विमर्श भी किया है।  इसके अलावा प्रदेश के नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों और आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की कार्यशाला भी आयोजित की गई थी।
श्री साहू ने सर्वदलीय संवाद में बताया कि आयोग द्वारा प्रदेश के सभी पांच संभागों में आयोग के पदाधिकारियों ने पंचायतीराज संस्थाओं तथा स्थानीय नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की है। आयोग ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड और आंध्रप्रदेश जाकर वहां के राज्य वित्त आयोगों की कार्यप्रणाली का भी अध्ययन किया है। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से रायपुर में स्थानीय निकायों का लोक वित्त एवं जीएसटी वर्तमान परिपेक्ष्य में विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय के प्रदेश अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, विभागध्यक्ष, पूर्व वित्त आयोग के सदस्य, सलाहकार, प्रबुद्ध अर्थशास्त्री, वित्त पंचायत, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभागों के अधिकारी शामिल हुए।


क्रमांक-2942/सीएल


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