बलरामपुर : उत्साह से सुना ’’रमन के गोठ’’ कार्यक्रम

बलरामपुर 12 नवम्बर 2017

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 27वीं कड़ी का प्रसारण ’’रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को आज विकासखण्ड राजपुर के बालक प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक के छात्रों ने बड़े उत्साह पूर्वक सुना। छात्रों ने मुख्यमंत्री द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के प्रतिभावान बच्चों के संबंध में जो जानकारी दी। इससे उनके मन में भी उत्साह का संचार हुआ है।
डॉ. रमन सिंह ने अपने मासिक वार्ता मंे बताया कि 15 नवम्बर से 31 जनवरी 2018 तक सभी धान उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मोटा धान 1550 रूपए प्रति क्विंटल तथा पतला धान 1590 रूपए प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। इसके साथ ही प्रति क्विंटल 300 रूपये के दर से धान बोनस भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि औसतन साढ़े 5 ग्राम पंचायतों के बीच एक धान खरीदी केन्द्र की स्थापना की गई है। धान खरीदी केन्द्र 1 हजार से बढ़कर 1 हजार 992 कर दिए गए हैं। धान बेचने के लिए इस वर्ष 1 लाख 27 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। इस तरह अब धान बेचने वालों की संख्या 15 लाख 79 हजार हो जाएगी, जो अब-तक की सर्वाधिक संख्या है। डॉ. सिंह ने बताया कि धान की तरह प्रदेश के किसानों द्वारा मक्के का उत्पादन भी किया जा रहा है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर 15 नवम्बर से 31 मई 2018 तक मक्के की खरीदी की जाएगी। मक्के के समर्थन मूल्य में 60 रूपये की वृद्धि करते हुए 1 हजार 425 रूपए प्रति क्विंटल का दर निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में बहुतायत की संख्या में तेन्दूपŸाा का संग्रहण किया जाता है। तेन्दूपŸाा के 1800 रूपये प्रति मानक बोरा के दर को बढ़ाकर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि तेन्दूपŸाा संग्राहकों को प्रति वर्ष चरण-पादुका भी प्रदान किया जाता है। डॉ. सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 के तेन्दूपत्ता बोनस की राषि 274 करोड़ 38 लाख रूपए का भुगतान किया जाना है। यह राशि 901 समितियों के अंतर्गत कार्यरत लगभग 14 लाख तेन्दूपत्ता मजदूरों को मिलेगी। उन्होंने तेन्दूपŸाा संग्राहक परिवारों के बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृŸिा का उल्लेख करते हुए बताया कि ऐसे परिवारों के कई बच्चे इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्ययन सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। लगभग 14 लाख परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन तेन्दूपत्ता है। 1 से 10 दिसम्बर तक तेन्दूपŸाा बोनस तिहार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लोगों को बोनस राशि के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। 13 वर्षो में 1 हजार 842 करोड़ रूपए का संग्रहण पारिश्रमिक तथा 1 हजार 235 करोड़ रूपए का बोनस दिया गया है। तेन्दूपत्ता संग्र्राहक परिवार के बच्चों को प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति दी जी रही है।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 लाख 63 हजार से ज्यादा परिवारों को वन अधिकार मान्यता-पत्र दिया गया है तथा करीब 12 हजार सामुदायिक वन अधिकार पत्र दिए गए हैं। खेती के लिए वनवासी परिवारों को 2 लाख 58 हजार हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।
डॉ. सिंह ने बताया है कि सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश के सभी ग्रामों में सितम्बर 2018 तक बिजली कनेक्षन पहंुचा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली पहुंचाने हेतु मात्र 465 ग्राम एवं लगभग 7 हजार मजरे-टोले शेष हैं। उन्होंने बताया कि सौर सुजला योजना के तहत 51 हजार किसानों को सोलर पम्प काफी किफायती दाम पर दिया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों से बुजुर्गो के मान-सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन सेल का संचालन हेल्पेज इंडिया, स्वयंसेवी संस्था एवं छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस सेल में टोल-फ्री नम्बर 1800-180-1253 तथा हेल्प लाइन नम्बर 0771-2511253 के माध्यम से सम्पर्क किया जा सकता है।
क्रमांक 920

 


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