रायपुर : प्रदेश की 108 मेधावी छात्राओं को मिला ‘लक्षिका सम्मान’

    रायपुर 12, अक्टूबर 2017

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने आज यहां पंडित जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के सभागृह में प्रदेश के 27 जिलों की 108 मेधावी छात्राओं को ‘‘लक्षिका सम्मान’’ से सम्मानित किया उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा ‘‘बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओं’’ अभियान के तारतम्य में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रतिवर्ष प्रदेश की मेघावी छात्राओं को ‘‘लक्षिका सम्मान’’ से सम्मानित किया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 2016 में की गई है।
    श्रीमती रमशीला साहू कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में बालिका वर्ग में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती रमशीला साहू ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ, बालिका निःशुल्क शिक्षा आदि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेटियां परिवार, समाज एंव राष्ट्र की रीढ़ होती है। इनको मजबूत किए बिना समाज को कभी भी मजबूत नहीं किया जा सकता। बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए श्रीमती रमशीला साहू ने अभिभावकोें  संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को अधिक से अधिक आगे बढ़ने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए ।
     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, श्रीमती हर्षिता पाण्डेय् ने कहा कि महिलाओं के कार्यक्षेत्र का विस्तार अगर हुआ है तो उनकी चुनौतियां भी बड़ी है। महिला प्रत्येक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है लेकिन इसके लिए उन्हें अथक प्रयास एवं संघर्ष करना पड़ रहा है। आज भी महिलाओं के साथ जेण्डर विषमता की समस्या विद्यमान है, जो उनके विकास में बड़ी बाधा है जिसे दूर करना जरूरी है।
    कार्यक्रम में वर्ष 19 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती पर आयोजित की गयी ‘‘वीरांगना मार्च’’ में भाग लेने वाली बालिकाओं एवं स्कूल/कॉलेजो को भी प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के सदस्य श्रीमती खिलेश्वरी किरण, श्रीमती रायमुनि भगत, श्रीमती ममता साहू, श्रीमती पद्मा चन्द्राकर, राज्य युवा आयोग के सदस्य श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, राज्य महिला आयोग के सचिव श्री आर. जे. कुशवाहा सहित छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।


क्रमांक-3000/आमना

 


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