बिलासपुर : छः माह से अधिक सीमांकन प्रकरण लंबित रखने वाले तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश

 

 

राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित              

बिलासपुर/12 अक्टूबर 2017

जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने छः माह से अधिक समय तक सीमांकन प्रकरण लंबित रखने वाले तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।             

        मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि नक्शा अपडेशन के साथ-साथ बटांकन का कार्य भी होना चाहिए। जिले में नामांतरण के प्रकरण जो छः माह से अधिक समय से लंबित है, उन पर भी कलेक्टर ने असंतोष जारी किया। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से कहा कि मौके पर जाकर देखें कि लंबित प्रकरणों की संख्या क्यों बढ़ रही है। उन्होंने न्यायालयवार प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। प्रकरणों को समयसीमा में निपटारा करने कहा। समय पर रिपोर्टिंग नहीं करने पर तहसीलदारों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पटवारी, आरआई के कार्यालय में यदि बाहरी व्यक्ति सरकारी कामकाज करते पाये गये, तो उन पर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा। कर्मचारी अपना कार्य गंभीरता से करे यह देखना अधिकारी का कार्य है। ई-कोर्ट में दर्ज होने वाले प्रकरणों की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि ई-कोर्ट में प्रकरणों को इस माह तक दर्ज करें। पटवारियों द्वारा डिजिटल सिगनेचर से अभिलेखों के सत्यापन कार्य की प्रगति पर असंतोष जताया। भूईयां भू-नक्शा में अंतर की प्रगति, अभिलेख अद्यतन, नक्शा बटांकन, कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक आरआई सर्किल में हर माह कम से कम 200 बटांकन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। जो आर.आई. यह नहीं करेंगे, उन पर कार्यवाही की जायेगी। खातों में आधार सीडिंग कार्य में गति लाने के निर्देश दिये।

फसल कटाई प्रयोग गंभीरता से करें -

           प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत मोबाईल एप के माध्यम से फसल कटाई प्रयोग एवं डाटा एन्ट्री की प्रगति की समीक्षा की गई। इस वर्ष फसल कटाई प्रयोग मोबाईल एप से किया जा रहा है। मक्का, उड़द फसल पर फसल कटाई प्रयोग हो रहे हैं। जिले के 645 ग्राम पंचायतों में धान सिंचित के लिए 2072, धान असिंचित के लिए 2272, मंूगफली फसल के लिए 95, तुअर फसल के 112, सोयाबीन फसल के लिए 16, मक्का फसल के लिए 544, उड़द फसल के लिए 88 इस तरह 5 हजार 200 फसल कटाई प्रयोग करने का लक्ष्य है। कलेक्टर ने फसल कटाई प्रयोग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। फसल कटाई प्रयोग के आधार पर ही किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा।

समय पर हो जाये भू-अर्जन का मुआवजा वितरण-

                                                बैठक में भू-अर्जन के प्रकरण की जानकारी ली।  भू-अर्जन के 313 प्रकरणों में से 127 प्रकरण निराकृत किये गये हैं। कलेक्टर ने कहा कि त्वरित गति से लंबित प्रकरणों का निराकरण करें और समय पर मुआवजा वितरित हो जाये। सार्वजनिक उद्देश्य से किये जा रहे भू-अर्जन की जमीन की खरीदी, बिक्री हो रही है, तो इसके लिए तहसीलदार और आरआई को जिम्मेदार माना जायेगा। कलेक्टर ने सूखें से निपटने हेतु कार्ययोजना की समीक्षा की और कहा कि सिंचाई के लिए तालाब या नहर काटे जाते हैं, तो तत्काल गिरफ्तारी की जाये। नहरों की पेट्रोलिंग का कार्य मुस्तैदी से करें। नालाबधान के कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों से गुड गावर्नेंस के लिए कार्य करने कहा। राजस्व के साथ-साथ क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कड़ी नजर रखें। स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी केन्द्रो का सत्त निरीक्षण होना चाहिए। धान खरीदी के लिए तैयारी के निर्देश दिये। आबादी सर्वेक्षण, अभिलेख अद्यतन, लोक सेवा केन्द्र, निर्वाचन से संबंधित कार्यों से संबंधित निर्देश दिये गये।

            बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री के.डी. कुंजाम, श्री मंडावी, संयुक्त कलेक्टर श्री राजेन्द्र गुप्ता, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। 

समाचार क्रमांक/7308/अग्रवाल   


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