रायपुर : पंचायत मंत्री श्री चंद्राकर की अध्यक्षता में दो दिवसीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

अधिकारी बिना दबाव पूरे मनोबल से करें काम: श्री अजय चन्द्राकर

प्रदेश के 27 जिला पंचायत, 85 जनपद पंचायतों सहित
 सभी ग्राम पंचायतों में बनेंगे बिहान बाजार


रायपुर, 10 नवम्बर 2017

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आज यहां सम्पन्न हो गई। श्री चंद्राकर ने बैठक के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए अधिकारियों को सरकार की रीति-नीति और शासकीय नियम कायदों के अनुसार पूरे मनोबल, निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा-योजनाओं के विस्तार को देखते हुए दो दिवसीय समीक्षा बैठक हालांकि कम है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक स्तर पर इसके परिणाम प्रभावकारी होंगे। बैठक निकटवर्ती ग्राम निमोरा स्थित ठाकुर प्यारे लाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में रखी गयी थी। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत, सचिव श्री पी.सी. मिश्रा सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री चन्द्राकर ने अधिकारियों से कहा - पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत होने के कारण गांव, गरीब और किसानों के सामाजिक-आर्थिक विकास में आपकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में अच्छे काम के लिए पहचान बनाने का अच्छा मौका होता है। समाज के विकास के लिए हमेशा आपकी उपयोगिता बनी रहना चाहिए। गांवों में छोटी-छोटी समस्याएं होती हैं। गांव के लोगों में आपके कार्यो से कितना परिवर्तन हुआ यह समाज और देश के लिए ज्यादा महत्व रखता है। श्री चन्द्राकर ने कहा - प्रदेश के गरीब परिवारों के महिलाओं को आजीविका मिशन में जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जाए। समूहों की महिलाओं को परंपरागत गतिविधियों में बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करें और उनके द्वारा निर्मित सामाग्रियों और कला-कृतियों के विक्रय के लिए भी बाजार उपलब्ध कराया जाए। श्री चन्द्राकर ने इसके लिए प्रदेश के सभी 27 जिला पंचायतों और आजीविका मिशन संचालित सघन 85 विकासखण्ड कार्यालयों तथा ग्राम पंचायत कार्यालयों के समीप ’बिहान बाजार‘ के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त सभी ग्राम पंचायतों में अटल व्यवसायिक परिसर निर्माण करने और वहां समूहों द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का बिहान बाजार में मौका देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना पूर्ण होने पर वहां शत-प्रतिशत उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। श्री चन्द्राकर ने आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), पंचायती राज, सासंद आर्दश ग्राम योजना, विधायक आर्दश ग्राम योजना, रूर्बन मिशन और हमर छत्तीसगढ़ योजना की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के 146 विकासखण्डों में से सघन 85 विकासखण्ड का चयन किया गया है। इन विकासखण्डों में योजना के तहत लगभग पचीस लाख लक्षित परिवार है। इनमें से अब तक साढ़े आठ लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के महिला सदस्यों द्वारा 14 जिले के 29 विकासखण्ड में संवहनीय कृषि की जा रही है। संवहनीय कृषि के तहत महिला किसानों द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने का कार्य भी किए जा रहे हैं। राज्य में डेढ़ लाख महिलाओं को संवहनीय कृषि से जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक एक लाख 25 हजार से अधिक महिला किसानों को जोड़ा जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के एक हजार 926 महिला स्व-सहायता समूहों को ईट निर्माण के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में एक हजार 856 समूह के सदस्यों द्वारा 16 करोड़ 70 लाख ईंट निर्माण किया गया है। अब तक समूहों द्वारा निर्मित 10 करोड़ 60 लाख ईंटों का उपयोग विभागीय अभिसरण-प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण और आंगनबाड़ी निर्माण आदि कार्यो में उपयोग किया जा रहा है।

 

क्रमांक-3415/ओम

 


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