रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना में अब तक एक लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने किया राजधानी का अध्ययन भ्रमण

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री

एवं अधिकारी कर चुके हैं योजना की तारीफ

निर्वाचित प्रतिनिधियों के अध्ययन, सशक्तिकरण और शिक्षण-प्रशिक्षण की

अनूठी योजना

 

रायपुर. 22 अक्टूबर 2017

राज्य के विकास को जन-जन तक पहुंचाने एवं पंचायतों और सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना हमर छत्तीसगढ़ के तहत अब तक एक लाख जनप्रतिनिधि राजधानी के अध्ययन भ्रमण पर आ चुके हैं। अध्ययन प्रवास पर अभी आए बस्तर, कांकेर और कोंडागांव के 447 पंच-सरपंचों के साथ ही यह संख्या अब एक लाख का आंकड़ा पार कर गई है।

पिछले साल 01 जुलाई 2016 को शुरू हुए हमर छत्तीसगढ़ योजना में अब तक एक लाख 346 निर्वाचित प्रतिनिधि अध्ययन यात्रा पर रायपुर पहुंचे हैं। इनमें ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों के 93 हजार 890 प्रतिनिधि तथा सहकारी संस्थाओं के छह हजार 456 प्रतिनिधि शामिल हैं। पिछले 15 महीनों में राज्य के सभी 27 जिलों और 146 विकासखंडों के पंचायत एवं सहकारिता प्रतिनिधि अध्ययन भ्रमण पर रायपुर पहुंचे हैं। अभी भ्रमण पर आए बस्तर संभाग के पंचायत प्रतिनिधियों में बस्तर जिले के 188, कोंडागांव के 171 एवं कांकेर जिले के 88 पंच-सरपंच शामिल हैं।

      दो वर्षों यानि 30 जून 2018 तक चलने वाली इस योजना में प्रदेश के लगभग दो लाख जनप्रतिनिधियों को रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन भ्रमण कराने का लक्ष्य है। देश भर में चर्चित हमर छत्तीसगढ़ योजना को देखने केन्द्रीय मंत्री सहित कई राज्यों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी आ चुके हैं। इनमें वर्तमान राष्ट्रपति और बिहार के तत्कालीन राज्यपाल श्री रामनाथ कोविंद, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत तथा झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सहित राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के मंत्री शामिल हैं। गत वर्ष 01 नवम्बर को राज्योत्सव का शुभारंभ करने आए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उस दौरान अध्ययन भ्रमण पर आए पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने योजना को काफी सराहा भी था। भारत सरकार के पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय सहित अनेक मंत्रालयों के अधिकारी भी योजना को जानने-समझने आवासीय परिसर पहुंचे हैं।

      गांवों और कस्बों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अध्ययन, सशक्तिकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण और उनका अनुभव संसार समृद्ध करने के उद्देश्य से इस अनूठी योजना की शुरूआत 01 जुलाई 2016 को की गई थी। नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान को योजना के आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। यहां पंचायत प्रतिनिधियों के पंजीयन, आवास, भोजन, शिक्षण-प्रशिक्षण और मनोरंजन की व्यवस्था है। योजना के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ दशक में हुए विकास कार्यों, कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में हो रही नित नई प्रगति एवं प्रदेश की संस्कृति व कला सहित शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।

अध्ययन भ्रमण पर पहुंचने वाले एक लाख प्रतिनिधियों में बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर वनांचलों के जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में हैं जिन्हें इस योजना की बदौलत पहली बार राजधानी देखने का मौका मिला। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और मंत्रीगण पंचायत प्रतिनिधियों से अपने निवास पर मुलाकात करते हैं। इस दौरान पंच-सरपंच उनसे अपने अध्ययन भ्रमण के अनुभव भी साझा करते हैं। कई विधायक भी यहां अपने क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों से मिलते हैं।

      अध्ययन भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की मिट्टी, पानी और वहां पाए जाने वाले विशेष प्रजाति का पौधा लेकर आते हैं। इसे वे नया रायपुर में लगाते हैं। इस तरह राजधानी नया रायपुर से प्रदेश का हर गांव जुड़ रहा है। दो दिनों के अध्ययन प्रवास के दौरान पंच-सरपंचों को जंगल सफारी, मंत्रालय, विधानसभा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, साइंस सेंटर, ऊर्जा पार्क, शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, फाइव-डी इमर्सिव डोम, माना विमानतल एवं पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण कराया जाता है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो के जरिए उन्हें छत्तीसगढ़ से जुड़े पौराणिक आख्यानों, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन में यहां के सेनानियों के योगदान तथा छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने की कहानी के साथ ही प्रदेश की उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी दी जाती है।

      भ्रमण के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवासीय परिसर में प्रशिक्षण एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया जाता है। इसमें वे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी अपने अनुभव साझा करते हैं। स्वच्छता एवं विधिक जागरूकता के लिए भी यहां नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आवासीय परिसर में विधिक सहायता क्लिनिक भी संचालित है जहां उन्हें निःशुल्क कानूनी परामर्श एवं सहायता दी जाती है। भ्रमण पर आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को योगाभ्यास भी कराया जाता है। योग प्रशिक्षक की देखरेख में वे विभिन्न आसनों का अभ्यास करते हैं। साथ ही उन्हें स्वस्थ और प्रसन्न रहने के गुर भी बताए जाते हैं।

क्रमांक-3096/कमलेश


Secondary Links