रायपुर : शा.दू.ब.कन्या महाविद्यालय की छात्राओं को मिली आठ नये कमरों की सौगात

कृषि मंत्री श्री अग्रवाल तथा उच्च शिक्षा मंत्री
श्री पाण्डेय ने किया लोकार्पण

 

रायपुर, 24 अक्टूबर 2017

कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने आज यहां शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं को आठ नये कमरों की सौगात दी। इन मंत्रियों ने महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अनुदान से निर्मित इन कमरों का लोकार्पण किया।
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि एक नये राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद छत्तीसगढ़ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लम्बी छलांग लगाई है। स्कूली शिक्षा के बाद महाविद्यालयीन शिक्षा लेने वाले युवाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य निर्माण के समय स्कूली शिक्षा लेने वाले बच्चों में से केवल ढाई प्रतिशत ही उच्च शिक्षा ले पाते थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 16 प्रतिशत हो गया है। छत्तीसगढ़ में आज विधि, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, पत्रकारिता, प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं युवाओं को बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा रही हैं। श्री अग्रवाल ने कहा है कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण की महती जिम्मेदारी उच्च शिक्षण संस्थाओं पर होती है। इन संस्थाओं से गुणवत्ता के साथ अधिक संख्या में युवा निकलें ऐसी हमारी कोशिश होनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजधानी रायपुर के दूधाधारी कन्या महाविद्यालय की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग पहचान है। इस महाविद्यालय का गौरवशाली इतिहास यहां पढ़ने वाली छात्राओं को प्रेरणा देता है। श्री अग्रवाल ने अपने महाविद्यालयीन शिक्षा के दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले तो कॉलेजों की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए आंदोलन करने में ही आधा समय निकल जाता था। आज छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में युवाओं को बेहतरीन सुविधाएं मिल रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि विगत 14 वर्षों में प्रदेश के महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं तेजी से बढ़ी है। हमारी सरकार नये कॉलेज खोलने के साथ-साथ पुराने कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने प्राथमिकता से कार्य कर रही हैं। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के 54 शासकीय महाविद्यालयों में दो-दो करोड़ रूपए की लागत से अध्ययन कमरे बनवाएं गए हैं। इनके अलावा राज्य के अन्य महाविद्यालयों में भी नये कमरे बनाने के लिए राज्य शासन ने एक-एक करोड़ रूपए दिए हैं। इन व्यवस्थाओं से आज हम 51 हजार से अधिक नये बच्चों को प्रवेश देने की स्थिति में आ गए हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि पुराने और स्थापित शासकीय महाविद्यालयों की एक अलग विश्वसनीयता है। इन महाविद्यालयों में आज की जरूरत के अनुरूप संकाय शुरू करने कार्य योजना बनाई गई है।
श्री पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को शहरों में उच्च शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवासीय महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। इन महाविद्यालयों में रोजगारमूलक पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। श्री पाण्डेय ने बताया कि आज महाविद्यालयों में छात्राओं का पंजीयन छात्रों से अधिक हो गया है। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 40 शासकीय महाविद्यालयों में वन-वे लाईव टीचिंग की कार्य योजना बनाई गई है। यह देश में अपनी तरह का नया और पहला प्रयोग होगा, जिसमें एक साथ 40 महाविद्यालयों के विद्यार्थी विषय-विशेषज्ञों से एक साथ शिक्षा प्राप्त करेंगे। इसके लिए राजधानी रायपुर में स्टूडियो का निर्माण किया जा रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए यह खुशी की बात है कि आज ही आल इंडिया बार एसोसिएशन ने रायगढ़ में बी.ए.एल.एल.बी. की पांच वर्षीय कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है। श्री पाण्डेय ने बताया कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ सुविधाओं का विस्तारीकरण प्रदेश सरकार की नीति है। श्री पाण्डेय ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग का पंचमुखी अभियान महाविद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने में कारगर साबित हो रहा है। महाविद्यालयों में बच्चों को शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। श्री पाण्डेय ने कहा कि शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या महाविद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह महाविद्यालय आज जिस ऊंचाई पर है, उसे बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा पाण्डेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की स्वर्णिम यात्रा का जिक्र करते हुए संस्था की विभिन्न जरूरतों और समस्याओं की ओर मंत्री द्वय का ध्यान आकर्षित किया। छात्रसंघ अध्यक्ष कुमारी स्वाति साहू ने महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं पर अपनी बात रखी। समारोह में महाविद्यालय की छात्रा कुमारी प्रियंका बिस्सा को वर्ष 2016-17 में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना के श्रेष्ठ स्वयं सेवक घोषित किए जाने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री द्वय ने महाविद्यालय के प्राणी शास्त्र विभाग के प्राध्यापक श्री अजीत हुण्डैत की पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का संचालन रूसा प्रभारी डॉ. उषाकिरण अग्रवाल ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सविता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी व्यास, शासकीय जे.आर. दानी कन्या विद्यालय सेवा समिति के अध्यक्ष श्री वर्धमान सुराना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं महाविद्यालय परिवार के सदस्य और छात्राएं उपस्थित थीं।

 

क्रमांक-3123/राजेश

 


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