दुर्ग : तृतीय लिंग समुदाय की समस्याएं सुलझाने बनेगा हेल्प डेस्क

कलेक्टर श्री अग्रवाल के अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक

आवास सामुदायिक भवन सहित मतदाता परिचय पत्र और

राशन कार्ड बनाने पर हुई सकारात्मक चर्चा

दुर्ग, 12 अक्टूबर 2017

दुर्ग जिले के तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान करने के लिए जिला कलेक्टोरेट में हेल्प डेस्क बनेगा। समाज कल्याण विभाग शाखा में स्थापित होने वाले इस हेल्प डेस्क के नोडल अधिकारी भी नियुक्त होंगे। हेल्प डेस्क में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्य अपने समस्याओं को स्वयं उपस्थित होने के साथ-साथ फोन आदि पर भी बता सकेंगे। इस संबंध में आज कलेक्टर श्री उमेश कुमार अग्रवाल ने जिला स्तरीय समिति की बैठक में जरूरी निर्देश समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समुदाय की समस्याओं और मांगों पर गहन विचार विमर्श किया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.के. खुंटे, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी दुर्ग शहर श्री यू.एस. अग्रवाल, दुर्ग नगर निगम आयुक्त श्री एस.के. सुन्दरानी सहित समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री धर्मेन्द्र साहू, अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और तृतीय लिंग समुदाय के प्रतिनिधि सुश्री कंचन सेन्ड्रे, श्री सोनूगुप्ता भी शामिल हुए।

बैठक में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृति की मांग की गई, जिस पर कलेक्टर श्री अग्रवाल ने योजना के प्रावधानों के तहत पात्र पाए जाने वाले तृतीय लिंग समुदाय सदस्यों के आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने नगर निगम आयुक्त श्री सुन्दरानी को इस संबंध में सर्वे आदि कराकर उपयुक्त पहल करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं समय परिस्थिति अनुसार ठहरने के लिए सामुदायिक भवन का भी चिन्हांकन करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए। श्री अग्रवाल ने तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों की सहमति पर स्वच्छता मिशन के तहत समूह बनाकर कार्य आबंटन के लिए भी कार्यवाही करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए।

बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों का कौशल क्षमता विकास प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार-स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पसंदीदा ट्रेड का ही प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार के लिए इच्छुक सदस्यों को ऋण आदि दिलाने में भी मदद का आश्वासन कलेक्टर श्री अग्रवाल ने दिया। बैठक में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों को संगठित-असंगठित कर्मकारों के रूप में पात्रता अनुसार पंजीकृत कर उनके श्रमिक कार्ड बनाने के निर्देश भी श्रम विभाग के अधिकारियों को दिए गए। तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों के नाम राशन कार्ड जारी करने की मांग पर कलेक्टर श्री अग्रवाल ने खाद्य विभाग के अधिकारियों की निर्देशित किया कि आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर सहित आवेदन प्रस्तुत करने पर नियमानुसार राशनकार्ड जारी किए जाए। यदि किसी सदस्य का पूर्व का राशन कार्ड हो अथवा निरस्त राशन कार्ड हो तो जांच कर नया राशन कार्ड बनाए जाएं।

बैठक में अधिकारियों को बताया कि जिले में अब तक 100 तृतीय लिंग समुदाय सदस्यों को डॉक्टरी जांच के बाद पहचान पत्र सह-स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जा चुका है। तृतीय लिंग समुदाय के 18 व्यक्तियों को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ब्यूटी पार्लर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही गारमेंट्स कंस्ट्रक्शन टेक्नीक और सिलाई मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण के लिए 20 सदस्यों का चयन किया गया है। जिले के धमधा, दुर्ग एवं पाटन विकासखण्डों में समुदाय विशेष के लिए जागरूकता कार्यक्रम का भी संचालन कराया गया।

पालकों की भी कांउसिंलिंग की मांग

तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों ने तृतीय लिंग के लक्षणों वाले बच्चांे के पालकों और परिजनों की भी काउंसिंलिंग की मांग बैठक में की। समुदाय के सदस्य सुश्री कंचन सेंड्रे ने बताया कि जैसे ही परिजनों को उनके बच्चों में तृतीय लिंग संबंधी शारीरिक लक्षण नजर आते हैं, वे ऐसे बच्चों को अपने हाल पर अकेला छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चे समाज के मुख्यधारा से कट जाते हैं। सुश्री कंचन ने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्यगत कारणों से मनुष्यों में तृतीय लिंग संबंधी लक्षण परिलक्षित होते हैं और ऐसे समय में बच्चों को उनके परिवार के सहयोग और प्यार की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उन्होंने ऐसे बच्चों की समस्याओं को सुलझाने और उनकी मनोदशा को समझने के लिए माता-पिता सहित परिजनों की भी काउंसिंलिंग कर समझाईश देने की मांग की। बैठक में उपस्थित डॉ. अंजना श्रीवास्तव और समाज शास्त्र विषय की प्रोफेसर डॉ. सुचित्रा शर्मा ने तृतीय लिंग समुदाय को पारिवारिक, भावनात्मक एवं सामाजिक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए आवश्यक काउंसिंलिंग निःशुल्क उपलब्ध कराने पर सहमति दी।

इस महीने 25 तारीख को होगी कार्यशाला

कलेक्टर श्री उमेश कुमार अग्रवाल ने तृतीय लिंग समुदाय को शासकीय योजनाओं की जानकारी देने विभिन्न योजनाओं के तहत पंजीयन कराने और गहन स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 25 अक्टूबर को दुर्ग जिला मुख्यालय में महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश बैठक में दिए हैं। इस कार्यशाला में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों का उनकी पसंद के टेªड में प्रशिक्षण के लिए, श्रमिक कार्ड बनाने, राशन कार्ड बनाने, स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए पंजीयन भी किया जाएगा। इस कार्यशाला में समुदाय के सदस्यों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने और मतदाता परिचय पत्र प्रदान करने की कार्यवाही भी कार्यशाला में होगी। इसी दिन जिला चिकित्सालय में तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण भी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाएगा। साथ ही उन्हें मौके पर ही चिकित्सा प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। तृतीय लिंग समुदाय सदस्यों को विभिन्न योजनाओं के तहत पंजीयन कराने के लिए अपने दो फोटो, आयु संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और शहरी क्षेत्रों में वार्ड पार्षद तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र साथ लेकर कार्यशाला में उपस्थित होना होगा। बैठक में कलेक्टर ने तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी शासकीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि तृ  तीय लिंग समुदाय के सदस्यों की बात पूरी गंभीरता और सहानुभूति से सुनी जाए तथा उनकी समस्याओं के निदान के लिए हर संभव सहायता दी जाए। कलेक्टर ने इस संबंध में लिखित निर्देश भी जारी करने पर सहमति जतायी।

क्रमांक-984/नागेश/नोहर


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